गोल्ड मिला पर कदर नहीं! नेशनल रिकॉर्ड तोड़कर भी ई-रिक्शा में पोल ढोते दिखे चैंपियन देव मीणा

Aman Vaishnav | May 26, 2026, 08:56 IST
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रांची फेडरेशन कप में नेशनल रिकॉर्ड बनाकर एमपी के दो युवाओं ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई किया है। हैरानी की बात है कि अपनी ही जीत के बाद इन युवाओं को खुद ही ई-रिक्शा में 5 मीटर लंबे पोल लादकर ले जाने पड़े।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • देव और कुलदीप ने पोल वॉल्ट में 5.45 मीटर की छलांग लगाकर नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया।
  • इस शानदार प्रदर्शन के साथ दोनों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालिफाई किया।
  • कम प्रयासों के नियम के चलते देव कुमार को गोल्ड और कुलदीप को सिल्वर मेडल मिला।
  • जीत के बाद दोनों खिलाड़ियों को अपने 5 मीटर लंबे पोल खुद ई-रिक्शा में ले जाने पड़े।
  • इससे पहले रेलवे स्टाफ ने इन दोनों एथलीटों को ट्रेन से उतारकर जुर्माना लगाया था।

एथलीट पर सिस्टम की बेरुखी बरकरार

रांची में 22 मई से 25 मई तक एक फेडरेशन कप आयोजित किया गया था। इसमें मध्य प्रदेश अकादमी भोपाल के दो होनहार खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।



देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार ने पुरुष पोल वॉल्ट इवेंट में 5.45 मीटर की शानदार छलांग लगाई। इस छलांग के साथ ही दोनों ने नया नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इसके अलावा दोनों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का टिकट भी पक्का कर लिया।



इस बड़ी और ऐतिहासिक जीत के कुछ ही घंटों बाद एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने खेल प्रशासन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।



ये दोनों एथलीट अपनी शानदार जीत के बाद किसी सरकारी गाड़ी या वीआईपी ट्रीटमेंट के साथ नहीं दिखे। दोनों अपने 5 मीटर लंबे फाइबरग्लास पोल को एक आम ई-रिक्शा में लादकर खुद होटल ले जाते हुए दिखाई दिए।



ई-रिक्शा में पोल लादते देव मीणा और उनके साथी। (फोटो- भास्कर) - Dainik Bhaskar


बेहद नाजुक होते हैं फाइबरग्लास पोल

बता दें कि पोल वॉल्ट के खेल में इस्तेमाल होने वाले ये विशेष पोल बहुत ही ज्यादा लंबे होते हैं। इन्हें बहुत ही संभालकर रखना पड़ता है। इनमें हल्की सी खरोंच या डैमेज भी खिलाड़ी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।



इन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाना बेहद मुश्किल काम है। इसके बावजूद चैंपियंस को अपनी जीत के तुरंत बाद अपने इन महंगे और उपकरणों को खुद ढोना पड़ा।



देव को क्यों मिला गोल्ड?

इस प्रतियोगिता में देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार दोनों ने ही एक समान 5.45 मीटर की छलांग लगाई थी। नियमों के अनुसार देव मीणा को गोल्ड और कुलदीप को सिल्वर दिया गया।



खेल के नियमों के अनुसार जब दो या दो से ज्यादा एथलीट एक ही बराबर की ऊंचाई पार करते हैं, तो विजेता उस खिलाड़ी को चुना जाता है जिसने सबसे कम प्रयास लिए हों। देव ने कुलदीप के मुकाबले कम चांस लिए थे इसलिए वे पहले नंबर पर रहे।



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कौन हैं ये नए स्टार देव कुमार मीणा?

देव कुमार मीणा मध्य प्रदेश के खातेगांव तहसील के एक छोटे से गांव सिल्फोड़खेड़ा के रहने वाले हैं। महज19 साल के देव कुमार मीणा इस समय भारत के सबसे चमकते हुए पोल-वॉल्टर हैं।



  • फरवरी 2025 में देव ने उत्तराखंड नेशनल गेम्स में 5.32 मीटर की छलांग लगाई थी।
  • अप्रैल 2025 में नेशनल फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5.35 मीटर की छलांग लगाई थी।
  • रांची में 5.45 मीटर की छलांग लगाकर देव देश के नंबर वन पुरुष पोल-वॉल्ट नेशनल रिकॉर्ड होल्डर बन चुके हैं।
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पनवेल रेलवे स्टेशन पर भी झेलनी पड़ी थी प्रताड़ना

यह पहली बार नहीं है जब इन खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले 17 जनवरी को पनवेल रेलवे स्टेशन पर देव कुमार मीणा के साथ एक घटना हुई थी। इस घटना का वीडियो सामने आया था। यह वीडियो खुद देव मीणा ने बनाया था।



वीडियो में देव ने रेलवे स्टाफ के बुरे व्यवहार और खिलाड़ियों पर जबरन लगाए गए जुर्माने को लेकर अपना दर्द बयां किया था। उस दौरान रेलवे स्टाफ ने दोनों खिलाड़ियों को उनके लंबे पोल के साथ ट्रेन से नीचे उतार दिया था। बाद में उन पर जुर्माना भी लगा दिया था।



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