सिंहस्थ 2028 के लिए काशी और उज्जैन के बीच साझेदारी मजबूत, सीएम मोहन यादव ने किए एमओयू साइन

Jitendra Shrivastava | Mar 31, 2026, 17:30 IST
Photograph: (THESOOTR)
VARANASI. सीएम मोहन यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का दौरा किया और एमपी-यूपी सहयोग पर चर्चा की, पर्यटन और छोटे उद्योगों के विकास पर फोकस किया।

News In Short

  • सीएम यादव ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का दौरा किया।
  • एमपी-यूपी सहयोग बढ़ाने के लिए चर्चा की गई।
  • धार्मिक पर्यटन और छोटे उद्योगों पर जोर दिया गया।
  • काशी में भीड़ प्रबंधन और तीर्थयात्री प्रबंधन पर चर्चा।
  • दोनों राज्यों के लिए एमओयू साइन होंगे।

News In Detail

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 31 मार्च, मंगलवार को वाराणसी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने काशी विश्वनाथ के दर्शन किए और कॉरिडोर घूमे। साथ ही दोनों राज्यों मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की।



सीएम ने धार्मिक पर्यटन, छोटे उद्योगों और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी बात की। उनका उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक, धार्मिक और आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देना था।



CM ने की क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम की सराहना

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हाल ही में काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।



इस दौरान सीएम यादव ने काशी विश्वनाथ धाम के क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर में भीड़ को अच्छे तरीके से प्रबंधित किया जा रहा है, वही प्रबंधन हम उज्जैन के सिंहस्थ में भी लागू करना चाहते हैं।



एमपी और यूपी सरकार के बीच सशक्त साझेदारी

सीएम यादव ने काशी में बाबा महाकाल और काशी विश्वनाथ के बारे में योजनाओं और जानकारियों का आदान-प्रदान किया। इस उद्देश्य के लिए दोनों राज्यों के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (Memorandum of Understanding) भी साइन किया गया।



सीएम ने कहा कि हम चाहते हैं कि दर्शनों के लिए आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिले। इस दौरान उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ और उज्जैन सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का भी अध्ययन किया, ताकि इन आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुविधाएं बेहतर बनाई जा सकें।



सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत समझौते

2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेला को लेकर महत्वपूर्ण तैयारियां की जा रही हैं। इस आयोजन में लाखों श्रद्धालु जुड़ते हैं, और इस बार व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए सीएम यादव ने काशी के क्राउड मैनेजमेंट मॉडल का अध्ययन किया है।



इसके अलावा, मंत्री नंद गोपाल नंदी की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार से सात से अधिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ मेले के आयोजन को सुचारु और व्यवस्थित बनाना है।



औद्योगिक, शिल्प और पर्यटन क्षेत्र में नई दिशा

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच 2026 में आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में दोनों राज्यों की औद्योगिक क्षमताओं, पारंपरिक शिल्प, ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) योजना और जीआई टैग उत्पादों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस सम्मेलन में कृषि और खाद्य उत्पादों, निवेश के अवसरों और पर्यटन संभावनाओं के संबंध में साझा विचार प्रस्तुत किए गए। यह सम्मेलन दोनों राज्यों के बीच बेहतर औद्योगिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।



काशी विश्वनाथ कॉरिडोर देखा

varanasi visit


सीएम मोहन यादव ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया। यहां उन्होंने तीर्थयात्रियों के प्रबंधन प्रणाली और भीड़ नियंत्रण के उपायों को समझा। यह कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया था, जो अब एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल बन चुका है। सीएम यादव ने यहां के अधिकारियों से मुलाकात की और काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए प्रबंधन व्यवस्था का ध्यान से अवलोकन किया।



एमपी-यूपी में मजबूत साझेदारी

सीएम मोहन यादव ने उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के बीच औद्योगिक और धार्मिक साझेदारी को और मजबूत करने की बात की। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच सहयोग से न केवल धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।



