भोपाल‑इंदौर‑उज्जैन में वक्फ बोर्ड का बड़ा एक्शन, अब माफियाओं की नहीं चलेगी चाल

Sanjay Dhiman | May 25, 2026, 11:00 IST
Photograph: (the sootr)
नया वक्फ संशोधन कानून लागू होते ही मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड फुल एक्शन मोड में आ गया है। बोर्ड ने वक्फ माफियाओं पर शिकंजा कसते हुए भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई जिलों में कुल 41 करोड़ रुपए से अधिक के वसूली नोटिस जारी किए हैं।

पांच प्वाइंट में समझें पूरा मामला

  • नया वक्फ कानून आते ही एमपी वक्फ बोर्ड भारी एक्शन में आ गया है।
  • वक्फ संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों को 41 करोड़ के नोटिस जारी हुए।
  • यतीमखाना शाहजहांनी के प्रबंधक को 28.96 करोड़ का सबसे बड़ा नोटिस मिला।
  • उम्मीद पोर्टल पर ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज कराने में मध्यप्रदेश देश में नंबर वन है।
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव मेधावी छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप देकर सम्मानित करेंगे।

मध्यप्रदेश में नया वक्फ संशोधन कानून लागू होने के बाद वक्फ बोर्ड ने कार्रवाई की रफ्तार बढ़ा दी है। बोर्ड ने उन लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं जिन्होंने वक्फ संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया या अवैध कब्जा किया है। कुल मिलाकर 41 करोड़ रुपए से ज्यादा की वसूली के नोटिस भेजे गए हैं।



भोपाल के वक्फ यतीमखाना शाहजहानी के प्रबंधक को अकेले 28.96 करोड़ रुपए का नोटिस जारी किया गया। यह वक्फ बोर्ड का अब तक का सबसे बड़ा नोटिस बताया जा रहा है।



अन्य जिलों में वसूली की कार्रवाई

उज्जैन में मदर गेट मामले में 7.21 करोड़ रुपए, सागर के बीना बजरिया जामा मस्जिद मामले में 1.84 करोड़, इंदौर के बड़वाली चौकी प्रकरण में 1.24 करोड़ और भोपाल के वक्फ हिंदू अनाथालय मामले में 1.05 करोड़ रुपए की वसूली की कार्रवाई हुई।



नए वक्फ संशोधन बिल के तहत सभी संपत्तियां ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करवाई गई हैं। मप्र वक्फ बोर्ड ने उम्मीद जताई है कि पोर्टल रिकॉर्ड में यह प्रदेश देश में नंबर वन बन सकता है।



बोर्ड अध्यक्ष का बयान: शिक्षा पर जोर

बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। बोर्ड ने 1552 विद्यार्थियों को स्कूल ड्रॉप आउट से बचाने के लिए आर्थिक सहायता दी है।



साथ ही, मुख्यमंत्री सोमवार को भोपाल के 849 मेधावी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देकर सम्मानित करेंगे। हर जिले में छात्रवृत्ति देने का अभियान जारी है।



एमपी वक्फ बोर्ड देश में नंबर वन

नए वक्फ कानून के आने के बाद से सारा सिस्टम डिजिटल हो गया है। अब वक्फ की सभी संपत्तियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है। इससे कागजी हेरफेर और अवैध कब्जों की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।



इस डिजिटल रेस में मध्यप्रदेश ने पूरे देश में बाजी मार ली है। 'उम्मीद पोर्टल' पर अपना पूरा रिकॉर्ड दर्ज कराने में एमपी वक्फ बोर्ड नंबर वन आया है। इस पारदर्शिता से वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा काफी हद तक पक्की हो गई है।



नया वक्फ कानून और इसके प्रभाव

नया वक्फ संशोधन कानून वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा को मजबूत बनाता है। अब बोर्ड के पास अवैध कब्जों और प्रबंधकों की जवाबदेही तय करने का अधिकार है। इससे वक्फ माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई संभव हो सकेगी।



यह खबरें भी पढ़ें...



MP में पेट्रोल 115 रुपए प्रति लीटर, डीजल ₹100 पार, जानिए आपके जिले में क्या है दाम



सुप्रीम कोर्ट से लेकर जिला अदालत तक आज होगी ट्विशा शर्मा सुसाइड केस की सुनवाई



इंदौर हनीट्रैप में छत्तीसगढ़ DIG का नाम आने से पुलिस महकमे में हड़कंप



मुख्य सचिव की हाईलेवल बैठकों से बुझेगी प्यास या फिर दोहराएगा दूषित पानी का संकट ?



Tags:
  • भोपाल
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव
  • एमपी वक्फ बोर्ड
  • नोटिस
  • वक्फ संशोधन बिल