डिपार्टमेंट में भ्रष्टाचार से परेशान हेड कॉन्स्टेबल ने की आत्महत्या, डीजीपी के नाम लिखा सुसाइड नोट
News In Short
- तबीयत खराब होने के कारण होशियार सिंह पांच दिनों से छुट्टी पर थे।
- उन्होंने सुसाइड नोट में RI पर आरोप लगाए हैं।
- आरोप है कि विभाग में सब कुछ पैसे से बिकता है।
- विभागीय जांच में होशियार सिंह को पहले सजा मिल चुकी थी।
News In Detail
एमपी के नीमच से एक ऐसी घटना सामने आई है जिससे पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया है। नीमच पुलिस लाइन में तैनात होशियार सिंह ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली है।
हैरानी की बात ये है कि उनके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में उन्होंने विभागीय भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि नीमच जिले में सब कुछ पैसे से बिक रहा है और किसी ने ध्यान नहीं दिया।
पांच दिन से छुट्टी पर थे होशियार सिंह
आरक्षक होशियार सिंह नीमच पुलिस लाइन कनावटी में रहते थे। तबीयत खराब होने के कारण वह पांच दिनों से छुट्टी पर थे। सोमवार से उन्हें ड्यूटी पर लौटना था। रविवार 9 फरवरी को वह कथित तौर पर जहर खाकर पुलिस लाइन पहुंचे।
खबर मिलते ही नीमच कैंट के थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मी की मदद से उन्हें जिला अस्पताल लेकर गए। हालत ज्यादा खराब होने पर डॉक्टरों ने उन्हें निजी अस्पताल भेजा लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही होशियार सिंह की मौत हो गई।
हेड कॉन्स्टेबल के पास मिला सुसाइड नोट
हेड कॉन्स्टेबल के पास से सुसाइड नोट भी मिला है। यह नोट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह पत्र खुद होशियार सिंह ने ही लिखा था। सुसाइड नोट में उन्होंने अपने विभाग के एक Reserve Inspector (RI) पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।
सुसाइड नोट में लिखा....
सुसाइड नोट में लिखा था, "डीजीपी, आईजी, डीआईजी, एसपी महोदय, नमस्ते, मैं प्रार्थी 83 होशियार सिंह पुलिस लाइन नीमच में तैनात हूं। आपसे विनती है कि पुलिस को इस हद तक न बेचें कि सही लोग नौकरी न कर सकें। नीमच जिले में सब कुछ बिक रहा है।
कोई भी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। थाने में पीसीआर 1, पीसीआर 2, लाइन का रोजनामचा, जिम और खेल सभी पैसों से बिक रहे हैं।
महोदय, आखिरी समय में कुछ भी साथ नहीं जा रहा है। नीमच के RI को देखो, सब कुछ है, लेकिन पैसे का क्या करेगा? प्रणव तिवारी हर कर्मचारी से पैसे लेकर ड्यूटी लगाता है।
जब इस बारे में कहा जाता है, तो बोलता है कि मैं और RI एसपी साहब के ससुर के लिए 10 हजार की टिकट बनवाते हैं। एसपी सर खेलने आते हैं। उनका खर्चा रोजाना प्रणव और अशोक उठाते हैं।
विभागीय जांच में ये सामने आया
विभागीय जांच में यह सामने आया कि होशियार सिंह को पहले एक बार नौकरी से निकाल दिया गया था। उनके कार्यकाल में उन्हें चार बार सजा भी मिली है। ज्यादातर सजा उन्हें लंबे समय तक बिना सूचना के अनुपस्थित रहने और अन्य कारणों से मिली थी।
नीमच एसपी ने दिया बयान
नीमच के एसपी अंकित जायसवाल ने बताया कि प्रधान आरक्षक ने जहर खा लिया था। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सुसाइड नोट और लगाए गए आरोपों की सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जाएगी।
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