ESB की सहायक कृषि विस्तार अधिकारी परीक्षा में विवाद, पूर्व विधायक सकलेचा का रतलाम सेंटर पर आरोप
Indore. मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा आयोजित सहायक कृषि विस्तार अधिकारी (AEO/RAEO) भर्ती परीक्षा को लेकर पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने मोर्चा खोला है। उन्होंने रतलाम के सृजन परीक्षा केंद्र को लेकर आरोप लगाए हैं।
यह लगाए हैं आरोप
व्यापमं मामले की लड़ाई लड़ने वाले व्हिसलब्लोअर और पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर 2026 को आयोजित परीक्षा की दूसरी पाली (जिसका समय दोपहर 2:30 बजे निर्धारित था) यह तीन घंटे देरी से हुई। रतलाम के सृजन कॉलेज केंद्र पर यह परीक्षा तय समय से तीन घंटे देरी से 5:30 बजे शुरू की गई।
अलग-अलग समय पर कैसे हो सकती है
सकलेचा ने कहा कि एक ही परीक्षा के अलग-अलग केंद्रों पर प्रारंभ होने के समय में इतना बड़ा अंतर परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। कर्मचारी चयन मंडल को स्पष्ट करना चाहिए कि रतलाम में परीक्षा निर्धारित समय पर क्यों शुरू नहीं हुई। यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ है तो परीक्षा केंद्रवार वास्तविक प्रारंभ समय, लॉग-इन लॉग, सर्वर लॉग, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
परीक्षा कराने वाली कंपनी पर भी सवाल उठाए
सकलेचा ने परीक्षा संचालन के लिए चयनित कंपनी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दिसंबर 2024 से ऑनलाइन परीक्षाओं का काम निजी कंपनी को लगभग ₹260 प्रति परीक्षार्थी की दर से दिया गया। पूर्व में यह कार्य करीब ₹170 प्रति परीक्षार्थी की दर से कराया जाता था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान कंपनी को जम्मू-कश्मीर सहित अन्य राज्यों में ब्लैकलिस्ट किया गया है।
इसके पहले रतलाम में आबकारी परीक्षा में हुई एफआईआर
इसके पहले आबकारी परीक्षा को लेकर भी रतलाम के सेंटर रतलाम पब्लिक स्कूल में घोटाला हुआ। इसमें ईएसबी ने जांच में पाया कि यहां के 12 उम्मीदवारों ने मिलीभगत कर अंतिम आधे घंटे में पूरा प्रश्नपत्र सौ फीसदी सही किया। इसमें एफआईआर भी हुई लेकिन जांच ठंडी पड़ी है।
परीक्षा में 2784 पद है
सकलेचा ने बताया कि कृषि विभाग के लिए आयोजित इस भर्ती परीक्षा में 2,784 पद हैं। परीक्षा में 200 वस्तुनिष्ठ प्रश्न थे और प्रत्येक पाली के लिए तीन घंटे का समय निर्धारित था। लगभग 35 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा 17 सितंबर को दो पालियों तथा 18 सितंबर को एक पाली में आयोजित की गई।
साल 2021 में रद्द हो चुकी परीक्षा, छात्रों की गूंज में उठा मुद्दा
इसके पहले साल 2021 में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, समूह-2 उपसमूह-4 भर्ती परीक्षा तथा समूह-5 भर्ती परीक्षा को लेकर शिकायतों के बाद परीक्षाएं निरस्त हुई थी। पुलिस को जांच के लिए प्रकरण सौंपे गए थे। अभी तक इसमें कुछ नहीं हुआ।
इस परीक्षा का मुद्दा एनईवाययू के पदाधिकारी रंजीत किसानवंशी ने 19 सितंबर को राहुल गांधी के सामने छात्रों की गूंज के मंच में भी उठाया था। तब राहुल गांधी भी आश्चर्य चकित थे कि परीक्षा में घोटाले के बाद भी कुछ नहीं हुआ।
सकलेचा ने की सार्वजनिक करने की मांग
वहीं सकलेचा ने मांग की कि सहायक कृषि विस्तार अधिकारी परीक्षा के संबंध में सभी परीक्षा केंद्रों का वास्तविक प्रारंभ एवं समाप्ति समय सार्वजनिक किया जाए। संबंधित केंद्रों के CCTV फुटेज, सर्वर लॉग, बायोमेट्रिक एवं लॉग-इन रिकॉर्ड सुरक्षित कर जांच में शामिल किए जाएं। रतलाम के सृजन कॉलेज केंद्र पर परीक्षा में हुई देरी की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
परीक्षा में पद को लेकर पहले उठा था विवाद
इस परीक्षा में पदों को लेकर भी विवाद उठ चुका है। वर्तमान 2,784 पदों की इस भर्ती में आवेदन की आखिरी तारीख पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के पदों को अचानक 444 से घटाकर सिर्फ 37 कर दिया गया था। जिस पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए कृषि विभाग और कर्मचारी चयन मंडल से जवाब तलब किया है।
यह खबरें भी पढ़ें...
MPPSC और ESB के जरिए होगी 85 हजार पदों पर भर्ती, प्रमोशन से खाली हुई सीटें भरेगी मोहन सरकार
MPESB की दो बड़ी परीक्षाएं एक ही दिन, छात्रों की बढ़ी मुश्किलें, छात्रों ने की ये मांग
अंगद की तरह जमे एमपी के अफसरों पर GAD का बड़ा एक्शन, सतना से मंडला तक के अफसर शामिल
रायसेन के लोया भाजपा के नए प्रदेश मीडिया प्रभारी, आशीष अग्रवाल की लेंगे जगह