एमपी में कैसे होगी युवाओं की दिवाली हैप्पी, रिजल्ट और भर्ती होल्ड, पीएससी में दो मेंबर भी नहीं, एसएलपी में डिफॉल्ट

Sanjay Gupta | Nov 07, 2026, 16:19 IST
दीप पर्व शुरू, पर युवाओं की दिवाली पर भर्ती संकट का साया
estival of lights begins, but recruitment crisis shadows youth's Diwali
देश में सबसे बड़ा त्योहार दीप पर्व शुरू हो चुका है। लेकिन इस त्योहार के बीच में भी युवा उलझन में हैं। वे हताशा में हैं। भर्ती विज्ञापन दिसंबर अंत में आते हैं, लेकिन उलझन में हैं। रिजल्ट रुक चुके हैं, आयोग में बोर्ड मेंबर तक नहीं हैं। वहीं ओबीसी केस में सरकार ने एसएलपी लगाई, लेकिन डिफॉल्ट तक नहीं सुधारे।

ऐसे में सवाल यही है कि युवाओं की दिवाली कैसे हैप्पी होगी।



कैसे मिलेगी युवाओं को खुशखबरी ?

दिवाली उत्सव शुरू हो चुका है। यह प्रभु श्री राम के वनवास खत्म कर घर लौटने का दीप पर्व है। लेकिन मप्र के युवाओं के ओबीसी केस का वनवास सात साल बाद भी खत्म नहीं हो रहा है। हाईकोर्ट से फैसला हुआ तो लगा कि अब युवाओं को खुशखबरी मिलेगी, लेकिन इसके बाद तो 87 फीसदी पर भी रिजल्ट आने बंद हो गए। साथ ही भर्ती विज्ञापन भी होल्ड हो गए। देखिए भर्तियों को लेकर सरकार का क्या रवैया है।



एसएलपी के डिफॉल्ट तक नहीं सुधरे

हाईकोर्ट जबलपुर ने ओबीसी आरक्षण केस पर 9 अक्टूबर को फैसला सुनाया। प्रदेश सरकार 16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट चली गई। लेकिन इस बात को 22 दिन हो चुके हैं, अभी तक सरकार ने एसएलपी में सामने आए 10 डिफॉल्ट तक को नहीं सुधारा। इसके चलते एसएलपी नंबर ही जनरेट नहीं हुआ और न ही यह सुनवाई पर आ सकी है।



सारे रिजल्ट हो गए होल्ड

जब तक सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे नहीं मिलेगा, भर्ती रिजल्ट होल्ड ही रहने की आशंका बनी रहेगी। सरकार ओबीसी को 14 फीसदी आरक्षण के साथ रिजल्ट जारी करना नहीं चाहती है। ऐसे में मामला फंस गया है। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि जो भी रिजल्ट जारी होंगे, वे 14 फीसदी ओबीसी आरक्षण के साथ होंगे। अब 87-13 फीसदी फॉर्मूले का अस्तित्व नहीं बचा है। असिस्टेंट प्रोफेसर का रिजल्ट हो या पीएससी की राज्य सेवा परीक्षा मेंस 2025 व 2026 का रिजल्ट, सब होल्ड हो चुके हैं। इसी तरह ईएसबी भले ही पहले जारी विज्ञापन के कारण परीक्षा ले रहा है, लेकिन रिजल्ट जारी करना मुश्किल रहेगा।



दिसंबर आ रहा है, भर्ती विज्ञापन कब आएंगे

आयोग की ओर से हर साल दिसंबर माह के अंत में सभी भर्ती विज्ञापन जारी होते हैं। इसमें खासकर सभी की नजरें राज्य सेवा परीक्षा पर होती हैं। साथ ही अन्य सभी प्रमुख भर्तियों के विज्ञापन आते हैं। लेकिन जब तक सुप्रीम कोर्ट से स्टे नहीं मिलता है, ये विज्ञापन जारी होंगे या नहीं, इस पर भी असमंजस बना हुआ है। वजह वही है कि सरकार को 14 फीसदी ओबीसी आरक्षण पर ही पद निकालने होंगे और यह सरकार नहीं चाहती है। वहीं सरकार की इस ओबीसी वोट बैंक की राजनीति ने एसटी, एससी हो या सामान्य वर्ग, अन्य को नाराज कर दिया है। वे अटक गए हैं।



