मध्य प्रदेश युवा सिंधी समाज ने 1000 दिन में 800 परिवारों को दिलाई राहत, 3 मई को बड़ा आयोजन
मध्य प्रदेश युवा सिंधी समाज अपनी स्थापना के 40 साल पूरे कर रहा है। 03 मई को इंदौर के देवश्री टॉकीज परिसर में शाम 7 से 10:30 बजे तक बड़ा आयोजन होगा।
देश की पहली सिंधी पंच मध्यस्थता व्यवस्था के 1000 दिन पूरे हो रहे हैं। इस व्यवस्था से अब तक 800 से अधिक परिवारों को लाभ मिला है। इसी कार्यक्रम में राष्ट्रीय मैट्रिमोनियल ब्यूरो का शुभारंभ भी किया जाएगा।
40 साल की यात्रा, गौरव की कहानी
27 जनवरी को 40 साल पहले प्रदेश के युवाओं ने मिलकर मध्य प्रदेश युवा सिंधी समाज की नींव रखी थी। तब से यह संगठन समाज के हर वर्ग के लिए काम करता आ रहा है। माईट्रियूं मेड यानी परिचय सम्मेलन से लेकर प्रतिभा सम्मान, प्रशिक्षण, सांस्कृतिक मंच और संस्कार कैंप तक, संगठन ने कई मोर्चों पर काम किया है।
झूलेलाल चलियो पर्व पर 40 घंटे अविरल भजन कार्यक्रम (सिंधी समाज का बड़ा आयोजन) और 12 महीनों में 12 कार्यक्रम यानी दोनों का विश्व रिकॉर्ड भी इसी संगठन के नाम है। साप्ताहिक चेटी चंड, कवि सम्मेलन और फूड फेस्टिवल जैसे रचनात्मक आयोजन देश-प्रदेश में स्थापित किए गए हैं। बता दें कि इन यादों को संजोती एक डिजिटल पुस्तक का विमोचन भी इस कार्यक्रम में होगा।
डॉक्यूमेंट्री बताएगी बिखरते परिवारों की दास्तान
विस्थापन से बिखरते परिवारों पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी इस आयोजन का हिस्सा है। यह फिल्म उन परिवारों की कहानी कहती है जो विस्थापन की पीड़ा से गुजरे और जिनका जीवन टूटने के कगार पर पहुंचा है।
दर्शकों को इस फिल्म के जरिए बिखरते परिवारों के दृष्टिकोण में आए बदलाव की झलक मिलेगी। यह एक भावनात्मक और सामाजिक दस्तावेज है जो सिंधी समुदाय की यात्रा को जीवंत करता है।
1000 दिन में 800 परिवारों को मिला न्याय
करीब 1000 दिन पहले देश में पहली सिंधी पंच मध्यस्थता केंद्र की शुरुआत की गई थी। यह व्यवस्था मध्यस्थता अधिनियम 2023 और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों के आधार पर शुरू हुई थी।
पांच सदस्यीय इस व्यवस्था ने अब तक 800 से अधिक परिवारों के दांपत्य, पारिवारिक, आर्थिक-सामाजिक और संपत्ति बंटवारे के विवादों में समझौता कराया है।
इनमें 27% मामले न्यायालयीन थे। 23% में एक पक्ष बाहर का था और 11% मामलों में अंतरजातीय पक्षकार शामिल रहे।
यह केंद्र सोमवार से शुक्रवार, साल में 250 दिन शाम 5 से 8 बजे तक देवश्री टॉकीज कॉम्प्लेक्स के वर्मा हॉल में काम करता है। यह पहल न केवल सिंधी समुदाय बल्कि पूरे समाज के लिए एक मिसाल है।
मैरिज ब्यूरो का होगा शुभारंभ
इंदौर में सिंधी समुदाय की आबादी कुल जनसंख्या का लगभग 2% है। न्यायालय में चल रहे परिवार से जुड़े मामलों में उनकी हिस्सेदारी 26% तक है। यह आंकड़ा चिंताजनक है।
विवाह संबंधों में भी कई उलझनें हैं। 30 से 40 साल के आयु वर्ग में 68% विवाह प्रस्ताव आते हैं। इनमें 52% सिंधी युवा नौकरीपेशा हैं। दूसरी ओर युवतियां उच्च शिक्षित हो रही हैं। इससे योग्य विवाह प्रस्ताव ढूंढना मुश्किल होता जा रहा है।
इन्हीं विसंगतियों को दूर करने के लिए वेबसाइट, फेसबुक और व्हाट्सएप के साथ-साथ राष्ट्रीय मैट्रिमोनियल ब्यूरो का शुभारंभ इस कार्यक्रम में किया जाएगा। इसका मकसद सही रिश्ते ढूंढने की प्रक्रिया को आसान और भरोसेमंद बनाना है।
मुंबई के कलाकार देंगे रंग
सांस्कृतिक संध्या में मुंबई से आए कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। सिंधी मुहिंजी जोइजल और पंच मध्यस्थता के बैनर तले यह आयोजन पूरा किया जा रहा है। कार्यक्रम 03 मई को रविवार शाम 7 बजे से शुरू होकर 10:30 बजे तक चलेगा।
अधिक जानकारी के लिए किशोर कोडवानी से 98274 40080 पर संपर्क किया जा सकता है।
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