एमपी में UCC कमेटी की चेयरमैन बन सकती हैं सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना देसाई

Aman Vaishnav | Apr 09, 2026, 10:00 IST
mp ucc committee ranjana prakash desai chairperson
मध्य प्रदेश सरकार यूसीसी यानी समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए कमेटी बनाने की तैयारी में है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई को इसका अध्यक्ष बनाए जाने की तैयारी है। गुजरात और उत्तराखंड में भी यही काम उनकी अगुवाई में हुआ था।

News In Short

  • मध्य प्रदेश सरकार यूसीसी (Uniform Civil Code) यानी समान नागरिक संहिता लाने की तैयारी में है।
  • इसके लिए एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी, जिसकी अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई हो सकती हैं।
  • गुजरात और उत्तराखंड में भी यूसीसी बिल उन्हीं की अगुवाई में बनाया गया था।
  • सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सबके लिए कानून एक जैसा होना चाहिए।
  • शासन स्तर पर जल्द मीटिंग प्रस्तावित है, कमेटी में 5 से 6 सदस्य होंगे।

News In Detail

एमपी में UCC की तैयारी शुरू

मध्य प्रदेश सरकार यूसीसी यानी समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की जाएगी। सूत्रों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई इस कमेटी की चेयरमैन बन सकती हैं।



कमेटी में उनके साथ 5 से 6 सदस्य भी होंगे। इनमें हाईकोर्ट के पूर्व जज, रिटायर्ड आईएएस अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि और वरिष्ठ वकील शामिल होंगे। शासन स्तर पर इसे लेकर जल्द ही बैठक प्रस्तावित है।



रंजना देसाई को ही क्यों ?

मध्य प्रदेश सरकार ने गुजरात और उत्तराखंड से यूसीसी बिल बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी मांगी थी। दोनों राज्यों ने बताया कि उनके यहां यह काम जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में हुआ। इसी वजह से एमपी सरकार भी उन्हें यह जिम्मेदारी देने पर विचार कर रही है।



गुजरात में मार्च 2025 में उनकी अध्यक्षता में कमेटी बनी थी। इसमें रिटायर्ड आईएएस सीएल मीणा, वरिष्ठ अधिवक्ता आरसी कोडेकर, पूर्व कुलपति डॉ. दक्षेश ठाकर और सामाजिक कार्यकर्ता गीता श्राफ भी शामिल रहे थे। इस कमेटी ने सिर्फ एक साल में बिल तैयार कर लिया।



कमेटी का काम करने का तरीका बेहद व्यवस्थित रहा। कई बैठकें हुईं। आम लोगों की राय ली गई। हर वर्ग, हर समाज के प्रतिनिधियों से बात की गई। इसके बाद जो बिल तैयार हुआ, वह बिना किसी संशोधन के पास हो गया। एमपी सरकार भी इसी मॉडल पर चलना चाहती है।



सीएम मोहन यादव ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान यूसीसी पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि 1951 में जब एक देश, एक निशान, एक प्रधान का नारा दिया गया था, उसे अब जमीन पर उतारने का वक्त आ गया है।



उन्होंने कहा कि चाहे हिंदू हो या मुसलमान, ऊंचा हो या नीचा, सबके लिए कानून एक जैसा होना चाहिए। इसीलिए कॉमन सिविल कोड (Common Civil Code) की तरफ हमारी सरकार धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है।



सीएम ने साथ ही कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई फैसलों की कीमत देश ने चुकाई है। अब उन्हें ठीक किया जा रहा है।



मंत्री विश्वास सारंग ने भी दिया बयान

खेल एवं युवक कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने भी यूसीसी के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ी के लिए देश में एकरूपता जरूरी है। कानून सबके लिए एक होना चाहिए, उसमें जाति और धर्म का भेद नहीं होना चाहिए।



सारंग ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश में विघटन की राजनीति की और एक वर्ग विशेष को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा, कांग्रेस के पाप को हम सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।



आगे क्या होगा?

अभी कमेटी का औपचारिक गठन बाकी है। शासन स्तर पर बैठक होने के बाद इसकी घोषणा की जाएगी। गुजरात और उत्तराखंड के मॉडल को देखते हुए यह माना जा रहा है कि एमपी में भी कमेटी एक तय समयसीमा में बिल का मसौदा तैयार करेगी।



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