परीक्षा कैलेंडर भी अटका

इसी तरह पीएससी का परीक्षा कैलेंडर, जो सामान्य तौर पर सितंबर-अक्टूबर में आ जाता था, वह भी अटक गया है। आयोग कब कौन-सी परीक्षा लेगा, यह तय नहीं है। हालांकि सूत्रों के अनुसार आयोग 10-15 दिन और इंतजार करेगा और इसके बाद परीक्षा कैलेंडर जारी कर देगा। हालांकि भर्ती विज्ञापन आने पर असमंजस बना रहेगा।



स्पेशल पीएससी का क्या होगा

सीएम डॉ.मोहन यादव ने कहा था कि 85 हजार पदों पर पदोन्नति से पद रिक्त हुए हैं। इन सभी पर भर्ती के लिए स्पेशल पीएससी साल 2027 में जनवरी-फरवरी में कराई जाएगी। लेकिन इसका विज्ञापन कब निकलेगा, नहीं पता। यदि पीएससी जनवरी-फरवरी में कराना है तो आयोग को कम से कम 50 दिन पहले विज्ञापन जारी करना होगा। लेकिन मौजूदा हालात में यह दिख नहीं रहा है। साल 2027 में सरकार युवा वर्ष मना रही है, लेकिन ओबीसी केस के बाद रिक्त पद और भर्तियों पर अभी स्थिति साफ नहीं है।



ये हाल- आयोग में दो मेंबर मार्च से नहीं

भर्ती एजेंसी को लेकर सरकार कितनी संजीदा है, इसका पता इसी बात से चलता है कि पीएससी में बीस साल में कभी भी पूरे 5 सदस्य ही नहीं रहे हैं। आयोग में मार्च में एक और सदस्य के रिटायर होने के बाद चेयरमैन राजेश लाल मेहरा के साथ सदस्य प्रोफेसर नरेंद्र कोष्ठी और डॉ. पिंकेश लता रघुवंशी सदस्य हैं। दो पद रिक्त हैं। इसके चलते बोर्ड अपने जो पांच इंटरव्यू बोर्ड बना सकता है, वह केवल तीन से ही काम चला रहा है। इसके चलते इंटरव्यू की प्रक्रिया में खासी देरी हो रही है और लंबी वेटिंग चल रही है। असिस्टेंट प्रोफेसर के कई विषयों के इंटरव्यू अटके हुए हैं। फिर पीएससी 2025 व 2026 के मेंस रिजल्ट आने के बाद इनके भी इंटरव्यू कराने होंगे।



ईएसबी में चार डायरेक्टर बदल गए

वहीं ईएसबीकी बात करें तो यहां एक साल में चार डायरेक्टर बदल गए हैं। पहले आईएएस साकेत मालवीय, फिर अजय कटेसरिया, इसके बाद अंकित अस्थाना डायरेक्टर बने और अब आईएएस गौरव बैनल को डायरेक्टर बनाया गया है। लगातार डायरेक्टर बदलने से नीतिगत बड़े फैसलों में देरी हो रही है।



कब होगी सिंगल भर्ती परीक्षा ?

मप्र सामान्य प्रशासन विभाग ने सीएम के निर्देश के बाद पीएससी और ईएसबी में सिंगल परीक्षा सिस्टम के लिए प्रारूप जारी किया था। जून में इसे जारी करने के बाद कहा गया कि अक्टूबर से नए परीक्षा नियम 2026 लागू होंगे। लेकिन सभी से सुझाव मंगाने के बाद इस मामले का क्या हुआ, किसी को नहीं पता और मुद्दा ठंडे बस्ते में चला गया है। अक्टूबर में इनका मुख्य सचिव के सामने प्रेजेंटेशन होना था और मंजूरी होनी थी, लेकिन यह मामला अभी होल्ड पर चल रहा है। खासकर ओबीसी के सभी मामले अटका दिए हैं।

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