एमपी के युवाओं के लिए रोजगार का नया प्लान: हर जिले में तलाशे जाएंगे नए मौके, स्किल ट्रेनिंग पर भी जोर

Sumit Kumar | Oct 08, 2026, 16:17 IST
मध्यप्रदेश में युवा शक्ति मिशन के तहत रोजगार, स्किल ट्रेनिंग और स्वरोजगार के अवसर तलाशे जाएंगे।
मध्यप्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की तैयारी है। स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन के तहत हर जिले में रोजगार की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। साथ ही युवाओं को उनकी जरूरत के मुताबिक स्किल ट्रेनिंग और अप्रेंटिसशिप से जोड़ने पर जोर रहेगा। गांवों और शहरों में नए कारोबार शुरू करने के अवसर भी तलाशे जाएंगे। इसके लिए सरकारी विभागों, उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच तालमेल बढ़ाया जाएगा।
Madhya Pradesh govt plans to expand youth employment and self-employment opportunities through skill training and apprenticeships.

हर जिले में तलाशेंगे रोजगार के नए अवसर

मध्यप्रदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर काम होगा। इसके तहत स्थानीय उद्योगों और उपलब्ध संसाधनों की पहचान की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि किस क्षेत्र में रोजगार की कितनी संभावनाएं हैं।



ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर भी तलाशे जाएंगे। स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने के लिए युवाओं और उद्यमियों को जोड़ा जाएगा। इसके साथ सरकारी विभागों के सहयोग से रोजगार संबंधी गतिविधियां आगे बढ़ाई जाएंगी।



युवाओं को उनकी जरूरत के हिसाब से मिलेगी ट्रेनिंग

युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना ही मकसद नहीं होगा। इस बात पर भी जोर रहेगा कि ट्रेनिंग उद्योगों की जरूरत के मुताबिक हो। इसके लिए तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास संस्थानों के बीच तालमेल बढ़ाया जाएगा। उद्योगों की जरूरतों को देखते हुए मौजूदा कोर्स में सुधार करने पर भी काम होगा।



युवाओं को इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप से जोड़ने की तैयारी है। इससे उन्हें पढ़ाई और प्रशिक्षण के साथ काम का अनुभव लेने का मौका मिल सकेगा।



HARSH प्लेटफॉर्म पर दर्ज होंगी युवाओं की जरूरतें

स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन के तहत विकसित HARSH प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं का रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा। उनकी पढ़ाई, स्किल ट्रेनिंग और रोजगार से जुड़ी जरूरतों की जानकारी जुटाई जाएगी।



इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि किस क्षेत्र के युवाओं को किस तरह के प्रशिक्षण की जरूरत है। साथ ही रोजगार के अवसरों और युवाओं की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकेगा।



स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन के तहत युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और स्किल ट्रेनिंग से जोड़ने के ल

गांवों में भी स्वरोजगार बढ़ाने पर जोर

रोजगार के नए अवसर तलाशने का काम केवल शहरों में नहीं होगा। ग्रामीण इलाकों में भी स्थानीय संसाधनों के आधार पर संभावनाएं देखी जाएंगी। इसके लिए छोटे कारोबार और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। युवाओं, उद्यमियों और सरकारी विभागों के बीच संपर्क बढ़ाया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित करने में मदद मिल सकती है।



उद्योगों की जरूरत के मुताबिक बदल सकते हैं कोर्स

कई बार युवाओं को प्रशिक्षण मिलने के बाद भी उद्योगों की जरूरत के मुताबिक कौशल नहीं मिल पाता। इसी अंतर को कम करने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा। RISTA पहल के जरिए तकनीकी शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कोर्स में जरूरत के अनुसार सुधार किया जा सकेगा।



इसका उद्देश्य युवाओं को ऐसे कौशल से जोड़ना है, जिनकी रोजगार के क्षेत्र में जरूरत है।



युवा संवाद और उद्यम संवाद से जोड़ने की तैयारी

युवाओं और उद्यमियों को एक मंच पर लाने के लिए चल रही गतिविधियों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत उद्यम संवाद और युवा संवाद जैसी गतिविधियों के जरिए अलग-अलग विभागों और संबंधित लोगों के बीच संपर्क बढ़ाया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार, उद्यमिता और सरकारी सहयोग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।



जिला स्तर पर होगी काम की समीक्षा

युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए विभागों को आपसी तालमेल से काम करना होगा। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की भूमिका भी अहम रहेगी। काम की प्रगति की नियमित समीक्षा करने पर जोर दिया गया है।



जिला कौशल समिति की बैठकों में रोजगार, स्किल ट्रेनिंग और युवाओं से जुड़े विषयों को नियमित रूप से शामिल किया जाएगा।



इन बैठकों में काम की प्रगति और विभिन्न गतिविधियों के नतीजों की समीक्षा की जाएगी।



क्या युवाओं को सीधे सरकारी नौकरी मिलेगी?

इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। इसमें सीधे सरकारी नौकरी देने या नई भर्ती निकालने की घोषणा नहीं है। युवाओं को स्किल ट्रेनिंग, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया गया है।



फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि कितने युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके लिए कोई निश्चित संख्या या समयसीमा सामने नहीं आई है।



युवाओं को कब से मिलेगा फायदा?

युवाओं को वास्तविक फायदा जिला स्तर पर होने वाले काम से मिलेगा। रोजगार की संभावनाओं की पहचान और प्रशिक्षण की व्यवस्था इसमें अहम होगी। इसके साथ उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच तालमेल भी जरूरी होगा। फिलहाल कितने युवाओं को इन गतिविधियों से जोड़ा गया है, इसके आंकड़े सामने नहीं आए हैं।



ऐसे में इस तैयारी का असर आने वाले समय में रोजगार, अप्रेंटिसशिप और स्वरोजगार से जुड़ने वाले युवाओं की संख्या से पता चलेगा।

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