एमपी के किसानों के लिए बड़ी खबर : मोहन सरकार ने बढ़ाई गेहूं स्लॉट बुकिंग की तारीख
मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक खुशखबरी सामने आई है। अब किसानों को उपज बिक्री के लिए 6 दिन का और समय मिला है। गेहूं की स्लॉट बुकिंग की तारीख को बढ़ाकर 30 अप्रैल तक कर दिया गया है। सीएम मोहन यादव की पहल से किसानों को राहत मिली है। इससे किसानों को अपनी उपज को सही समय पर बेचने का मौका मिलेगा।
स्लॉट बुकिंग की क्षमता बढ़ाई गई
पहले 1000 क्विंटल तक गेहूं बिकवाया जा सकता था, लेकिन अब यह सीमा 1500 क्विंटल कर दी गई है। इससे किसानों को अधिक मात्रा में गेहूं बेचने की सुविधा मिलेगी। किसानों के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि इससे वे अपनी उपज को जल्द बेच सकेंगे और उन्हें अपना भुगतान समय पर मिल सकेगा।
अब तक की गेहूं खरीदी और भुगतान
अब तक 1,30,655 किसानों से 57,13,640 क्विंटल गेहूं खरीदी जा चुकी है। किसानों को 355 करोड़ रुपए का भुगतान उनके बैंक खातों में किया जा चुका है। इन आंकड़ों से यह साफ है कि इस बार गेहूं खरीदी की प्रक्रिया पूरी तरह से सुचारू रूप से चल रही है।
उपार्जन केंद्रों पर क्या हैं सुविधाएं?
प्रदेशभर में करीब 3171 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। सरकार ने इस बार सख्त निर्देश दिए हैं कि तपती गर्मी को देखते हुए किसानों के लिए केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।
- छाया और पानी: किसानों के बैठने के लिए ठंडी छांव और पीने के साफ पानी की व्यवस्था की गई है।
- आधुनिक मशीनें: केंद्रों पर तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर और इंटरनेट की पूरी सुविधा है।
- सफाई के इंतजाम: गेहूं की सफाई के लिए पंखा और छनना भी उपलब्ध कराया गया है ताकि गुणवत्ता बनी रहे।
- बारदानों की कमी नहीं: जूट और पीपी बैग्स की पर्याप्त व्यवस्था पहले ही कर ली गई है।
2026 में गेहूं की दर
किसानों से गेहूं 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी जा रही है। इसमें 2585 रुपए प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य और 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि शामिल है। यह दर सरकार की ओर से किसानों के लिए घोषित की गई है।
इस साल के रजिस्ट्रेशन और लक्ष्य
इस साल रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने गेहूं के पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 3 लाख 60 हजार अधिक है। सरकार ने इस साल 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है। यह पिछले साल के लक्ष्य से एक लाख मीट्रिक टन ज्यादा है।
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