मानसून सत्र में एक साथ कई नए कानूनों की तैयारी, सरकार का फोकस सिर्फ यूसीसी नहीं
समझें क्या है पूरा मामला
- 20 जुलाई से शुरू होगा पांच दिवसीय मानसून सत्र।
- करीब 11 महत्वपूर्ण विधेयकों पर अंतिम तैयारी।
- यूसीसी का ड्राफ्ट लगभग तैयार, जल्द सरकार को सौंपा जाएगा।
- नया अग्निशमन कानून भी सदन में आ सकता है।
- शिक्षा, पंचायत, वित्त, श्रम और राजमार्ग से जुड़े विधेयक भी प्रस्तावित।
मध्य प्रदेश सरकार आगामी विधानसभा सत्र को सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं रखना चाहती। सरकार एकसाथ कई अहम कानूनों और संशोधन विधेयकों के जरिए प्रशासन, शिक्षा, और नागरिक सेवाओं से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी कर रही है। करीब 11 महत्वपूर्ण विधेयकों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिनमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और नया अग्निशमन कानून सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।
सरकार का फोकस सिर्फ यूसीसी नहीं
हालांकि समान नागरिक संहिता(UCC) सबसे चर्चित विषय बनी हुई है, लेकिन सरकार का पूरा विधायी एजेंडा इससे कहीं बड़ा नजर आ रहा है। विभिन्न विभागों ने अपने-अपने प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं और अधिकांश विधेयक अंतिम कानूनी परीक्षण के दौर में हैं।
यूसीसी पर अंतिम तैयारी
मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक लाने की मंशा जता चुके हैं। इसके लिए गठित समिति ने ड्राफ्ट को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। सरकार को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर इसे विधानसभा में पेश किया जा सकता है।
शहरों के लिए नया फायर सेफ्टी कानून
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक, 2026 का मसौदा तैयार कर लिया है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण, ऊंची इमारतों और औद्योगिक विस्तार को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के प्रावधान इसमें शामिल किए गए हैं।
वित्त और शिक्षा से जुड़े भी अहम प्रस्ताव
वित्त विभाग मध्य प्रदेश विनियोग विधेयक, 2026 और उपकर संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है। वहीं उच्च शिक्षा विभाग निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े संशोधन और निजी कोचिंग संस्थानों के पंजीयन एवं विनियमन संबंधी नया विधेयक सदन में प्रस्तुत कर सकता है। दोनों प्रस्तावों का विधिक परीक्षण पूरा हो चुका है।
गांव से लेकर राजमार्ग तक बदलाव की तैयारी
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन विधेयक पर काम कर रहा है। वहीं नागरिक सुरक्षा संहिता में संशोधन, श्रम संहिता और राजमार्ग संशोधन विधेयक भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं। इन प्रस्तावों पर विधि विभाग में अंतिम परिमार्जन की प्रक्रिया जारी है।
एक और बड़ा विधेयक भी तैयारी में
सूत्रों के अनुसार सूचीबद्ध विधेयकों के अलावा सरकार एक और महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। हालांकि अभी उसके विषय का औपचारिक खुलासा नहीं किया गया है। ऐसे में मानसून सत्र में कई नए कानूनों और नीतिगत फैसलों पर राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।
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