MP में ऑनलाइन सिस्टम की बड़ी चूक, गधे के नाम जारी किया नर्सिंग सर्टिफिकेट, पिता का नाम लिखा- डंकी फादर
काउंसिल की ऑनलाइन व्यवस्था पर उठे सवाल
मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों में है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में लगातार गंभीर खामियां सामने आ रही हैं। पूर्व में स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल का सर्टिफिकेट बना था। इसके बाद प्रमुख सचिव स्वास्थ्य सुखवीर सिंह का सर्टिफिकेट बना। अब व्यवस्था ने गधे का नर्सिंग सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है।
गधे की फोटो लगाकर किया गया आवेदन
बता दें कि यह आवेदन NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने किया था। उन्होंने काउंसिल की ऑनलाइन प्रक्रिया की जांच के लिए फॉर्म भरा था। आवेदक के नाम वाले कॉलम में डंकी लिखा गया था। फोटो की जगह एक गधे की तस्वीर अपलोड की गई थी।
साथ ही पिता का नाम डंकी फादर और माता का नाम डंकी मदर था। जाति के कॉलम में भी एनिमल दर्ज किया गया था। फॉर्म में पता भी पूरी तरह मनमाने तरीके से भरा गया था।
मनगढ़ंत अंक और ब्लैंक पेपर किए अपलोड
जानकारी के अनुसार आवेदन में मनगढ़ंत शैक्षणिक और ट्रेनिंग संस्थान की जानकारी दी गई थी। ट्रेनिंग सेंटर के रूप में भोपाल नर्सिंग कॉलेज का नाम दिया गया था। इसके साथ ही BMHRC अस्पताल का नाम भी दर्ज किया गया था। दसवीं और बारहवीं के अंक और रोल नंबर भी मनगढ़ंत थे। ट्रेनिंग और डिग्री सर्टिफिकेट की जगह दो ब्लैंक पेपर लगाए गए थे।
फीस भरते ही जारी हुआ डिजिटल सर्टिफिकेट
इसके बाद फॉर्म के लिए दो हजार 50 रुपए ऑनलाइन फीस भरी। यह भुगतान 25 सितंबर को ऑनलाइन माध्यम से किया गया था। भुगतान के करीब पांच मिनट बाद ही सर्टिफिकेट जारी हो गया। जारी दस्तावेज में रजिस्ट्रेशन नंबर और डिजिटल साइन मौजूद हैं। रवि परमार ने वीडियो जारी कर यह सर्टिफिकेट दिखाया है।
प्रशासनिक जांच और एजेंसी की भूमिका पर सवाल
रवि परमार ने इस पूरे मामले की जांच की मांग उठाई है। बिना दस्तावेज सत्यापन के रजिस्ट्रेशन जारी होने पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे फर्जी रजिस्ट्रेशन का दुरुपयोग हो सकता है।
रवि परमार ने बताया कि MPNRC अध्यक्ष बीनू कुशवाह से संपर्क किया गया पर जवाब नहीं मिला। परमार ने सिस्टम संचालित करने वाली एजेंसी MP Online की जांच मांगी। साथ ही ठोस कार्रवाई न होने पर NSUI ने आंदोलन की चेतावनी भी दी।
- MPNRC ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में गधे के नाम से सर्टिफिकेट कैसे जारी हुआ?
- MPNRC की ऑनलाइन व्यवस्था में कब-कब गलतियां सामने आई हैं?