विदिशा में फर्जी कंपनी बनाकर लूटे करोड़ों, 25 राज्यों तक फैले जालसाजी के तार

Aman Vaishnav | Mar 03, 2026, 13:44 IST
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एमपी के विदिशा में जालसाजों ने 23 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की है। आरोपियों ने म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल करके लोगों के बैंक खातों से पैसे ठगे थे। पूरा मामला जानने के लिए खबर को आखिरी तक पढ़ें।

News in Short

  • आरोपियों ने ट्यूनिटी वेंचर नाम से फर्जी कंपनी का बैंक खाता खुलवाया था।
  • एसबीआई की विदिशा शाखा से 23 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन किया गया था।
  • ठगों ने महज कुछ महीनों में 1.5 लाख से ज्यादा ट्रांजेक्शन किए थे।
  • पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

News In Detail

साइबर अपराधियों ने अब मध्य प्रदेश के विदिशा को ठगी का नया केंद्र बना दिया है। अपराधियों ने एक फर्जी कंपनी के नाम पर म्यूल अकाउंट्स* के जरिए करोड़ों रुपए का खेल खेला। जब तक बैंक और पुलिस इस मामले को समझ पाते इससे पहले ही अपराधियों ने करोड़ों की रकम पार कर ली थी। यह मामला तकनीकी चतुराई और बैंकिंग सिस्टम की खामियों को उजागर करता है।



क्या है पूरा मामला?

विदिशा जिले में तीन जालसाजों ने फर्जी कंपनी बनाकर लोगों के बैंक खातों से 23 करोड़ से ज्यादा रुपए की ठगी कर ली है। मामले की जानकारी मिलते ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अफसरों में हड़कंप मच गया था। उन्होंने तुरंत विदिशा के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी।



पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और एक और आरोपी को 2 मार्च को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। वहीं तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।



कैसे हुई 23 करोड़ की हेरा-फेरी?

जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने सितंबर 2025 में ट्यूनिटी वेंचर नाम से एक खाता खुलवाया था। ये खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में था। खाता खुलवाने के बाद इस खाते के जरिए बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेन-देन होने लगे थे।



पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने डेढ़ लाख से भी ज्यादा ट्रांजेक्शन किए थे। इनमें 10 हजार रुपए से लेकर 50 लाख रुपए तक की रकम शामिल थी। इन ट्रांजेक्शनों के जरिए 23 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि खाते में जमा की गई थी। हैरानी की बात ये है कि इतनी बड़ी राशि को तुरंत निकाल लिया गया था।



शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

बताया जा रहा है कि ये पूरा नेटवर्क म्यूल खातों के जरिए चल रहा था। इनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए किया जाता था। काफी समय तक भारी ट्रांजेक्शन्स के बावजूद इन खातों पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई थी।



जब अलग-अलग राज्यों से शिकायतें आनी शुरू हुईं तब ये मामला गंभीर हुआ। आखिरकार लगभग 25 से ज्यादा राज्यों की एसबीआई शाखाओं ने इस खाते को फ्रीज करने की कार्रवाई की थी।



खाते में अभी भी 6 लाख रुपए

आखिरकार विदिशा की वाणिज्य शाखा ने इस खाता को सील कर दिया है। पटना, बिहार स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा की शिकायत के बाद ये खाता सील हुआ है। आरोपी इस वक्त तक सारे पैसे निकाल चुके थे। जानकारी के अनुसार खाते में अभी लगभग 6 लाख रुपए बाकी बताए जा रहे हैं।



Sootr Knowladge

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