नलखेड़ा मां बगलामुखी मंदिर के नियमों में बदलाव, अब रात 8 बजे के बाद नहीं होंगे यज्ञ-हवन
अभी गणेश उत्सव का पावन दौर चल रहा है। इसके ठीक बाद नवरात्रि का बड़ा महापर्व शुरू होने वाला है। नवरात्रि के नौ दिनों में मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध नलखेड़ा बगलामुखी माता मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
तंत्र साधना और मनोकामना सिद्धि के लिए यहां देश के कोने-कोने से लोग विशेष हवन और धार्मिक अनुष्ठान कराने पहुंचते हैं।
इस बार नवरात्रि पर आने वाली भारी भीड़, सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बगलामुखी मंदिरप्रबंधन समिति ने अभी से एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। समिति ने मंदिर में हवन और अनुष्ठान कराने के लिए समय सीमा तय कर दी है।
रात 8 बजे के बाद नहीं होगा कोई भी हवन
तहसीलदार और मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव की ओर से नया आदेश जारी किया गया है। इसके अनुसार अब रात 8 बजे के बाद मंदिर परिसर या बाहर बने किसी भी हवन स्लॉट में हवन की अनुमति नहीं होगी।
बगलामुखी माता मंदिरप्रबंधन का कहना है कि यह फैसला श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए लिया गया है। रात के समय हवन बंद होने से परिसर में शांति बनी रहेगी। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को संभालना भी काफी आसान हो जाएगा।
पंडितों, संचालकों और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
आगर के नलखेड़ा की मां बगलामुखी मंदिर समिति ने सभी स्थानीय पंडितों, यज्ञशाला संचालकों और बाहर से आने वाले यजमानों से अपील की है कि वे इस नए नियम का पूरी तरह से पालन करें।
अब जो भी श्रद्धालु नवरात्रि या सामान्य दिनों में हवन कराने की सोच रहे हैं, उन्हें दिन के समय या शाम 8 बजे से पहले का स्लॉट ही चुनना होगा। अपनी पूजा और अनुष्ठान की योजना इसी समय-सारणी के हिसाब से पहले से बना लें, ताकि मंदिर पहुंचने पर किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।
नियम तोड़ा तो सीधे कार्रवाई
मंदिर प्रबंधन ने अपने आदेश में यह बात बिल्कुल साफ कर दी है कि तय समय का उल्लंघन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई भी व्यक्ति या संचालक रात 8 बजे के बाद हवन या यज्ञ करता पाया गया, तो उसके खिलाफ तय नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर प्रशासन का मुख्य मकसद यही है कि आने वाले त्योहारों में हर श्रद्धालु बिना किसी अव्यवस्था के माता के दर्शन और पूजन का लाभ ले सके।
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