MP Weather Alert : कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी, डैमों के गेट खोले गए, जानें आपके जिले का हाल

Sourabh Bhatnagar | Jul 26, 2025, 13:24 IST
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मध्यप्रदेश में साइक्लोनिक सकुर्लेशन, लो प्रेशर और डिप्रेशन की वजह से भारी बारिश हो रही है, जिससे जलभराव और बाढ़ की स्थिति हो गई है। मौसम विभाग ने 41 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मध्यप्रदेश में साइक्लोनिक सकुर्लेशन, लो प्रेशर एरिया और डिप्रेशन के कारण तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, इन मौसमी घटनाओं के कारण कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। इससे जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो गई हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में पहले से भारी बारिश हो चुकी है। आगे और बारिश की संभावना जताई गई है। शनिवार को प्रदेश के 41 जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट है।



ग्वालियर में बारिश ने तोड़ा 90 साल का रिकॉर्ड

ग्वालियर में इस बार बारिश ने 90 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। आजादी के बाद से यह सबसे भारी बारिश का साल रहा है। अब तक इस सीजन में 926 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। वहीं पिछले 24 घंटे में 180 मिलीमीटर बारिश हुई है। इस रिकॉर्ड बारिश के साथ-साथ ग्वालियर में भ्रष्टाचार के चलते बनाई गई सड़कों की भी पोल खुल गई है। शहर के मुख्य क्षेत्र फूलबाग चौपाटी की सड़क भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है। सड़क पर एक या दो नहीं, बल्कि 8 से ज्यादा जगहों पर गड्ढे बन गए हैं, जिनमें कुछ गड्ढे 5 से 6 फीट गहरे हैं।





एमपी के विभिन्न जिलों में बारिश का प्रभाव

  • भोपाल में शुक्रवार रात से ही तेज बारिश हो रही है। शहर के बाहरी इलाकों में बारिश का प्रभाव अधिक देखा गया है।
  • इंदौर में भी तेज बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में जलभराव हो गया है।
  • नर्मदापुरम में तवा डेम के सात गेट 10-10 फीट तक खोले गए हैं, ताकि पानी का स्तर नियंत्रित किया जा सके।
  • रतलाम में शनिवार सुबह से बारिश शुरू हुई, जो दोपहर होते-होते तेज हो गई, जिससे सड़कों पर पानी भरने लगा।
  • बालाघाट के लांजी में 24 घंटे में 4.5 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण कटंगनाला के पुल पर पानी बहने लगा। बहेला में छोटी बाघ नदी का पानी गांवों की ओर बढ़ रहा है।
  • डिंडौरी में पिछले 24 घंटे में ढाई इंच बारिश हुई, जिसके बाद एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा ने शहपुरा तहसील के 10 स्कूलों को छुट्टी देने का आदेश दिया।
  • ग्वालियर के डबरा में रामगढ़ नाला उफान पर आ गया, जिसके कारण नंदू का डेरा इलाके में बाढ़ के हालात बन गए। थाना प्रभारी यशवंत गोयल और एनडीआरएफ की टीम ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। शुक्रवार को ग्वालियर में भारी बारिश से जलभराव हो गया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में पानी भर गया। हजीरा इलाके में पुरानी इमारत ढह गई।
  • रायसेन जिले में बारना बांध के 6 गेट खोलने के बाद 22,800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। बरेली में निचली बस्तियों को अलर्ट कर दिया गया है।
  • शिवपुरी में शुक्रवार रात हुई बारिश के बाद शनिवार सुबह अटल सागर बांध मडीखेड़ा के 6 गेट खोल दिए गए, जिससे 1609 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
  • मंडला में पिछले 24 घंटों में 1.12 इंच बारिश हुई, जिसके कारण नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़कर 437.2 मीटर हो गया, जिससे माहिष्मती घाट का छोटा रपटा पुल डूब गया।
  • शुक्रवार रात उज्जैन में एक घंटे की भारी बारिश हुई, जिसके कारण केडी गेट इलाके में दो फीट से ज्यादा पानी भर गया और एक युवक की बाइक बह गई।
  • नरसिंहपुर के तेंदूखेड़ा में इमलिया और जैथारी गांवों के बीच शक्कर नदी पर बनने वाला 186 मीटर लंबा पुल अभी भी अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को उफनती नदी पार करनी पड़ रही है।
  • छतरपुर जिले में धसान नदी पर बने बान सुजारा गेट के 2 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे नदी का जलस्तर 6 से 9 फीट तक बढ़ सकता है।
  • बैतूल जिले के सारणी में 24 घंटे में 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई, जिसके बाद सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोले गए और 32,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
इसके अलावा, मंडला, ग्वालियर और सागर में भी नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो गई है, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

