MPPSC कंप्यूटर विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा का रिजल्ट जारी करने HC ने दी मंजूरी
समझें क्या है पूरा मामला...
- MPPSC को कंप्यूटर विज्ञान भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी करने की सशर्त मंजूरी मिल गई है।
- कोर्ट ने आदेश दिया है कि याचिकाकर्ताओं के रिजल्ट सीलबंद लिफाफे में रखे जाए।
- यह याचिका छतरपुर के रहने वाले हरचंडी अहिरवार की तरफ से चुनौती देते हुई है।
- याचिका में आरक्षण के लाभ से वंचित किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं।
- इस मामले की अगली सुनवाई के लिए दो हफ्ते के बाद का समय तय किया है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से उन उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है, जो कंप्यूटर विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे।
जस्टिस प्रणय वर्मा और जस्टिस जेके पिल्लई की डिवीजन बेंच ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) को इस परीक्षा के परिणाम घोषित करने की सशर्त इजाजत दे दी है।
याचिकाकर्ताओं का रिजल्ट रहेगा सीलबंद
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में साफ-साफ कहा है कि जितने भी याचिकाकर्ता हैं, उनके रिजल्ट को एक सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखा जाए।
ऐसा इसलिए किया गया है ताकि अगर आगे कभी जरूरत पड़े, तो उसे कोर्ट के सामने पेश किया जा सके। इसके साथ ही कोर्ट ने इस पूरे मामले की अगली सुनवाई के लिए दो हफ्ते बाद का समय तय किया है।
आखिर क्यों कोर्ट में पहुंची यह भर्ती?
यह पूरा मामला छतरपुर के रहने वाले हरचंडी अहिरवार और कुछ अन्य अभ्यर्थियों की याचिका से जुड़ा हुआ है। इन लोगों ने उच्च शिक्षा विभाग और एमपीपीएससी की तरफ से 24 और 30 दिसंबर 2024 को जारी किए गए विज्ञापनों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
याचिकाकर्ताओं के मुख्य ऐतराज
- इस भर्ती में अनुभव के लिए जो 25 प्रतिशत अंक तय किए गए हैं, उस पर सवाल उठाए गए हैं।
- अभ्यर्थियों को आरक्षण के नियमों के तहत मिलने वाले लाभों से वंचित किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है।
पहले कोर्ट ने लगाई थी रोक
इससे पहले 17 मार्च 2026 को हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए एक अंतरिम आदेश दिया था। उस समय कोर्ट ने उन याचिकाकर्ताओं को इंटरव्यू में शामिल होने की इजाजत तो दे दी थी, जिन्होंने लिखित परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन उनका फाइनल रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगा दी थी।
एमपीपीएससी ने कोर्ट में क्या दलील दी?
एमपीपीएससी ने डिवीजन बेंच के सामने एक आवेदन लगाया था। इसमें आयोग ने कहा था कि कंप्यूटर विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए रिजल्ट घोषित न होने की वजह से पूरी चयन प्रक्रिया रुकी हुई है। इससे काम प्रभावित हो रहा है।
इस मामले में राज्य सरकार की ओर से उप-महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी ने पैरवी की। साथ ही एमपीपीएससी की ओर से अधिवक्ता आदित्य पचौरी ने अपने तर्क रखे। दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने शर्तों के साथ रिजल्ट जारी करने का रास्ता साफ कर दिया है।
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