Synopsis: मध्यप्रदेश सहित देशभर के मौसम की हर लाइव अपडेट यहां मिलेगी। बारिश, तापमान, अलर्ट और मौसम बदलाव की ताजा जानकारी लगातार पढ़ें। मध्य प्रदेश के सभी जिलों का मौसम अपडेट सबसे पहले पढ़ें सिर्फ द सूत्र पर...
मध्य प्रदेश में भारी बारिश (Heavy Rain) का असर अब दिखाई देने लगा है। डिंडौरी और उमरिया जिलों में लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नर्मदा सहित सहायक नदियां उफान पर हैं। बरगी बांध के 9 गेट खोल दिए गए हैं। वहीं बिलगांव और जोहिला डैम से भी पानी छोड़ा जा रहा है। कई इलाकों में पुल डूबने से यातायात प्रभावित हुआ है।
डिंडौरी के शहपुरा क्षेत्र में बिलगांव बांध (Bilgaon Dam) स्थित है। यहां पानी का दबाव बढ़ने के बाद दो गेट खोले गए। बांध से नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। उमरिया जिले के जोहिला डैम (Johila Dam) से भी पानी छोड़ा गया। जोहिला डैम के चार गेट दो-दो मीटर खोले गए हैं।
अर्नब चक्रवात कमजोर पड़ने के बाद भी इसका असर कई राज्यों में दिख रहा है। उत्तर प्रदेश के 50 शहरों में लगातार बारिश हो रही है। सिक्किम में लैंडस्लाइड से कई घर बह गए हैं। वहीं ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए हजारों लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है। अगले 24 घंटे में छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में भारी बारिश हो सकती है।
चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) का असर कई राज्यों में दिख रहा है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। तेज हवाओं के कारण कई जगह नुकसान हुआ है। दक्षिण ओडिशा में स्कूल बंद किए गए हैं। मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। यह उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट से टकराया। मौसम विभाग के अनुसार इसका असर तटीय क्षेत्रों में दिख रहा है। दोनों राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। चक्रवात के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
मध्यप्रदेश मौसम अपडेट (MP Weather Update) के अनुसार प्रदेश में बारिश का दौर फिर सक्रिय हो गया है। पिछले 24 घंटे में 26 जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई। शहडोल के गोहपारू में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश हुई। भोपाल में भी बुधवार सुबह तेज बारिश दर्ज हुई। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण अगले चार दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
देश के कई राज्यों में मानसूनी बारिश का असर जारी है। उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सड़कें और छोटे पुल डूबे हैं। छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हुई। केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन से यात्रा प्रभावित हुई। पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी भी शुरू हो गई है।
यूपी में सड़कें डूबीं
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मानसूनी बारिश जारी है। लगातार बारिश से स्थानीय नदियों का जलस्तर बढ़ा है। सीतापुर में हालात सबसे ज्यादा प्रभावित दिखाई दिए। कई इलाकों में छोटी नदियां उफान पर हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरी। इन घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई। तीन अन्य लोग घायल भी बताए गए हैं।
देश में मानसून की वापसी (Monsoon Withdrawal) शुरू होने वाली है। इसके बावजूद कई राज्यों में मौसम का खतरा बना हुआ है। उत्तर प्रदेश बाढ़ (UP Floods) से गोंडा के 15 गांव प्रभावित हैं। यहां करीब 10 हजार लोग मुश्किल परिस्थितियों में फंसे हैं। महाराष्ट्र में बिजली गिरने (Maharashtra Lightning Strike) की घटनाओं ने पांच लोगों की जान ले ली। चार अन्य लोग घायल हुए हैं।
उत्तर प्रदेश बाढ़ (UP Floods) का असर अभी कायम है। गोंडा जिले में हालात सबसे अधिक चिंताजनक बने हैं। घाघरा नदी बाढ़ (Ghaghra River Flood) से गांव प्रभावित हैं। नदी का जलस्तर घटने से कुछ राहत मिली है। इसके बावजूद कई निचले इलाकों में पानी भरा है। जिले के 15 गांवों में बाढ़ का असर है। करीब 10 हजार निवासी इससे प्रभावित बताए गए हैं। कई मकानों के आसपास अब भी पानी जमा है। ग्रामीण रास्तों पर आवाजाही भी मुश्किल बनी हुई है। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
देश के कई हिस्सों में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी हुई है। रोहतांग और मनाली के पहाड़ों पर बर्फ जमी है। बिहार के 15 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। वहां 100 से ज्यादा ग्रामीण सड़कें बह गई हैं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित छह राज्यों में बारिश का अलर्ट है।
तीन राज्यों में बर्फबारी
देश के पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदला है। हिमाचल प्रदेश में सीजन की पहली बर्फबारी (First Snowfall) हुई। जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फ गिरी। उत्तराखंड के कई धार्मिक स्थलों पर हल्का हिमपात हुआ।
अचानक बदले मौसम से तापमान में गिरावट दर्ज हुई। हिमाचल प्रदेश के रोहतांग क्षेत्र में गुरुवार सुबह बर्फ गिरी। भरमौर और मनाली के पहाड़ भी बर्फ से ढके। वहां करीब एक से डेढ़ इंच हिमपात हुआ। स्थानीय क्षेत्रों में आमतौर पर अक्टूबर के दौरान बर्फ गिरती है। इस बार करीब एक महीने पहले हिमपात दिखाई दिया। इसलिए मौसम का यह बदलाव असामान्य माना जा रहा है।
