MPPSC ADPO Exam 2026: हाईकोर्ट ने तारीख बदलने की मांग खारिज की, 1 नवंबर को ही होगी परीक्षा
हाईकोर्ट से राहत नहीं, 1 नवंबर को ही होगी परीक्षा
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की ADPO परीक्षा की तारीख नहीं बदलेगी। हाईकोर्ट ने परीक्षा की तारीख बदलने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। MPPSC की ओर से अधिवक्ता जयदीप बंसल ने अदालत के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता तारीख बदलने के लिए पर्याप्त तथ्य पेश नहीं कर सके। अदालत को न्यायिक हस्तक्षेप का कोई जरूरी आधार नहीं मिला। अब सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (ADPO) परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगी। परीक्षा 1 नवंबर 2026 को दोपहर 12 से 3 बजे तक होगी।
दो बड़ी परीक्षाएं एक दिन होने से परेशानी
निखिल भारद्वाज सहित पांच विधि स्नातकों ने जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनकी आपत्ति दो प्रतियोगी परीक्षाओं की तारीख टकराने को लेकर थी। MPPSC की ADPO और IBPS SO लॉ ऑफिसर मुख्य परीक्षा एक ही दिन निर्धारित थीं। दोनों परीक्षाओं का समय भी एक था। ऐसे में उम्मीदवारों के सामने किसी एक परीक्षा को छोड़ने की मजबूरी थी। याचिकाकर्ताओं ने इसे रोजगार के अवसरों और समानता के अधिकार से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने अदालत से ADPO परीक्षा की तारीख बदलने की मांग की थी।
पहले 18 अक्टूबर को होनी थी परीक्षा
MPPSC ने 10 मार्च 2026 को ADPO भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। विज्ञापन क्रमांक 03/2026 के तहत भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। शुरुआत में परीक्षा की तारीख 18 अक्टूबर 2026 तय की गई थी। आयोग ने 6 जुलाई को पदों की संख्या बढ़ाकर 107 कर दी। पहले इस भर्ती में केवल 17 पद थे।
पद बढ़ने के बाद आयोग ने आवेदन प्रक्रिया दोबारा खोली। इसके बाद 7 सितंबर 2026 को नया शुद्धिपत्र जारी किया गया। इसमें परीक्षा की तारीख बदलकर 1 नवंबर 2026 कर दी गई। इसी दिन IBPS SO लॉ ऑफिसर मुख्य परीक्षा भी निर्धारित थी। अभ्यर्थियों ने इस बदलाव पर आपत्ति जताई।
IBPS का परीक्षा कैलेंडर पहले जारी हुआ था
याचिकाकर्ताओं के अनुसार IBPS ने 16 जनवरी 2026 को परीक्षा कैलेंडर जारी किया था। इसमें SO मुख्य परीक्षा की तारीख 1 नवंबर 2026 प्रस्तावित थी। अभ्यर्थियों का कहना था कि वे पहले से घोषित कार्यक्रम के अनुसार तैयारी कर रहे थे। उन्होंने IBPS की प्रारंभिक परीक्षा में भी हिस्सा लिया था।
यह प्रारंभिक परीक्षा 29 अगस्त 2026 को आयोजित हुई थी। इसमें सफल उम्मीदवार मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान ADPO परीक्षा की नई तारीख घोषित होने से परेशानी बढ़ गई। दोनों परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के सामने मुश्किल खड़ी हो गई।
अनुच्छेद 14 और 16 के उल्लंघन का मुद्दा
याचिकाकर्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का हवाला दिया था। उन्होंने दोनों परीक्षाओं की तारीख एक होने पर समान अवसर का सवाल उठाया। उनका तर्क था कि भर्ती परीक्षाओं के बीच तालमेल होना चाहिए। इससे उम्मीदवारों को किसी एक रोजगार अवसर से वंचित नहीं होना पड़ेगा।
याचिका में संविधान के अनुच्छेद 19(1)(g) का भी उल्लेख किया गया। अभ्यर्थियों ने वैध अपेक्षा के सिद्धांत का भी हवाला दिया। उनके मुताबिक पहले घोषित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा की तैयारी की गई थी। बाद में तारीख बदलने से उनके करियर संबंधी अवसर प्रभावित हो रहे थे।
आयोग को दो बार भेजे थे अभ्यावेदन
याचिका के अनुसार अभ्यर्थियों ने MPPSC से परीक्षा की तारीख बदलने का अनुरोध किया था। इसके लिए 18 और 28 सितंबर 2026 को अभ्यावेदन भेजे गए थे। आयोग को ईमेल और औपचारिक आवेदन भी भेजे गए। अभ्यर्थियों का आरोप था कि उनकी समस्या का संतोषजनक समाधान नहीं मिला।
इसके बाद उन्होंने अदालत से हस्तक्षेप करने की मांग की। याचिका में आयोग को नई परीक्षा तारीख तय करने का निर्देश देने का अनुरोध था। अभ्यर्थियों ने 1 नवंबर की परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी करने पर रोक भी मांगी। तारीख बदलने वाले शुद्धिपत्र के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगाने की मांग भी की गई।
पुराने न्यायिक फैसलों का दिया हवाला
याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले का भी हवाला दिया था। यह फैसला निशा कुमारी बनाम हरियाणा लोक सेवा आयोग मामले से संबंधित था। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पुराने आदेशों का भी उल्लेख किया गया। अभ्यर्थियों ने इन न्यायिक दृष्टांतों के आधार पर राहत मांगी थी।
उनका तर्क था कि परीक्षाओं की तारीख टकराने पर न्यायिक हस्तक्षेप किया जा सकता है। हालांकि मौजूदा मामले में अदालत ने उनकी मांग स्वीकार नहीं की। अधिवक्ता जयदीप बंसल के अनुसार याचिकाकर्ता पर्याप्त कानूनी आधार प्रस्तुत नहीं कर सके।
अब उम्मीदवारों के सामने परीक्षा चुनने की चुनौती
हाईकोर्ट के आदेश के बाद ADPO परीक्षा की तारीख में कोई बदलाव नहीं हुआ है। MPPSC का पहले घोषित परीक्षा कार्यक्रम लागू रहेगा। दोनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के सामने व्यावहारिक चुनौती बनी हुई है। उन्हें एक ही समय पर होने वाली परीक्षाओं में से किसी एक को चुनना होगा। अदालत से राहत नहीं मिलने के कारण तारीख बदलने की मांग फिलहाल खत्म हो गई है। ADPO परीक्षा 1 नवंबर को निर्धारित समय पर आयोजित होने का रास्ता साफ है।