टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा का पहला बयान, समर्थकों के प्रदर्शन को गलत बताया
Datia by election 2026:पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आगे कहा कि पार्टी के सामने अपनी बात रखने का भी एक तरीका होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने को कहा है। हालांकि, उन्होंने टिकट कटने के पार्टी के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं की और इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी।
भाजपा ने दतिया सीट से आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है, जिसके बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी सामने आई थी। समर्थकों ने प्रदर्शन और विरोध जताया था। अब नरोत्तम मिश्रा की प्रतिक्रिया के बाद पार्टी के अंदर चल रही सियासी हलचल पर सबकी नजर बनी हुई है।
क्यों कटा नरोत्तम मिश्रा का नाम
'द सूत्र' को मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक शुरुआत में दिल्ली हाईकमान के पास सिर्फ नरोत्तम मिश्रा का ही नाम भेजा गया था। प्रदेश संगठन भी उनके नाम पर पूरी तरह सहमत था। एक-दो दिन में ही अचानक स्थिति बदलने लगी। प्रदेश संगठन को दिल्ली से एक फोन आया। इसमें कहा गया कि दतिया सीट के लिए एक-दो नाम और भेजे जाएं। इस एक फोन कॉल ने पूरा राजनीतिक समीकरण बदल दिया।
शुभ मुहूर्त में नामांकन भरने वाले थे नरोत्तम
बता दें कि नरोत्तम मिश्रा अपने टिकट को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हो चुके थे। वे नामांकन फॉर्म खरीदकर ला चुके थे। इतना ही नहीं, पार्टी पदाधिकारियों से शुभ मुहूर्त में नामांकन जमा करने को लेकर भी चर्चा कर रहे थे। लेकिन दिल्ली में चल रही राजनीतिक हलचल के कारण उन्हें रोक दिया गया। इसी उठापटक के बीच पूरा खेल पलट गया। आखिरकार आलाकमान ने 11 जुलाई को आशुतोष तिवारी के नाम पर मुहर लगा दी।
टिकट कटते ही भड़का विरोध
मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाने का ऐलान होते ही कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। शुक्रवार शाम से ही विरोध शुरू हो गया था। देखते ही देखते यह विरोध उग्र रूप लेने लगा। शनिवार सुबह तक हालात और बिगड़ गए।
हाईवे पर रातभर हंगामा
ग्वालियर-झांसी हाईवे पर करीब 8 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। रातभर सैकड़ों समर्थक सड़क पर डटे रहे। शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधी झड़प हो गई। पुलिस ने हालात काबू करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इसके साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
अब टिकट बदलने की संभावना कम
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम काफी नाटकीय रहा है। सूत्रों के मुताबिक अब आशुतोष तिवारी का टिकट बदले जाने की संभावना बेहद कम है। पार्टी हाईकमान अपने फैसले पर कायम रहने के संकेत दे रहा है। हालांकि नरोत्तम समर्थकों का विरोध अभी थमा नहीं है। दतिया सीट पर उपचुनाव से पहले यह आंतरिक कलह भाजपा की चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकती है।
दतिया से नरोत्तम कापुराना नाता
बता दें कि नरोत्तम मिश्रा साल 2008 से लगातार दतिया से विधायक रहे हैं। वे मध्य प्रदेश सरकार में गृहमंत्री जैसा अहम पद भी संभाल चुके हैं। साल 2023 के चुनाव में वे कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार गए थे। भारती की सदस्यता रद्द होने के बाद ही यह उपचुनाव हो रहा है। ऐसे में नरोत्तम समर्थक अपनी पुरानी सीट वापस पाने की उम्मीद लगाए बैठे थे। टिकट न मिलने से उनकी नाराजगी और गहरी हो गई है।
दतिया उपचुनाव का पूरा शेड्यूल
ये खबरें भी पढ़ें...
दतिया में बवाल, नरोत्तम समर्थकों और पुलिस में झड़प, एसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल
दतिया उपचुनाव: टिकट के बाद बगावत से भाजपा में कलह! बढ़ी संगठन की मुश्किलें
दतिया में टिकट की घोषणा होते ही भाजपा में भूचाल! क्या संगठन के सामने खड़ी हो गई सबसे बड़ी परीक्षा?
कैलाश विजयवर्गीय ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर कहा- सभी को नहीं दे सकते, BJP फैसला नहीं बदलती
MP BJP | by election datia | Datia news | narrotam mishra bayan | Narrotam mishra | narrotam mishra dabra