एमपी की नीट स्टूडेंट का सुसाइड केस दिल्ली पहुंचा, राहुल-केजरीवाल-अखिलेश सब भड़के
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली आकांक्षा चतुर्वेदी नीट की तैयारी कर रही थी।
- नीट यूजी 2026 परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
- नीट यूजी 2026 रद्द होने की खबर सुनकर आकांक्षा गहरे सदमे और डिप्रेशन में चली गई थी।
- आर्थिक तंगी के बावजूद पिता ने भारी कर्ज लेकर बेटी को नागपुर में पढ़ाया था।
- दोबारा परीक्षा देने का दबाव न झेल पाने के कारण छात्रा ने सुसाइड कर लिया।
आकांक्षा डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी। वह महाराष्ट्र के नागपुर में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
हाल ही में हुए नीट पेपर लीक मामले ने उनकी सारी उम्मीदें तोड़ दीं। इसके बाद वह गहरे सदमें में चली गई थी और इस तरह का खतरनाक कदम उठाने को मजबूर हो गई। अब यह मामला राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा है।
पिता ने कुक बनकर बेटी को पढ़ाया था
आकांक्षा के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उनके पिता कृष्ण कुमार चौबे पेशे से किसान हैं। उन्होंने बेटी का एडमिशन नागपुर के एक प्राइवेट कोचिंग संस्थान में कराया था। इसके लिए उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड से एक बड़ा लोन लिया था।
पिता खुद नागपुर में एक कुक यानी खाना बनाने की नौकरी करने लगे थे। वे अपनी मेहनत से बेटी के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करना चाहते थे।
परीक्षा के बाद थे अच्छे नंबरों के आसार
परिजनों के मुताबिक आकांक्षा पढ़ाई में बहुत अच्छी थी। परीक्षा देने के बाद वह बेहद खुश थी। उनके दादा जगदीश चतुर्वेदी ने बताया कि आकांक्षा को परीक्षा में 650 से ज्यादा अंक आने की उम्मीद थी।
परिवार को पूरा भरोसा था कि इस बार आकांक्षा का चयन पक्का हो जाएगा। सबको भरोसा था कि बेटी के डॉक्टर बनते ही उनके परिवार के दिन बदल जाएंगे। लेकिन पेपर लीक की खबर ने सब कुछ तबाह कर दिया।
राहुल गांधी ने ट्वीट में ये लिखा
आकांक्षा चतुर्वेदी के इस सुसाइड को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक ट्वीट के जरिए सरकार पर निशाना साधा है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा
अखिलेश यादव भी भड़के
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, अखिलेश ने कहा जब भाजपा के राज में विकसित भारत के झूठ का इतिहास लिखा जाएगा, तब क्या एक बेबस बेटी का ये आखिरी खत भी लगाया जाएगा। भाजपा समर्थकों से सीधी अपील- क्या ये पत्र भी आपकी आंखें नहीं खोल सकता है?
परीक्षा रद्द होने से देश में भारी आक्रोश
नीट यूजी 2026 परीक्षा में हुई अनियमितताओं के बाद NTA यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद से देश भर के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी यानी सीबीआई कर रही है। अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इस घटना के बाद से देश के परीक्षा तंत्र पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
FAQ
- NEET UG 2026 परीक्षा क्यों रद्द की गई थी?
नीट यूजी 2026 परीक्षा के आयोजन के बाद देश भर में पेपर लीक और धांधली की शिकायतें सामने आई थीं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को परीक्षा में गड़बड़ी और अनियमितताओं के सबूत मिले थे। इसके बाद छात्रों के विरोध और निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। - नीट पेपर लीक मामले की जांच कौन सी एजेंसी कर रही है?
नीट पेपर लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने इसकी जाँच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को सौंपी है। सीबीआई इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे शामिल दोषियों का पता लगा रही है। अब तक इस मामले में देश के अलग-अलग हिस्सों से 13 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। - नीट मामले में सुप्रीम कोर्ट में क्या मांग की जा रही है?
सुप्रीम कोर्ट में लगातार कई याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की गई है। इसके साथ ही भविष्य में होने वाले पेपर लीक को रोकने के लिए पेन और पेपर मोड को खत्म करके कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) लागू करने का सुझाव दिया गया है।
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