एमपी शिक्षा विभाग का नया नियम: अब परीक्षा से पहले लगेगी सरकारी गुरुजी की क्लास

Manya Jain | Jun 11, 2026, 17:17 IST
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मध्यप्रदेश में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों को पात्रता परीक्षा देनी होगी। स्कूल शिक्षा विभाग परीक्षा से पहले उन्हें सिलेबस देगा। इसी सिलेबस के आधार पर ऑनलाइन क्लास भी लगाई जाएगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा अनिवार्य होगी।
  • इस नए फैसले के दायरे में प्रदेश के करीब डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षक आएंगे।
  • अध्यापक संयुक्त मोर्चा इस अतिरिक्त शर्त का लगातार कड़ा विरोध कर रहा है।
  • शिक्षकों के विरोध के बाद विभाग परीक्षा से पहले ऑनलाइन सिलेबस जारी करेगा।
  • घर बैठे तैयारी के लिए शिक्षकों के लिए डिजिटल क्लास भी शुरू की जाएंगी।

भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षकों की पात्रता परीक्षा को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। विभाग ने तय किया है कि परीक्षा से पहले शिक्षकों को पूरा सिलेबस ऑनलाइन दिया जाएगा। उसी सिलेबस के आधार पर उनके लिए ऑनलाइन क्लास भी लगाई जाएंगी।



यह पहली बार होगा जब प्रदेश में नौकरी में आ चुके शिक्षकों को फिर से परीक्षा की तैयारी करनी होगी। यह निर्णय TET (Teacher Eligibility Test) के विरोध के बाद सामने आया है।



डेढ़ लाख शिक्षक परीक्षा के दायरे में

प्रदेश में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षक इस परीक्षा के दायरे में आते हैं। इन सभी की नियुक्ति व्यापम (Vyapam – Vyavsayik ParIksha Mandal) की परीक्षा के जरिए हुई थी। अब इन्हें TET पास करना जरूरी होगा।



शिक्षक संगठन इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले से नौकरी कर रहे शिक्षकों पर यह अतिरिक्त बोझ है।



शिक्षक संगठनों ने दिया ज्ञापन

अध्यापक संयुक्त मोर्चा ने इस मामले को लेकर आयुक्त लोक शिक्षण को ज्ञापन दिया। मोर्चे के उपेंद्र कौशल ने अधिकारियों के सामने यह मुद्दा उठाया। ज्ञापन में मांग की गई कि परीक्षा से पहले शिक्षकों को सिलेबस जरूर दिया जाए।



इसके बाद डीपीआई (DPI – Directorate of Public Instruction) के अधिकारियों ने इस पर विचार किया। विभाग ने माना कि बिना सिलेबस के परीक्षा लेना उचित नहीं होगा।



विधि विभाग से मांगी राय

इस पूरे मामले में विधि विभाग से भी राय ली जा रही है। सूत्रों के अनुसार TET की अनिवार्यता को लेकर कानूनी पहलू भी जांचे जा रहे हैं। जब तक राय नहीं आती, विभाग की तैयारियां जारी रहेंगी।



सरकार की कोशिश है कि परीक्षा की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो। शिक्षकों को पर्याप्त समय और संसाधन दिए जाएं ताकि वे तैयारी कर सकें।



ऑनलाइन क्लास की योजना क्या है

स्कूल शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार सिलेबस पहले ऑनलाइन जारी किया जाएगा। उसके बाद शिक्षकों के लिए डिजिटल क्लास शुरू होंगी। इन क्लास में विषय विशेषज्ञ पढ़ाएंगे।



शिक्षक अपने मोबाइल या कंप्यूटर से इन क्लास में जुड़ सकेंगे। विभाग का यह कदम शिक्षकों की आपत्तियों को कुछ हद तक दूर करने की कोशिश है।



शिक्षकों की मुख्य आपत्तियां

शिक्षकों का कहना है कि वे पहले से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। उन्हें अब परीक्षा के लिए तैयारी करने का वक्त कहां से मिलेगा। साथ ही, TET पास न करने पर नौकरी जाने का डर भी है। कई शिक्षकों का यह भी कहना है कि उन्होंने वैध प्रक्रिया से नौकरी पाई थी। अब उन पर अतिरिक्त शर्त लगाना अन्यायपूर्ण है।



आगे क्या होगा

विधि विभाग की राय आने के बाद ही आगे की तारीखें तय होंगी। तब तक ऑनलाइन सिलेबस और क्लास की तैयारी जारी रहेगी। शिक्षक संगठनों का विरोध भी जारी है। प्रदेश सरकार की कोशिश है कि दोनों पक्षों के बीच रास्ता निकले। लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।



लोकल कनेक्शन

यह खबर सीधे मध्यप्रदेश से जुड़ी है। प्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षक इस परीक्षा के दायरे में आते हैं। स्कूल शिक्षा विभाग, डीपीआई और अध्यापक संयुक्त मोर्चा सभी मध्यप्रदेश के हैं। यह निर्णय सीधे प्रदेश के सरकारी स्कूलों और उनमें पढ़ने वाले बच्चों पर असर डालेगा।



FAQ

  1. मध्यप्रदेश में TET परीक्षा किन शिक्षकों को देनी होगी?
    प्रदेश में व्यापम की परीक्षा के जरिए भर्ती हुए शिक्षकों को TET देनी होगी। यह संख्या डेढ़ लाख से ज्यादा बताई जा रही है। इनमें वे शिक्षक शामिल हैं जो पहले से स्कूलों में कार्यरत हैं।
  2. TET से पहले शिक्षकों को क्या सुविधा मिलेगी?
    स्कूल शिक्षा विभाग शिक्षकों को परीक्षा का सिलेबस ऑनलाइन देगा। उसी आधार पर ऑनलाइन क्लास भी लगाई जाएंगी। इससे शिक्षक घर बैठे तैयारी कर सकेंगे।
  3. शिक्षक संगठन TET का विरोध क्यों कर रहे हैं?
    शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने वैध तरीके से नौकरी पाई है। अब उन पर TET की अतिरिक्त शर्त लगाना अनुचित है। नौकरी जाने के डर से भी शिक्षकों में असंतोष है।

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