MPPSC राज्य सेवा परीक्षा प्री 2026 से थ्री लेयर सुरक्षा सिस्टम लागू, हर परीक्षा में होगी जांच

Sanjay Gupta | Apr 12, 2026, 11:51 IST
mppsc pre exam three layer security
MPPSC ने परीक्षा की सुरक्षा के लिए थ्री लेयर सिस्टम लागू किया है। इसकी शुरुआत 26 अप्रैल को होने वाली राज्य सेवा प्री 2026 परीक्षा से होगी। बायोमैट्रिक जांच, मेटल डिटेक्टर और सीसीटीवी निगरानी से नकल और फर्जीवाड़े पर सख्ती रहेगी।

5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने थ्री लेयर सुरक्षा सिस्टम लागू किया है।
  • इसकी शुरुआत 26 अप्रैल को होने वाली राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 से की जाएगी।
  • इसमें बायोमैट्रिक, मेटल डिटेक्टर और सीसीटीवी जांच होगी।
  • इसका डेटा अंतिम चयन तक सुरक्षित रखा जाएगा।
  • इस बार MPPSC प्री परीक्षा में 1.34 लाख उम्मीदवार शामिल होंगे।

MPPSC ने राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के लिए सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए अब थ्री लेयर सुरक्षा सिस्टम लागू किया गया है। इसकी शुरुआत 26 अप्रैल 2026 से होने जा रही है।



नई नियमावली के तहत केंद्रों पर बायोमेट्रिक, फेस रिकग्निशन और क्यूआर कोड स्कैनिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से जांच होगी। सघन चेकिंग में लगने वाले समय को देखते हुए अभ्यर्थियों को 90 मिनट पहले पहुंचना अनिवार्य है। वेरिफिकेशन के बाद एडमिट कार्ड पर होलोग्राम लगाया जाएगा। पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने हेतु छात्र केवल जरूरी पेन और आईडी कार्ड ही साथ ले जा सकेंगे।



mppsc pre exam three layer security system
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इस तरह का रहेगा थ्री लेयर सिस्टम

  • बायोमैट्रिक जांच- इसके तहत उम्मीदवार के एडमिट कार्ड पर आए क्यूआर कोड से बायोमैट्रिक की जांच की जाएगी। आधार कार्ड की जांच होगी। साथ ही आईरिस स्कैनर रहेगा और फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन मशीन भी होगी।
  • हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर- परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवार की जांच हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से होगी। इससे नकल में उपयोग करने वाले विविध इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच होगी।
  • सीसीटीवी- हर परीक्षा केंद्र और इसके हर कमरे में सीसीटीवी लगेंगे। इन सीसीटीवी की लिंक सीधे आयोग के कंट्रोल रूम पर होगी। इससे यहां पर लगातार वॉच रखी जाएगी और कोई भी संदिग्ध लगने पर सीधे परीक्षा केंद्र पर फोन जाएगा।

इस डेटा को भर्ती तक रखा जाएगा

पीएससी ओएसडी डॉ. रविंद्र पंचभाई ने कहा कि आयोग लगातार सुरक्षा और गोपनीयता के लिए काम करता है। इसके तहत यह कदम पीएससी चेयरमैन डॉ. राजेश लाल मेहरा और आयोग द्वारा लिया गया है। यह जो डेटा होगा, उसे उम्मीदवार के अंतिम चयन, भर्ती तक रखा जाएगा, ताकि कभी भी इसमें बदलाव हो तो इसे जांचा जा सके।



प्री में 1.34 लाख आवेदक हैं

इस बार राज्य सेवा परीक्षा 2026 में कुल 1.34 लाख आवेदन आए हैं। वहीं इसमें 155 पद हैं। कम पदों के कारण इसे बढ़ाने की भी मांग लगातार हो रही है। आयोग के पास इसे बढ़ाने के लिए करीब एक माह का समय रहेगा। प्री के रिजल्ट के पूर्व तक यह पद बढ़ाए जा सकते हैं। हालांकि अभी तक विभागों से इस संबंध में मांगपत्र आयोग के पास नहीं आया है।





ESB में पहले से है सिस्टम

कर्मचारी चयन मंडल ने यह सिस्टम पहले ही लागू कर दिया है। खासकर सिपाही भर्ती में आधार घोटाला सामने आने के बाद ईएसबी ने भी थ्री लेयर सिस्टम को अपनाया था। इसके बाद सीसीटीवी के जरिए ही हाल ही में आबकारी आरक्षक भर्ती में उम्मीदवार द्वारा किए गए नकल कांड का खुलासा हुआ था।



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