बर्फबारी से ऊंचे क्षेत्रों में ठंड बढ़ने लगी है। निचले इलाकों में बारिश का असर दिखाई दे रहा है। पहाड़ों की यात्रा करने वालों को सावधानी रखनी होगी। खराब मौसम में सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है। दृश्यता घटने से वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित होती है।
भोपाल बारिश (Bhopal Rain) ने बुधवार शाम मौसम बदल दिया। शाम करीब सात बजे शहर में बादल छा गए। इसके बाद गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। कई इलाकों में हवा की रफ्तार भी बढ़ गई। बारिश से पहले भोपाल में दिनभर धूप खिली रही। दोपहर में गर्मी और उमस का असर रहा। शाम होते ही बादलों ने शहर को घेर लिया। कुछ इलाकों में थोड़ी देर तेज पानी गिरा। अचानक बारिश से सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई। वाहन चालकों को कम दृश्यता का सामना करना पड़ा। कई लोग दुकानों और इमारतों में रुके रहे। बारिश ने गर्मी से कुछ राहत भी दिलाई। मौसम विशेषज्ञों ने 19 सितंबर बाद नए सिस्टम की संभावना जताई है।
उत्तर भारत में बारिश और बाढ़ का खतरा बना हुआ है। यूपी समेत पांच राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी हुआ। बिहार के 15 जिलों में 49.67 लाख लोग प्रभावित हैं। पांच नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। केदारनाथ यात्रा फिर शुरू हो गई है। चीरवासा डेंजर जोन में हेलमेट अनिवार्य किया गया है।
बारिश के दौरान निचले क्षेत्रों में पानी भर सकता है। पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहना चाहिए। स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है।
मध्य प्रदेश मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ा है। रविवार को कई जिलों में तेज बारिश दर्ज हुई। भोपाल में भी दोपहर बाद बारिश का दौर जारी है। हालांकि बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। कई शहरों में सड़कों पर पानी भी जमा हुआ। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। वहीं बड़वानी के सेंधवा क्षेत्र में बारिश का ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। यहां कई नदी और नाले उफान पर पहुंच गए। तालाबों में भी पानी की आवक लगातार बढ़ती रही। टीकमगढ़ में तेज बारिश से बान सुजारा बांध का जलस्तर बढ़ गया है। इसके बाद बांध के चार गेट खोल दिए गए।
मध्यप्रदेश में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। ब्रेक के बाद सक्रिय हुए सिस्टम से कई जिलों में बारिश हो रही है। शनिवार सुबह इंदौर, धार, खरगोन और बड़वानी में बारिश दर्ज की गई। रतलाम के नामली में तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया। मौसम विभाग ने प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
सतना जिले के चित्रकूट में बारिश का असर दिखाई दिया है। यहां मंदाकिनी नदी (Mandakini River) का जलस्तर बढ़ गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश ज्यादा होने पर जलस्तर और बढ़ सकता है। स्थानीय प्रशासन हालात की निगरानी कर रहा है।
मध्य प्रदेश में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। तीन दिन के ब्रेक के बाद शुक्रवार को कई जिलों में तेज बारिश हुई। भोपाल, दमोह, टीकमगढ़ और खंडवा में बारिश दर्ज की गई। दमोह के निचले इलाकों में पानी भर गया। मौसम विभाग ने 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले दिनों में इंदौर और उज्जैन संभाग में भी बारिश बढ़ सकती है।
देश के कई राज्यों में मौसम का अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है। बिहार में बाढ़ ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। 14 जिलों में लाखों लोग प्रभावित हैं। यूपी में भी नदियों के उफान से परेशानी बढ़ी है। वहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश की गतिविधियां फिलहाल कमजोर हुई हैं।
मध्यप्रदेश में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई जिलों में धूप तेज होने से तापमान बढ़ा है। दिनभर उमस ने लोगों को परेशान किया। हालांकि मौसम विभाग ने नरसिंहपुर, सागर समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में तापमान बढ़ा है। प्रदेश के अधिकतम तापमान में 1 से 3.4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हुई। रतलाम में दिन का तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक रहा। यहां अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। छिंदवाड़ा में भी तापमान सामान्य से ऊपर रहा। यहां पारा 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
देश के कई राज्यों में भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं। सिक्किम में लैंडस्लाइड से दो नदियों का रास्ता प्रभावित हुआ है। उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ से लाखों लोग परेशान हैं। मध्यप्रदेश में भी नर्मदा समेत कई नदियां उफान पर हैं। लगातार बारिश के चलते प्रशासन ने कई क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
MP में नदियां उफनीं
मध्यप्रदेश बारिश (Madhya Pradesh Rain) का असर कई जिलों में देखने को मिल रहा है। प्रदेश में नर्मदा समेत कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं। भारी बारिश के कारण जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बरगी, भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोल दिए गए हैं। बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन अलर्ट है। मध्यप्रदेश में अब तक 30 इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है।