सीएम यादव ने उदाहरण के तौर पर उत्तरप्रदेश में बनारसी साड़ी की विरासत का हवाला देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में भी चंदेरी और महेश्वरी साड़ी उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है।



गंगा पूजा कर लिया आशीर्वाद

varanasi visit (2)


सीएम यादव ने वाराणसी में मां गंगा के तटों पर पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने गंगा नदी की सुरक्षा और संरक्षण पर भी जोर दिया। यह पहल दोनों राज्यों के बीच जल संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी। गंगा की पूजा करके सीएम यादव ने धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का संदेश दिया।



छोटे उद्योगों पर फोकस

सीएम यादव ने दोनों राज्यों के बीच छोटे उद्योगों और हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि उत्तरप्रदेश में ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) योजना को काफी सफलता मिली है, और मध्यप्रदेश में भी इसी तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। चंदेरी, महेश्वरी साड़ी जैसे छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए दोनों राज्य मिलकर काम करेंगे।



धार्मिक पर्यटन और चुनौतियां

varanasi visit (3)


मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तरह मध्यप्रदेश में भी धार्मिक पर्यटन को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ के दौरान भीड़ प्रबंधन की रणनीतियां काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से प्रेरित होंगी। इस दौरान, धार्मिक पर्यटन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई, ताकि पर्यटन क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का समाधान किया जा सके।



दोनों राज्यों की भविष्य की योजनाएं

सीएम यादव ने इस दौरान दोनों राज्यों के बीच भविष्य की योजनाओं का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के बीच जल प्रबंधन, सौर ऊर्जा परियोजनाओं, और नदी जोड़ो परियोजना पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से न केवल दोनों राज्यों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि पूरे देश की समृद्धि में योगदान होगा।



एमपी-यूपी सहयोग को नई दिशा

सीएम यादव ने यह भी कहा कि इस दौरे के दौरान दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक और धार्मिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते होंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही इन योजनाओं को लागू करने के लिए दोनों राज्यों के बीच एमओयू साइन किए जाएंगे। इस कदम से धार्मिक पर्यटन और छोटे उद्योगों को नए आयाम मिलेंगे, और दोनों राज्यों के बीच समृद्धि का मार्ग खुलेगा।



CM यादव की यात्रा का उद्देश्य

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य दोनों राज्यों के युवाओं को रोजगार दिलाना और गरीबी उन्मूलन के लिए काम करना है। इसके लिए उन्होंने छोटे उद्योगों के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच सहयोग से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और जनता की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आएगा।



निष्कर्ष

सीएम मोहन यादव का वाराणसी दौरा न केवल मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच धार्मिक और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने वाला था, बल्कि इसने दोनों राज्यों के बीच नए विकास के अवसर भी खोले हैं। धार्मिक पर्यटन से लेकर छोटे उद्योगों तक, इस दौरे ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और भविष्य में इन पर सहयोग बढ़ाने के लिए योजनाएं बनाई।



ये खबरें भी पढ़ें...



सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन, सीआईडी की विजिलेंस विंग लेगी भ्रष्ट पुलिस वालों पर एक्शन



MP स्कूल शिक्षा विभाग में 5 दिन का प्रशासनिक फेरबदल: शिल्पा गुप्ता अवकाश पर, संजय गोयल संभालेंगे जिम्मेदारी



1 अप्रैल से महंगा होगा दूध, इंदौर-धार में बढ़े दाम, जानें भोपाल में एक लीटर की कीमत कितनी होगी



पेट्रोल-डीजल खरीदने के नियम बदले, अब पहचान पत्र दिखाने पर ही मिलेगा, SOP में बड़ा बदलाव







Tags:
  • सीएम मोहन यादव
  • पर्यटन
  • एमओयू
  • वाराणसी
  • काशी विश्वनाथ
  • काशी विश्वनाथ कॉरिडोर