टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की जांच के लिए इंदौर पहुंची मुंबई क्राइम ब्रांच, हथियार सप्लाई के संदेह में एक हिरासत में
मुंबई और इंदौर क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई
जानकारी के अनुसार मुंबई क्राइम ब्रांच को इंदौर में एक संदिग्ध के मौजूद होने की सूचना मिली थी। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम इंदौर पहुंची। टीम ने इंदौर क्राइम ब्रांच के साथ संयुक्त कार्रवाई की। इस दौरान परदेशीपुरा इलाके से प्रांजल ठाकरान को पकड़ा गया। प्रांजल पर हथियारों की सप्लाई से जुड़े होने का संदेह है। उससे पूछताछ की जा रही है।
भाई का इलाज कराने इंदौर आया था प्रांजल
प्रांजल ठाकरान मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। वह अपने भाई का इलाज कराने इंदौर आया था। पिछले पांच दिनों से वह परदेशीपुरा इलाके में रह रहा था। इसी दौरान मुंबई और इंदौर क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। इंदौर के अधिकारियों ने मुंबई क्राइम ब्रांच के आने की पुष्टि की है। हालांकि कार्रवाई के संबंध में अभी कोई बयान नहीं दिया है।
हथियार सप्लाई की आशंका
टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले में जिस हथियार का उपयोग हुआ, उसे लेकर प्रांजल को पकड़ा गया है। शुरुआती जानकारी में उसकी भूमिका हथियारों की सप्लाई और हमले की कथित योजना से जुड़ी बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है।
अब सवाल है कि कथित तौर पर हथियार कहां से जुटाए गए? उन्हें किसने सप्लाई किया और हमले की योजना बनाने में कौन-कौन शामिल था? क्या इंदौर में इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोग भी सक्रिय हैं? जांच एजेंसियां इन पहलुओं की पड़ताल कर सकती हैं।
इंदौर में फरवरी-मार्च में एक के बाद एक धमकियां
इंदौर में पहले से ही लॉरेंस गैंग कई रसूखदारों को वसूली के लिए धमकी दे चुका है। इंदौर में फरवरी-मार्च के दौरान कई बिल्डरों और रसूखदारों को अवैध वसूली के लिए फोन आए। ये फोन लॉरेंस बिश्नोई गैंग और हैरी बॉक्सर के नाम से आए थे। इस मामले में इंदौर क्राइम ब्रांच ने स्पेशल टीम बनाकर जांच की, जिसके बाद कई आरोपी पकड़े गए। इनमें नागदा, उज्जैन के राजपाल चंद्रावत और योगेश भाटी भी शामिल थे। ये सभी लॉरेंस गैंग से जुड़े थे।
इंदौर में इन सभी को दी गई थी धमकी
इंदौर में बिल्डर विवेक दम्मानी को पांच करोड़ रुपए की वसूली की धमकी मिल चुकी है। इस मामले में उन्होंने केस दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षा दी है। इसमें उनके बेटे को भी गोली मारने की धमकी दी गई थी। प्रॉपर्टी कारोबारी चेतन पंवार और उनके पार्टनर कुंवर सिंह भूरिया को दस करोड़ रुपए की वसूली की धमकी दी गई। कॉलेज संचालक रंजन मित्तल को धमकी दी गई। इसके साथ ही कारोबारी संजय मोगरा (जैन) से 15 करोड़ रुपए और मेवाड़ अस्पताल के संचालक विक्रम मेवड़ा से पांच करोड़ रुपए मांगे गए।
पुलिस ने चार लोगों को दी है सुरक्षा
वहीं, लॉरेंस गैंग की सक्रियता के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस ने चार लोगों को सुरक्षा दी है। इनकी सुरक्षा में दो-दो सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। इनमें दम्मानी, संजय मोगरा और रंजन मित्तल शामिल हैं। ये सभी पुलिस सुरक्षा में ही बाहर निकलते हैं। वहीं, निजी स्तर पर भी ये सतर्कता बरत रहे हैं।