नरसिंहपुर कलेक्टर को कोर्ट में पेशी का आदेश, नहीं आए तो जारी हो सकता है वारंट

Sanjay Dhiman | Jun 21, 2026, 21:03 IST
Photograph: (the sootr)
नर्मदापुरम कोर्ट ने नरसिंहपुर कलेक्टर को पेशी का आदेश दिया। सरकारी टीचर की पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं मिल रहा था। न पेश हुए तो वारंट जारी होगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • नर्मदापुरम जिला न्यायाधीश ने नरसिंहपुर कलेक्टर को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से आने का आदेश दिया है।
  • यह मामला नरसिंहपुर के सरकारी शिक्षक रविशंकर कुल्हा के खिलाफ बकाया गुजारा भत्ता वसूली से जुड़ा है।
  • कलेक्टर ने मार्च 2026 से अब तक कोर्ट के किसी भी पत्र का जवाब नहीं दिया।
  • कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर कलेक्टर पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ वारंट जारी होगा।
  • उच्च न्यायालय के निर्देश के मुताबिक यह मामला जून 2026 के अंत तक हल होना जरूरी है।

कलेक्टर नहीं दे रहे जवाब, कोर्ट हुई सख्त

नर्मदापुरम जिला कोर्ट को मार्च 2026 से बार-बार पत्र भेजने पड़े। हर बार कलेक्टर कार्यालय से कोई जवाब नहीं आया। कोई एक्शन रिपोर्ट नहीं, कोई सफाई नहीं।



जिला न्यायाधीश आदित्य रावत ने 13 जून को आदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब कड़ाई जरूरी हो गई है। इस लापरवाही की वजह से एक महिला को उसका हक नहीं मिल पा रहा।



कोर्ट ने रजिस्टर्ड डाक और सरकारी ई-मेल दोनों पर नोटिस भेजा। नोटिस में साफ लिखा है कि अगर कलेक्टर खुद नहीं आए तो उनके खिलाफ वारंट निकाला जाएगा।



क्या है पूरा मामला, जानिए विस्तार से

इटारसी में रहने वाली रेना कुल्हा ने अपने पति रविशंकर कुल्हा के खिलाफ कोर्ट में मामला दायर किया था। रविशंकर नरसिंहपुर जिले में सरकारी स्कूल में टीचर हैं।



मांग थी कि पति उन्हें हर महीने गुजारा भत्ता दे। कोर्ट ने रेना के पक्ष में फैसला सुनाया। लेकिन फैसले के बाद भी भत्ते का एक रुपया नहीं मिला।



इसके बाद कोर्ट ने वसूली का मामला नरसिंहपुर कलेक्टर को भेजा। कलेक्टर की जिम्मेदारी थी कि टीचर की सरकारी तनख्वाह से रकम काटकर महिला तक पहुंचाई जाए। लेकिन महीनों तक कुछ नहीं हुआ।



कोर्ट ने मुख्य सचिव को भी भेजी थी चेतावनी

एक बार नहीं, कोर्ट ने पहले भी कलेक्टर को चेतावनी दी थी। उस पत्र में साफ लिखा था कि निष्क्रियता पर कार्रवाई हो सकती है। उस पत्र की एक प्रति मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव को भी भेजी गई।



लेकिन इसके बाद भी कलेक्टर कार्यालय की चुप्पी नहीं टूटी। आखिरकार कोर्ट ने सीधे पेशी का आदेश दे दिया। मामले के अधिवक्ता चंद्रशेखर चौरे और पारस जैन ने बताया कि नोटिस में यह बात साफ लिखी है। अगर कलेक्टर व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होते तो उनके खिलाफ वारंट जारी किया जाएगा।



उच्च न्यायालय की भी है डेडलाइन

यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं है। उच्च न्यायालय ने पहले से आदेश दे रखा है। उसके मुताबिक इस तरह के लंबित निष्पादन मामलों को जून 2026 के अंत तक निपटाना जरूरी है।



यानी कोर्ट पर भी समयसीमा का दबाव है। जिला न्यायाधीश की सख्ती को इसी नजरिए से देखना चाहिए।


अब देखना यह है कि नरसिंहपुर कलेक्टर कोर्ट के सामने पेश होते हैं या नहीं। अगर नहीं आए तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।



FAQ

  1. नरसिंहपुर कलेक्टर को कोर्ट में क्यों बुलाया गया है?
    नर्मदापुरम जिला कोर्ट ने गुजारा भत्ता वसूली के मामले में कलेक्टर को कई पत्र भेजे थे। कलेक्टर ने मार्च 2026 से एक बार भी जवाब नहीं दिया। इसलिए कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया।
  2. रेना कुल्हा का मामला क्या है?
    इटारसी की रहने वाली रेना कुल्हा ने अपने सरकारी शिक्षक पति रविशंकर कुल्हा के खिलाफ गुजारा भत्ता के लिए कोर्ट में मुकदमा किया था। कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया लेकिन अब तक रकम नहीं मिली।

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