यूथ कॉन्क्लेव में सीएम मोहन यादव के बड़े ऐलान: 2027 में दो बार परीक्षा कराएगा MPPSC, रिसर्च के लिए छात्रों को हर महीने मिलेंगे 25 हजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले साल MPPSC की परीक्षा दो बार कराई जाएगी। इनमें एक विशेष परीक्षा भी शामिल होगी। इसके साथ ही प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 नए विश्वविद्यालयशुरू करने की तैयारी है।
सरकार का फोकस युवाओं को पढ़ाई के साथ कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने पर रहेगा। इसके लिए सरकारी कॉलेजों में प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग भी शुरू की जाएगी।
रिसर्च करने वालों को हर महीने 25 हजार रुपए
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रिसर्च करने वाले विद्यार्थियों के लिए मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाने की घोषणा की है। अभी विद्यार्थियों को रिसर्च के लिए 16 हजार रुपए दिए जाते हैं। इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपए प्रति माह किया जाएगा।
यह राशि उच्च शिक्षा विभाग की ओर से दी जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के हर विश्वविद्यालय में शोध कार्य को बढ़ावा देने के लिए एक करोड़ रुपए का फंड रखा जाएगा।
सरकार का कहना है कि इससे विद्यार्थियों को रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आर्थिक मदद मिलेगी।
स्टार्टअप आइडिया के लिए 5 करोड़ का फंड
युवाओं के नए विचारों को बढ़ावा देने के लिए सरकार 5 करोड़ रुपए का विचार फंड बनाएगी। यह फंड खास तौर पर स्टार्टअप से जुड़े विचारों के लिए होगा।
यानी किसी युवा के पास नया बिजनेस आइडिया या रोजगार पैदा करने वाला प्रोजेक्ट है तो उसे आगे बढ़ाने के लिए सरकारी स्तर पर मदद देने की व्यवस्था की जाएगी।
सरकारी कॉलेजों में मिलेगी मुफ्त कोचिंग
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी नई व्यवस्था की जाएगी। जिला स्तर पर सरकारी कॉलेजों में निःशुल्क कोचिंग शुरू होगी।
इसका उद्देश्य उन विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मौका देना है जो निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते।
इसके साथ ही सभी सरकारी कॉलेजों में एआई लैब बनाने की भी घोषणा की गई है। यहां विद्यार्थियों को नई तकनीक सीखने और उसका इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।
एक लाख युवाओं को कौशल विकास से जोड़ेंगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के एक लाख युवाओं को कौशल उन्नयन कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। सरकार इसके जरिए युवाओं को नौकरी और रोजगार के हिसाब से जरूरी ट्रेनिंग देने की तैयारी कर रही है।
कॉलेजों के विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के लिए सरकार एक एजेंसी भी तय करेगी। यह एजेंसी युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने का काम करेगी।
2027 में फिर होगी इन्वेस्टर्स समिट
रोजगार के नए अवसर तैयार करने के लिए वर्ष 2027 में एक बार फिर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की जाएगी। इस बार रोजगार देने वाले उद्योगों पर खास फोकस रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश आने से प्रदेश में नए उद्योग शुरू होंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
MPPSC के अलावा होगी विशेष रोजगारपरक परीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में MPPSC की दो परीक्षाएं कराने की योजना है। इनमें एक विशेष परीक्षा भी होगी।
इसके अलावा रोजगार से जुड़ी अलग परीक्षा कराने की बात भी कही गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक इस तरह की व्यवस्था देश में पहली बार मध्यप्रदेश में की जाएगी।
12 मेडिकल कॉलेज और 12 नए विश्वविद्यालय
सरकार ने वर्ष 2027 में प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर महीने एक मेडिकल कॉलेज शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही रोजगारपरक शिक्षा और नई स्किल्स सिखाने के लिए 12 नए विश्वविद्यालय भी खोले जाएंगे। सरकार का उद्देश्य इन संस्थानों के जरिए युवाओं को पढ़ाई के साथ रोजगार के लिए तैयार करना है।
युवा वर्ष के लिए युवाओं से मांगे जाएंगे सुझाव
वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने के लिए सरकार युवाओं की भागीदारी भी बढ़ाएगी। इसके लिए एक पोर्टल के जरिए युवाओं से सुझाव मांगे जाएंगे।
युवाओं से मिले सुझावों के आधार पर अलग-अलग कार्यक्रम और योजनाएं तैयार करने की बात कही गई है।
देश की आबादी में युवाओं की बड़ी हिस्सेदारी
दिए गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 15 से 29 साल के करीब 36.74 करोड़ युवा हैं। यह देश की कुल आबादी का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा है।
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान कुल मतदाताओं में 18 से 29 साल के मतदाताओं की हिस्सेदारी 22.78 प्रतिशत बताई गई थी। यानी देश के मतदाताओं में युवा वर्ग की हिस्सेदारी काफी बड़ी है।
वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव तक यही युवा मतदाता चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा होंगे। इसी कारण अलग-अलग राजनीतिक दल भी जेन-जी और युवा मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
युवाओं के लिए क्या-क्या घोषणाएं हुईं
मुख्यमंत्री की घोषणाओं के मुताबिक 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। MPPSC की दो परीक्षाएं कराई जाएंगी। रिसर्च विद्यार्थियों की सहायता राशि 16 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए प्रति माह होगी।
सरकारी कॉलेजों में प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग और एआई लैब शुरू होंगी। स्टार्टअप आइडिया के लिए 5 करोड़ रुपए का फंड बनाया जाएगा।
एक लाख युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। प्लेसमेंट के लिए एजेंसी तय होगी। प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 रोजगारपरक विश्वविद्यालय खोलने की भी योजना है।