MPPSC ने जारी की खाद्य सुरक्षा अधिकारी चयन सूची, देखें डिटेल
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने चयन सूची जारी कर दी है।
- यह खाद्य सुरक्षा अधिकारी परीक्षा 2025 का परिणाम है।
- कुल 123 पदों में से 109 पदों की सूची घोषित हुई है।
- बाकी 13 प्रतिशत पद कोर्ट केस के फैसले पर टिके हैं।
- मुख्य सूची में 101 और अनुपूरक सूची में 32 नाम शामिल हैं।
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी MPPSC ने बड़ा रिजल्ट जारी कर दिया है। यह रिजल्ट खाद्य सुरक्षा अधिकारी परीक्षा 2025 का है। आयोग ने इंदौर से 22 जून 2026 को यह सूची जारी की। यह सूची क्रमांक 4350/05/2026/चयन के तहत जारी हुई है। इसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी पद के लिए चुने गए अभ्यर्थियों की जानकारी दी गई है।
यह भर्ती मध्य प्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए हो रही है। आयोग ने इसके लिए विज्ञापन क्रमांक 04/2025 जारी किया था। यह विज्ञापन 23 जून 2025 को जारी हुआ था। इसी विज्ञापन के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी के कुल 123 पद निकाले गए थे।
कुल कितने पद और किस वर्ग में कितने
कुल 123 पदों में अनारक्षित वर्ग के लिए 30 पद रखे गए थे। अनुसूचित जाति यानी SC के लिए 17 पद तय थे। अनुसूचित जनजाति यानी ST के लिए 28 पद रखे गए। अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC के लिए 38 पद थे। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS के लिए 10 पद तय थे।
इन सभी पदों में से महिलाओं के लिए भी आरक्षण तय किया गया था। अनारक्षित वर्ग में 11 पद महिलाओं के लिए रखे गए। SC वर्ग में 6, ST वर्ग में 10, OBC वर्ग में 13 और EWS वर्ग में 4 पद महिलाओं के लिए आरक्षित थे। इसके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व सैनिकों के लिए भी पद आरक्षित किए गए थे। दिव्यांगजनों के लिए भी कुछ पद रखे गए थे। इनमें लोकोमोटर डिसेबिलिटी के लिए 4 पद और श्रवणबाधित यानी सुनने में अक्षम लोगों के लिए 8 पद आरक्षित थे।
परीक्षा से रिजल्ट तक का सफर
खाद्य सुरक्षा अधिकारी परीक्षा 2025 का आयोजन 14 दिसंबर 2025 को हुआ था। आयोग ने लिखित परीक्षा का परिणाम 21 जनवरी 2026 को घोषित किया। इसके बाद पात्र अभ्यर्थियों के साक्षात्कार हुए। ये साक्षात्कार 15 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक आयोजित किए गए। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दोनों में मिले अंकों के आधार पर अंतिम चयन सूची तैयार की गई।
मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के मुताबिक पदों को दो भागों में बांटा गया है। कुल पदों का 87 प्रतिशत मुख्य भाग माना गया है। बाकी 13 प्रतिशत हिस्सा प्रावधिक भाग कहलाता है। आयोग ने अभी सिर्फ मुख्य भाग यानी 87 प्रतिशत पदों का परिणाम घोषित किया है।
87 प्रतिशत पदों के लिए चयन सूची जारी
आयोग ने शुद्धिपत्र के माध्यम से 19 जनवरी 2026 को पद विभाजन साफ किया था। इसके मुताबिक 87 प्रतिशत मुख्य भाग के लिए कुल 109 पद तय किए गए। इनमें अनारक्षित वर्ग के 30, SC वर्ग के 17, ST वर्ग के 28, OBC वर्ग के 24 और EWS वर्ग के 10 पद शामिल हैं। अब इन्हीं 109 पदों के लिए चयन सूची जारी हुई है।
इस सूची में दो हिस्से हैं। पहला है मुख्य सूची, जिसमें 101 अभ्यर्थियों के नाम शामिल हैं। दूसरा है अनुपूरक सूची, जिसमें 32 अभ्यर्थियों के नाम दिए गए हैं। अनुपूरक सूची में वे अभ्यर्थी शामिल होते हैं जो मुख्य सूची में जगह नहीं बना सके, लेकिन आगे रिक्तियां आने पर उन्हें मौका मिल सकता है।
बाकी 13 प्रतिशत पदों का क्या होगा
बाकी बचे 13 प्रतिशत पदों यानी प्रावधिक भाग का परिणाम अभी रुका हुआ है। आयोग ने बताया कि यह परिणाम अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण से जुड़े एक कोर्ट केस पर निर्भर है। यह मामला अदालत में लंबित है। जैसे ही इस मामले का अंतिम न्यायिक फैसला आएगा, उसके बाद ही प्रावधिक भाग का परिणाम घोषित होगा।
इसके अलावा पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित कुल 12 पदों में से भी 6 पद खाली रह गए हैं। आयोग के मुताबिक इन पदों के लिए पर्याप्त योग्य अभ्यर्थी नहीं मिल पाए। यह कमी SC, ST और EWS वर्ग में देखी गई है।
महिलाओं के लिए खास नियम
आयोग ने यह भी बताया कि अगर किसी वर्ग में महिला अभ्यर्थी पर्याप्त संख्या में नहीं मिलती हैं, तो उस वर्ग के महिला आरक्षित पद पुरुष अभ्यर्थियों से भरे जा सकते हैं। यह नियम मध्य प्रदेश शासन के पुराने परिपत्र के मुताबिक तय किया गया है। यह परिपत्र 10 फरवरी 1997 को जारी हुआ था। इसी नियम के आधार पर इस चयन सूची में भी कुछ बदलाव किए गए हैं।
अदालती मामलों पर भी निर्भर रहेगा रिजल्ट
आयोग ने यह भी साफ किया कि यह पूरा चयन परिणाम सुप्रीम कोर्ट और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चल रहे कुछ मामलों के अंतिम फैसले पर निर्भर रहेगा। इनमें कई याचिकाएं शामिल हैं। जिन अभ्यर्थियों का मामला अदालत में लंबित है, उनका चयन परिणाम भी कोर्ट के अंतिम आदेश के अधीन रहेगा।
कंप्यूटर त्रुटि सुधारने का अधिकार
आयोग ने अपने आदेश में एक और जरूरी बात बताई है। अगर चयन परिणाम जारी होने के बाद किसी तरह की कंप्यूटर या लिपिकीय गलती सामने आती है, तो आयोग के पास उसे सुधारने का पूरा अधिकार सुरक्षित रहेगा। इस पूरे आदेश पर म.प्र. लोक सेवा आयोग इंदौर की सचिव शीतला पटले के हस्ताक्षर हैं।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी चयन