नारी शक्ति का सवाल, MP में विधानसभा से संसद तक महिलाओं का क्या हाल?

Anjali Dwivedi | Apr 20, 2026, 17:10 IST
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मध्य प्रदेश में महिला आरक्षण विधेयक पर मचे सियासी घमासान के बीच जानें विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा में बीजेपी-कांग्रेस का टिकट वितरण और महिलाओं की भागीदारी की पूरी रिपोर्ट।

देश की संसद में महिला आरक्षण के पारित न हो पाने ने एक नई सियासी बहस को जन्म दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे लोकतंत्र के लिए काला अध्याय करार दिया है। वहीं विपक्ष पर महिला विरोधी होने के आरोप लग रहे हैं।



बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसे आधी आबादी के साथ विश्वासघात बताया है। इस हंगामे के बीच, मध्य प्रदेश की राजनीति में यह सवाल गूंज रहा है कि वास्तव में महिलाओं को सत्ता में कितनी हिस्सेदारी मिली है?



लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी का क्लीन स्वीप

साल 2024 के लोकसभा चुनावों में मध्य प्रदेश की सभी 29 सीटों पर बीजेपी ने परचम लहराया। अगर टिकट वितरण की बात करें, तो बीजेपी ने 29 में से छह महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारा था और खास बात यह रही कि इन सभी छह महिला प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।



दूसरी ओर, कांग्रेस ने केवल एक सीट (रीवा) से महिला प्रत्याशी नीलम अभय मिश्रा को टिकट दिया, लेकिन वे चुनाव जीतने में सफल नहीं हो सकीं।



राज्यसभा में महिलाओं की भागीदारी

मध्य प्रदेश की 11 राज्यसभा सीटों के समीकरण को देखें तो यहां बीजेपी का पलड़ा भारी है। कुल 11 सीटों में से आठ पर बीजेपी और तीन पर कांग्रेस का कब्जा है। महिला प्रतिनिधित्व (Women Representation) के मामले में बीजेपी के आठ सांसदों में से तीन महिलाएं हैं।



इसके विपरीत, कांग्रेस के कोटे से राज्यसभा पहुंचने वाले तीनों सांसदों में एक भी महिला शामिल नहीं है। यह आंकड़ा ऊपरी सदन में महिलाओं की कम भागीदारी को साफ दर्शाता है।



विधानसभा चुनाव 2023 में टिकटों का गणित

साल 2023 के विधानसभा चुनावों में भी महिला भागीदारी को लेकर दिलचस्प आंकड़े सामने आए। यहां की 230 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने 163 और कांग्रेस ने 66 सीटें जीतीं। टिकटों के मामले में दोनों ही दल कंजूस नजर आए:



  • बीजेपी: केवल 27 महिलाओं (11%) को टिकट दिया, जिनमें से 21 ने जीत हासिल की।
  • कांग्रेस: 29 महिलाओं (13%) को मैदान में उतारा, लेकिन सिर्फ पांच ही विधायक बन पाईं। कुल मिलाकर, विधानसभा में महज 27 महिला विधायक ही पहुंच सकीं, जो कुल संख्या का एक छोटा हिस्सा है।

पंचायतों में 52% कब्जा नारी शक्ति का

हैरान करने वाली बात यह है कि जहां विधानसभा और संसद में महिलाओं के लिए संघर्ष जारी है। वहीं मध्य प्रदेश की पंचायतों में महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं। प्रदेश की 52.84 प्रतिशत पंचायतों पर महिलाओं का कब्जा है।



राज्य में 2 लाख 90 हजार 41 निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि हैं। इनमें 26 जिला पंचायत अध्यक्ष, 179 जनपद अध्यक्ष और हजारों की संख्या में पंच-सरपंच शामिल हैं। जमीनी राजनीति में महिलाओं की यह सक्रियता एक बड़ी उम्मीद जगाती है।



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