ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब RTO के चक्कर का झंझट खत्म, लेकिन नाबालिग ने गाड़ी चलाई तो खैर नहीं!

Sanjay Dhiman | Jun 01, 2026, 21:30 IST
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ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियम 1 जून 2026 से लागू हो गए हैं। अब RTO जाने की जरूरत नहीं है, लेकिन नाबालिगों के ड्राइविंग करने पर 25,000 रुपए का भारी जुर्माना लगेगा।

सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनाने के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। एक जून 2026 से लागू ये नए नियम आम नागरिकों के लिए काफी आसान और सुविधाजनक साबित होंगे। अब क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के चक्कर काटे बिना, मान्यता प्राप्त निजी ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर से भी टेस्ट देकर ड्राइविंग लाइसेंस बनाया जा सकेगा।



सरकार द्वारा अधिकृत निजी ट्रेनिंग स्कूल अब खुद टेस्ट आयोजित कर सकेंगे। इन सेंटरों में ट्रेनिंग पूरी करने और टेस्ट पास करने वाले उम्मीदवारों को एक प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) मिलेगा। इस सर्टिफिकेट को ऑनलाइन अपलोड करने के बाद सीधे ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया जा सकेगा।



आवेदन प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं है। इच्छुक आवेदक अब भी सारथी परिवहन पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। यह बदलाव ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के समय और मेहनत दोनों को बचाएगा और आम नागरिकों के लिए लाइसेंस प्राप्त करना सरल बनाएगा।



निजी सेंटर और उनके अधिकार

अब निजी ट्रेनिंग सेंटर सरकारी मान्यता के बाद सीधे टेस्ट आयोजित कर सकते हैं। इससे RTO पर भारी दबाव कम होगा और लाइसेंस प्रक्रिया तेज होगी। निजी ट्रेनिंग सेंटर में सफल उम्मीदवारों को मिलने वाला सर्टिफिकेट ऑनलाइन अपलोड कर सीधे लाइसेंस लेने का विकल्प भी मिलेगा।



सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी केंद्र को बिना मान्यता टेस्ट आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई सेंटर नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी। यह कदम ड्राइविंग ट्रेनिंग की गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।



नाबालिग ने थामी स्टीयरिंग तो मालिक पर गिरेगी गाज

इस बड़ी राहत के साथ ही सरकार ने सड़क सुरक्षा को लेकर नियम बहुत सख्त कर लिए हैं। 1 जून 2026 से देश भर में नए और बेहद कड़े कानून लागू हो चुके हैं। अगर कोई भी नाबालिग (18 वर्ष से कम उम्र का बच्चा) सड़क पर गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया, तो अब गाड़ी के मालिक या माता-पिता की खैर नहीं है।



सरकार ने इसके लिए बेहद कड़े कानूनी प्रावधान और भारी जुर्माने की व्यवस्था की है:



  • ₹25,000 का भारी जुर्माना: नाबालिग के गाड़ी चलाते पकड़े जाने पर गाड़ी के मालिक या अभिभावक पर सीधे 25 हजार रुपए का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा।
  • गाड़ी का रजिस्ट्रेशन होगा रद्द: जिस गाड़ी को नाबालिग चला रहा था, उसका व्हीकल रजिस्ट्रेशन तुरंत प्रभाव से निरस्त (Cancel) कर दिया जाएगा।
  • 25 साल की उम्र तक लाइसेंस पर बैन: गलती करने वाले उस नाबालिग को 25 वर्ष की आयु पूरी होने तक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए पूरी तरह अयोग्य (Ban) घोषित कर दिया जाएगा।
  • ओवरस्पीडिंग पर भी कसेंगा शिकंजा: तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ाने वालों के लिए भी जुर्माना राशि अब बढ़ाकर ₹1,000 से ₹2,000 के बीच कर दी गई है।
  • फर्जी सर्टिफिकेट देने वाले स्कूलों पर कार्रवाई: अगर कोई भी प्राइवेट ड्राइविंग स्कूल बिना सही ट्रेनिंग और टेस्ट के किसी को फर्जी सर्टिफिकेट जारी करता है, तो उस स्कूल पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
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ओवरस्पीडिंग और जुर्माना

ओवरस्पीडिंग करने वाले ड्राइवरों के लिए जुर्माना राशि ₹1,000 से ₹2,000 तक रखी गई है। यह राशि वाहन की गति और स्थिति के अनुसार तय होगी। यदि कोई प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटर बिना सही ट्रेनिंग और टेस्ट के सर्टिफिकेट जारी करता है, तो उस पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।



इस बदलाव का उद्देश्य सिर्फ कानून का पालन कराना ही नहीं, बल्कि ड्राइविंग संस्कृति में सुधार लाना भी है। अब स्कूल और सेंटर दोनों जिम्मेदार होंगे कि उम्मीदवार सही ट्रेनिंग प्राप्त करें और लाइसेंस प्राप्त करने से पहले सभी नियमों का पालन करें।



आम नागरिकों के लिए लाभ

नए नियम लागू होने के बाद आम नागरिकों को कई फायदे होंगे:

  • RTO के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी।
  • निजी ट्रेनिंग सेंटर से लाइसेंस बनाने की सुविधा।
  • ऑनलाइन सर्टिफिकेट अपलोड करके सीधे लाइसेंस प्राप्ति।
  • नाबालिग ड्राइवर और नियम उल्लंघन पर स्पष्ट जुर्माना।
  • ड्राइविंग टेस्ट और ट्रेनिंग की गुणवत्ता में सुधार।

इन सबके चलते ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अब ज्यादा आसान, तेज और सुरक्षित हो जाएगा।



FAQ

  1. क्या अब निजी ट्रेनिंग सेंटर से भी ड्राइविंग लाइसेंस बन सकता है?
    हां, मान्यता प्राप्त निजी सेंटर अब खुद टेस्ट आयोजित कर सकते हैं। सफल उम्मीदवारों को सर्टिफिकेट मिलेगा और इसे ऑनलाइन अपलोड करके लाइसेंस लिया जा सकेगा।
  2. नाबालिग ड्राइवर पकड़े जाने पर क्या जुर्माना है?
    18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिग ड्राइवर पकड़े जाने पर वाहन मालिक/अभिभावक पर ₹25,000 का जुर्माना लगेगा और वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा।
  3. ओवरस्पीडिंग या गलत टेस्ट देने वाले सेंटर पर क्या कार्रवाई होगी?
    ओवरस्पीडिंग पर ₹1,000–₹2,000 जुर्माना और बिना टेस्ट सर्टिफिकेट देने वाले प्राइवेट सेंटर पर ₹5,000 जुर्माना लगेगा।

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