त्योहारी सीजन में प्रॉपर्टी खरीदने वालों को राहत, अब घर बैठे होगी रजिस्ट्री, जानें कैसे
भोपाल। त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है और इसी दौरान घर, प्लॉट और जमीन की खरीद-बिक्री सबसे ज्यादा बढ़ जाती है। खासकर नवरात्र और दिवाली के मौके पर लोग नई प्रॉपर्टी खरीदना शुभ मानते हैं। इसी को देखते हुए मध्य प्रदेश में रजिस्ट्री की प्रक्रिया को और आसान बनाने की तैयारी की गई है। अब लोगों को पंजीयन कार्यालय के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। संपदा 2.0 एप के तहत वीडियो केवाईसी सुविधा को मजबूत किया जा रहा है, जिससे घर बैठे ही पहचान का सत्यापन पूरा हो सकेगा।
रजिस्ट्री वीडियो केवाईसी से कराने का लक्ष्य
संपदा 2.0 में वीडियो केवाईसी सिस्टम को अपडेट किया गया है। विभाग का लक्ष्य है कि नवरात्र के दौरान होने वाली करीब 60 फीसदी रजिस्ट्री वीडियो केवाईसी के माध्यम से पूरी की जाएं। फिलहाल करीब 30 से 35 फीसदी पंजीयन इस सुविधा से हो रहे हैं।
इस सुविधा से जमीन या मकान खरीदने वाले व्यक्ति, बेचने वाले व्यक्ति और गवाहों को आसानी होगी। सभी लोग तय समय पर वीडियो कॉल के जरिए अपनी पहचान का सत्यापन करा सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी पहले के मुकाबले तेज हो जाएगी।
नवरात्र में बढ़ेगी प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री
नवरात्रि को प्रॉपर्टी बाजार के लिए सबसे अहम समय माना जाता है। इस दौरान लोग नए घर, प्लॉट और जमीन खरीदने को प्राथमिकता देते हैं। इसके बाद दिवाली के समय भी प्रॉपर्टी की मांग बढ़ जाती है। इसी वजह से पंजीयन विभाग ने त्योहारी सीजन को देखते हुए अपनी तैयारी तेज कर दी है।
भोपाल में नवरात्र के दौरान करीब 15 हजार रजिस्ट्री होने की उम्मीद जताई जा रही है। विभाग के अनुसार रोजाना 500 से 600 पंजीयन होने की संभावना है। फिलहाल भी रोजाना करीब 400 रजिस्ट्री हो रही हैं। इनमें जमीन और मकान के अलावा अन्य प्रकार के दस्तावेजों का पंजीयन भी शामिल है।
रजिस्ट्री बढ़ने से सरकार को मिलेगा राजस्व
त्योहारी सीजन में प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री बढ़ने से पंजीयन विभाग के राजस्व में भी इजाफा होता है। एक पंजीयन से विभाग को औसतन करीब 4.20 लाख रुपए का राजस्व मिलता है। नवरात्र में रजिस्ट्री की संख्या बढ़ने से जिले का राजस्व लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जिला पंजीयक स्वप्रेश शर्मा ने बताया कि संपदा 2.0 को लेकर टीम लंबे समय से काम कर रही है। वीडियो केवाईसी सुविधा को बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका उपयोग कर सकें।
तय स्लॉट पर होगा ऑनलाइन सत्यापन
नई व्यवस्था में पंजीयन के लिए लोगों को पहले की तरह हर काम के लिए कार्यालय पहुंचने की जरूरत नहीं होगी। तय स्लॉट के अनुसार वीडियो केवाईसी के जरिए उप-पंजीयक दस्तावेज और लोगों की पहचान का सत्यापन कर सकेंगे।
फिलहाल इस व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि वीडियो केवाईसी बढ़ने के बाद भी प्रक्रिया में किसी तरह की गलती या गड़बड़ी न हो।
त्योहारी सीजन में जब प्रॉपर्टी खरीदने वालों की संख्या बढ़ती है, तब यह सुविधा लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। इससे रजिस्ट्री की प्रक्रिया आसान होगी और लोगों का समय भी बचेगा। जमीन की रजिस्ट्री | अपना घर
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