इंदौर में छात्रों का हल्लाबोल: MPESB भर्ती परीक्षा में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन
समझें क्या है पूरा मामला
- इंदौर में सैकड़ों छात्रों ने एमपी-ईएसबी भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया।
- वनरक्षक और जेल प्रहरी के 2,062 पदों के लिए होने वाली परीक्षा अचानक रद्द कर दी गई।
- परीक्षा की दूसरी पाली अचानक निरस्त होने से हजारों अभ्यर्थियों का समय और पैसा बर्बाद हुआ।
- छात्रों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी 5 सूत्रीय मांगें सामने रखी हैं।
- यूपी और जम्मू-कश्मीर में ब्लैकलिस्ट हो चुकी एप्टेक कंपनी को एमपी में भी बैन करने की मांग उठी है।
मध्यप्रदेश कर्मचारीचयन मंडलयानी MPESBकी भर्तीपरीक्षाओं में लगातार हो रहीधांधली केखिलाफ इंदौर मेंछात्रों नेप्रदर्शन किया।वनरक्षक और जेल प्रहरी भर्तीपरीक्षाअचानक रद्द होने से हजारोंअभ्यर्थियों का नुकसान हुआ।छात्रों नेमुख्यमंत्री के नाम कलेक्टरको ज्ञापन सौंपा।
परीक्षा संचालन करनेवाली एप्टेककंपनी को ब्लैकलिस्ट करनेकी मांग की गई।छात्रों ने चेतावनी दीहै कि मांगेंनहीं मानी गईं तो आंदोलनऔर तेज होगा।
इंदौर में फूटा छात्रों का गुस्सा
बुधवार 10जून को इंदौर मेंसैकड़ोंछात्र-छात्राएं सड़क परउतरे। "Movement AgainstUnemployment"के बैनर तले यहप्रदर्शन हुआ।छात्रोंने मुख्यमंत्री के नामकलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। मांग कीगई कि भर्ती परीक्षाओं मेंहो रही धांधली पर तुरंतरोक लगाई जाए।
2062 पदों की परीक्षा अचानक रद्द
विवाद की ताजा वजहवनरक्षक,क्षेत्ररक्षक, जेल प्रहरी औरसहायक जेल अधीक्षकभर्तीपरीक्षा-2026 है। इन 2062पदों के लिएरविवार को परीक्षा होनीथी।दोपहर 2बजकर 30 मिनट से 4बजकर 30 मिनट तककी दूसरी पाली अचानकरद्द कर दी गई।
यहपरीक्षा 11 शहरों के52 केंद्रों परहोनी थी।दूर-दराज सेआए हजारोंअभ्यर्थियों का पैसा और समय दोनोंबर्बादहुए। कई छात्र रातको घर सेनिकले थे और सुबह पहुंचेथे।
पेपरलीक अब आम हो गई है!
ज्ञापनमें छात्रों ने कहाकि प्रदेश ही नहीं,पूरे देश में भर्तीपरीक्षाओं मेंपेपरलीक और अनियमितताएंआम हो गई हैं।बार-बारपरीक्षा रद्दहोना और दूर के केंद्रमिलना भीबड़ी परेशानीहै। छात्रों ने कहाकि इसभ्रष्टाचार केकारण युवा मानसिक तनावमें हैं।
छात्रोंने गंभीर चेतावनीभी दी।उन्होंने कहा कि कई युवानिराश होकरआत्महत्या जैसे कदमउठाने की सोच रहेहैं।
एप्टेक पर क्यों उठ रहे हैं सवाल
छात्रों की एक प्रमुखमांग है कि एप्टेककंपनी सेपरीक्षा कराना बंदकिया जाए। यहकंपनी उत्तर प्रदेशऔरजम्मू-कश्मीर में पहले हीब्लैकलिस्ट की जा चुकीहै।
छात्रों का कहना हैकि जब अन्यराज्यों ने इसेअयोग्य घोषित कर दियाहै तो मध्यप्रदेशमें इसेक्यों जारी रखा जाए।मांग है कि परीक्षासंचालन किसी सरकारीएजेंसी को सौंपा जाए।
5 मांगें जो छात्रों ने रखी हैं
छात्रों ने ज्ञापन मेंपांच प्रमुख मांगेंरखी हैं।
- पहलीमांग है कि धांधली औरपेपरलीकमें शामिल लोगों केखिलाफ कड़ी कार्रवाई हो औरउन्हेंउदाहरणमूलक सजा दी जाए
- दूसरीमांग है कि एप्टेककंपनी कोतुरंत बैन कियाजाए और परीक्षासरकारी एजेंसी से कराईजाए।
- तीसरी मांगपारदर्शी परीक्षाव्यवस्था की है।
- चौथी मांगहै कि परीक्षा देनेजाने वाले छात्रों कोबस और रेल किराया मुफ्तमिले औरपरीक्षा केंद्र घर केनजदीक हों।
- पांचवीं और सबसेबड़ी मांग है किमध्यप्रदेश में खत्म किए गए 1लाख 20 हजार पदोंको दोबारा बहाल किया जाए।
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहाकि यदि मांगें जल्दनहीं मानी गईं तोआंदोलनको और बड़ा किया जाएगा।उन्होंने कहा कि इसकी पूरीजिम्मेदारी शासन औरप्रशासन कीहोगी। युवाओं का धैर्यअब जवाब दे रहा है।
FAQ
- MPESB क्या है और इस पर क्या आरोप हैं?
MPESB यानी मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल प्रदेश में सरकारी भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता है। छात्रों का आरोप है कि इसकी परीक्षाओं में बार-बार पेपरलीक और धांधली हो रही है। हाल ही में वनरक्षक भर्ती परीक्षा की दूसरी पाली अचानक रद्द कर दी गई जिससे हजारों अभ्यर्थी प्रभावित हुए। - एप्टेक कंपनी को बैन करने की माँग क्यों हो रही है?
एप्टेक वह कंपनी है जो MP में भर्ती परीक्षाओं का संचालन करती है। यह कंपनी उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में पहले ही ब्लैकलिस्ट की जा चुकी है। - छात्रों की मुख्य माँगें क्या हैं?
छात्रों ने पाँच मांगें रखी हैं — धांधली में शामिल लोगों को सजा, एप्टेक पर बैन, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों को मुफ्त यात्रा सुविधा और MP में खत्म किए गए 1.20 लाख पदों की बहाली।
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