बढ़ते जलस्तर और ओवरफ्लो होने वाले डेम

पिछले 24 घंटों में मंडला और मुरैना जिलों में जलस्तर के बढ़ने से कई पुल और अन्य ढांचों में जलमग्न होने की घटनाएं सामने आई हैं। मंडला जिले में नर्मदा नदी का जलस्तर 437.2 मीटर तक पहुँचने पर महिष्मती घाट का छोटा रपटा पुल डूब गया। वहीं, मुरैना जिले में पगारा डेम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 655.88 फीट तक पहुंच गया है, जिसके कारण इसके सभी 6 ऑटोमेटिक गेट खोल दिए गए हैं।



रेड अलर्ट और स्कूलों की छुट्टियां

भारतीय मौसम विभाग ने शनिवार को 41 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें से 5 जिलों में रेड अलर्ट, 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 14 जिलों में यलो अलर्ट है। इनमें से सतना, सागर, दमोह, पन्ना और रीवा में भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है, और यहाँ तक कि 8 इंच तक बारिश हो सकती है।



इस भारी बारिश के चलते सिंगरौली जिले में स्कूलों की छुट्टियाँ घोषित की गई हैं, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।



प्रभावित क्षेत्रों की सूची

  1. रेड अलर्ट क्षेत्र: सतना, सागर, दमोह, पन्ना, रीवा – 8 इंच से ज्यादा बारिश का अनुमान।
  2. ऑरेंज अलर्ट क्षेत्र: गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली।
  3. यलो अलर्ट क्षेत्र: भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, शाजापुर, इंदौर, उज्जैन, देवास, खंडवा और हरदा।

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इस वजह से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव

  • सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है।
  • इस सिस्टम के कारण तीन ट्रफ, दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन और एक डिप्रेशन की स्थिति बन रही है।
  • इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अति भारी और भारी बारिश हो रही है।
  • यह बारिश का दौर अगले चार दिनों तक जारी रहेगा।

नागरिकों के लिए सलाह

  • यात्रा से बचें: ग्वालियर और भोपाल जैसे शहरों में सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे यात्रा करना खतरनाक हो सकता है।
  • जानकारी प्राप्त करें: मौसम की ताजा जानकारी के लिए सरकारी विभाग से अपडेट लेते रहें और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
  • बाढ़ से बचाव: बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में रहने से बचें और अगर अधिकारियों द्वारा सूचित किया जाए तो जल्द से जल्द निकासी की योजना बनाएं।

FAQ

  1. Q1: मध्यप्रदेश में इस समय तेज बारिश क्यों हो रही है?
    मध्यप्रदेश में चक्रवात (Cyclonic Circulation), लो प्रेशर एरिया (Low Pressure Area) और डिप्रेशन (Depression) की वजह से बारिश हो रही है। ये मौसम प्रणाली सक्रिय होने से प्रदेश के विभिन्न इलाकों में अति भारी और भारी बारिश हो रही है।
  2. Q2: क्या मध्यप्रदेश के सभी जिलों में बारिश हो रही है?
    नहीं, कुछ जिलों में तेज बारिश हो रही है, जबकि अन्य जिलों में हल्की बारिश या फिर आंशिक बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 41 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें से 5 जिलों में रेड अलर्ट है।
  3. Q3: क्या मध्यप्रदेश स्कूलों की छुट्टियां हो सकती हैं?
    हां, सिंगरौली जिले में स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं, क्योंकि बारिश के चलते जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियाँ बन गई हैं। अन्य प्रभावित जिलों में भी स्कूलों में छुट्टियाँ घोषित हो सकती हैं।

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