इंदौर में नर्मदा चौथे चरण के लिए मोहन सरकार ने 1530 करोड़ लोन लेने की मंजूरी दी
News in Short
- नर्मदा चौथे चरण को सरकार ने मंजूरी दी है।
- इंदौर निगम को लोन लेने की अनुमति मिली है।
- इससे पानी सप्लाई दोगुनी हो जाएगी।
- 2029 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य है।
- शहर की पानी समस्या में राहत मिल सकती है।
News in Detail
इंदौर में पानी को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। नर्मदा के चौथे चरण के लिए मोहन सरकार से लोन लेने की मंजूरी मिल गई है। इससे शहर के भविष्य की बड़ी जरूरत पूरी होगी। यह प्रोजेक्ट इंदौर के लिए अहम माना जा रहा है। इससे साल 2047 तक की पानी की जरूरत पूरी हो सकेगी।
नर्मदा चौथा चरण क्यों है जरूरी
अभी इंदौर में 450 एमएलडी पानी मिलता है। शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है। साल 2047 तक 65 लाख की जनसंख्या होगी। मांग के हिसाब से पानी कम पड़ रहा है। इसलिए नए प्रोजेक्ट की जरूरत महसूस हुई। चौथे चरण के बाद सप्लाई 900 एमएलडी होगी। इससे पानी की कमी नहीं होगी।
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कब शुरू हुआ और कब पूरा होगा प्रोजेक्ट
इंदौर में 29 मार्च को नर्मदा चौथे चरण का भूमिपूजन हुआ। सीएम डॉ. मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव व अन्य जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहे। भूमिपूजन के साथ काम की शुरुआत हुई। साल 2029 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह समय सीमा शहर की जरूरत को देखते तय हुई।
प्रोजेक्ट की लागत और फंडिंग कैसे होगी
इस योजना के लिए 2600 करोड़ की जरूरत है। पहले इसका बजट काफी कम रखा गया था। बाद में इसे भविष्य की जरूरत के हिसाब से महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बदलाव किया और बड़ा रूप दिया। करीब 800 करोड़ केंद्र और राज्य देंगे। बाकी पैसा निगम को खुद जुटाना होगा। सरकार ने 1530 करोड़ लोन की मंजूरी दी है। इससे प्रोजेक्ट को तेजी मिलेगी।
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लोन कैसे लिया जाएगा
निगम लोन के लिए टेंडर जारी करेगा। वित्तीय संस्थाओं को इसमें शामिल किया जाएगा। जो संस्था कम ब्याज देगी उसे चुना जाएगा। बांड के जरिए भी पैसा जुटाया जा सकता है। इससे निगम पर बोझ कम रखने की कोशिश होगी।
प्रोजेक्ट में क्या काम होंगे
यह प्रोजेक्ट चार हिस्सों में पूरा होगा। हर हिस्से का काम अलग तय किया गया है। नई टंकियां बनाई जाएंगी। नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इंटकवेल का निर्माण भी होगा। करीब ढाई लाख घरों को कनेक्शन मिलेंगे। काम समय पर हो इसके लिए प्लान तैयार होगा।
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नगर निगम की आर्थिक स्थिति क्या कहती है
निगम को इस साल अच्छी आमदनी मिली है। 2025-26 में 1079 करोड़ का राजस्व मिला। इसमें संपत्ति कर सबसे ज्यादा रहा। करीब 612 करोड़ संपत्ति कर से आए। जलकर से कम आमदनी हुई है। सिर्फ 40 करोड़ ही जमा हो सके। अन्य आय में कई स्रोत शामिल हैं। जैसे कॉलोनी सेल और पार्किंग शुल्क।