बंटी नागर के मौत की वजह बनी साड़ी पत्नी की, शक पहले से ही मरने का बना लिया था मन
संदीप उर्फ बंटी नागर द्वारा रविवार 27 सितंबर को उठाया गया सुसाइड का कदम पूरे रियल सेक्टर को चिंता में डाल गया है। उन्होंने साकेत नगर स्थित द मार्क बिल्डिंग के अपने ऑफिस नंबर 404 में साड़ी के फंदे से फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। अब इस साड़ी का रहस्य खुल गया है।
साड़ी का रहस्य क्यों था
इस घटना में साड़ी एक बड़ा रहस्य था। क्योंकि बंटी नागर ने जिस दिन सुसाइड किया उनके आने के समय के सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने देखे थे। बंटी करीब डेढ़ बजे ऑफिस के लिए आए। वह गाड़ी से उतरे और ऑफिस की ओर गए। वह खाली हाथ थे और उनके हाथ में साड़ी और कोई थैली नहीं थी। यानी साड़ी वह लेकर नहीं गए।
पुलिस ने की पहचान साड़ी पत्नी की
पुलिस ने परिजनों को साड़ी की फोटो दिखाकर पूछा था। इसके बाद यह तय हो गया कि यह साड़ी बंटी की पत्नी अर्पणा की है। लेकिन पत्नी को यह नहीं पता कि बंटी यह साड़ी कब लेकर ऑफिस गए।
अब आशंका क्या बंटी ने पहले से मन बनाया
बंटी नागर रविवार को जब आफिस में जा रहे थे तब वह दोनों हाथों में फोल्ड वाला मोबाइल खोलकर कुछ इसमें देखते हुए आफिस की ओर जा रहे हैं। उनके पास साड़ी या कोई थैली, पैकेट नहीं थी, जिससे लगे कि वह अपने साथ साड़ी लेकर गए थे। यानी साड़ी ऑफिस में पहले से रखी हुई थी। अब इससे इसी बात की आशंका है कि बंटी ने एक-दो दिन पहले से ही यह साड़ी लाकर ऑफिस में रखी थी।
मौत के लिए रविवार क्यों चुना
बाकी दिनों में बंटी के आफिस में स्टाफ रहता है। ऐसे में आशंका है कि बंटी ने पहले से ही मन बना लिया था कि सुसाइड करना है। इसलिए साड़ी पहले से ही आफिस में रखी थी। फिर रविवार को जब ऑफिस में स्टाफ नहीं होता है, उन्होंने घर से ऑफिस की चाबी ली और फिर जब वह अकेले थे तब यह कदम उठा लिया।
परिजनों से बयान अब एक-दो दिन में
बंटी का अंतिम संस्कार सोमवार को होने के बाद मंगलवार को उठावना भी हो गया। पुलिस ने अभी तक परिजनों से पूछताछ नहीं की है। अब पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिजनों ने अभी बयान के लिए समय मांगा है। एक-दो दिन में बयान ले लिए जाएंगे।
स्टाफ के हुए बयान कुछ नहीं मिला
एसीपी नीति दंडोतिया ने बताया कि स्टाफ के बयान हुए हैं। लेकिन ऐसा कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। सभी ने कहा कि उनके व्यवहार से ऐसा कुछ नहीं था कि वह इस तरह का कदम उठाएंगे। कोई दबाव या चिंता वाली बात भी सामने नहीं आई।
सीडीआर निकाली, लेकिन मोबाइल नहीं खुला
पुलिस ने अभी तक इसमें फंदा लगाने वाली साड़ी, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल जब्त कर लिया है। आफिस से भी रिकार्डिंग ली है लेकिन हार्डडिस्क नहीं मिली है। वहीं मोबाइल अभी खुला नहीं है, पैटर्न लाक खोलने के लिए टीम लगी हुई है। पुलिस ने फोन की काल डिटेल रिपोर्ट निकाल ली है। इसका एनालिस किया जा रहा है जिसमें दो दिन करीब लगेंगे। सूत्रों के अनुसार बंटी कॉल के लिए अधिकांशतः वाट्सअप काल का उपयोग करता था। ऐसे में सीडीआर से भी बहुत कुछ मिलने की संभावना नहीं है। ऐसे में मोबाइल का खुलना जरूरी है, तभी वाटसअप चैट, कॉल की डिटेल सामने आएगी।
उस दिन यह घटनाक्रम हुआ
पुलिस की तफ्तीश में और सीसीटीवी से जो सामने आया उसके अनुसार बंटी रविवार 27 सितंबर को करीब डेढ़ बजे अपने ऑफिस में गए। जब परिजनों ने फोन लगाए तो संपर्क नहीं हुआ।
काफी देर के बाद परिजनों ने तलाशा कि कहां गए होंगे। घर में देखा तो ऑफिस की दो चाबी में से एक नहीं थी। बेटा ऋषित शाम साढ़े पांच-छह बजे के बीच में आफिस पहुंचा, नीचे उनकी कार पार्किंग में थी। वह ऑफिस गया तो दरवाजा अटका हुआ था। दरवाजा खोलकर जैसे घुसा तो बंटी नागर फंदे पर थे। घबराकर परिजनों को खबर की।
रिश्तेदार वहां पहुंचे और शाम करीब साढ़े छह बजे वह लिफ्ट से अपने कंधे पर लेकर नीचे आए। तब तक परिजन एंबुलेंस भी बुला चुके थे। तत्काल उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल लेकर गए। वहां उन्हें डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ही पुलिस को सूचना दी गई। जिसके बाद रात आठ बजे करीब घटना का खुलासा हुआ।