दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का कांग्रेस पर तंज, वो जीता नहीं था, मैं हारा था
समझें क्या है पूरा मामला...
- नरोत्तम मिश्रा बोले, जीतू पटवारी सिर्फ फेसबुक के नेता हैं।
- दतिया उपचुनाव से पहले मिश्रा का कांग्रेस पर तीखा वार।
- मैं हारा था, वो नहीं जीता था, मिश्रा का बड़ा दावा।
- राजेंद्र भारती के आरोपों पर मिश्रा ने मांगे सबूत।
- पेड न्यूज के आरोपों पर नरोत्तम मिश्रा का जवाब।
दतिया उपचुनाव से पहले सियासत गरम हो गई है। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जीतू पटवारी और राजेंद्र भारती को फेसबुकिया नेता बताया। मिश्रा ने कहा कि दतिया की जनता उनका परिवार है। उन्होंने पिछले चुनाव को लेकर भी बड़ा बयान दिया।
रावतपुरा कॉलेज में व्यापारियों का कार्यक्रम
दतिया विधानसभा उपचुनाव नजदीक आते ही स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को रावतपुरा कॉलेज में व्यापारियों का एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसी कार्यक्रम में पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पहुंचे।
मिश्रा ने अपने संबोधन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने दोनों नेताओं को तीखे शब्दों में घेरा। कार्यक्रम में मौजूद व्यापारियों के सामने उन्होंने अपनी बात रखी।
फेसबुकिया नेता वाला तंज
मिश्रा ने कहा कि जीतू पटवारी और राजेंद्र भारती का जनता के बीच कोई जनाधार नहीं है। उन्होंने दोनों को फेसबुकिया नेता करार दिया। मिश्रा के मुताबिक ये नेता सिर्फ सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ये नेता केवल फेसबुक और व्हाट्सएप तक सीमित हैं। मिश्रा ने यह भी कहा कि ये नेता तेरहवीं और पंगत जैसे मौकों पर ही नजर आते हैं। जमीनी स्तर पर इनकी कोई पकड़ नहीं है, ऐसा मिश्रा का दावा है।
पेड न्यूज के आरोपों पर पलटवार
कांग्रेस नेताओं की ओर से हाल ही में कुछ आरोप लगाए गए थे। इन्हीं आरोपों पर नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वे पिछले 15 साल से पेड न्यूज के आरोप झेल रहे हैं।
मिश्रा ने कहा कि इतने सालों में उन्होंने कभी शिकायत नहीं की। उनका कहना था कि कांग्रेस के लोग छोटी बात पर भी शिकायत करने लगते हैं। इस बयान से उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर सीधा तंज कसा।
राजेंद्र भारती के दावे पर सवाल
राजेंद्र भारती ने पहले एक दावा किया था। उन्होंने कहा था कि केंद्रीय मंत्री की तरफ से कोई ऑफर दिया गया था। नरोत्तम मिश्रा ने इस दावे पर सीधे सवाल उठाए।
मिश्रा ने पूछा कि आखिर किस केंद्रीय मंत्री के पीए (PA – Personal Assistant) ने यह ऑफर दिया था। उन्होंने कहा कि अगर दावा किया गया है तो उसका सबूत भी सामने आना चाहिए। मिश्रा ने यह भी बताया कि वे पहले भी इस मामले में गवाही देने की बात कह चुके हैं।
मैं हारा था, वो जीता नहीं था
कार्यक्रम में मिश्रा ने पिछले विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दतिया में कांग्रेस की जीत किसी लहर की वजह से नहीं हुई थी। मिश्रा ने साफ कहा कि वो नहीं जीता था, बल्कि वे खुद हारे थे।
उन्होंने कहा कि आज भी वे इसी बात पर कायम हैं। मिश्रा ने भावुक होकर कहा कि दतिया की जनता उनका परिवार है। उनका जनता से रिश्ता हमेशा बना रहेगा, ऐसा उन्होंने कहा।
उपचुनाव से पहले बढ़ी सियासी सरगर्मी
दतिया उपचुनाव नजदीक आने के साथ ही यहां की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। नरोत्तम मिश्रा का यह बयान इसी सियासी माहौल का हिस्सा है।
आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से भी जवाबी बयान आ सकते हैं। स्थानीय स्तर पर यह मुकाबला काफी दिलचस्प होता जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच बयानों की यह जंग उपचुनाव तक जारी रह सकती है।
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