राहुल गांधी के मंच पर जाने वाले NEYU सदस्य बोले मैं तो सीएम मोहन यादव और शिवराज जी से भी मिला
Indore. राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में हुए छात्रों की गूंज में मंच पर छात्र भी पहुंचे। इस दौरान कई छात्रों को लेकर बीजेपी हमलावर हुई है। बीजेपी ने कहा कि यह एनएसयूआई और एनईवाययू (नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन) के सदस्य थे। पूरा कार्यक्रम स्क्रिप्टेड था। इस पर मंच पर जाने वाले एनईवाययू सदस्य रणजीत ने अपना बयान जारी किया है।
बीजेपी ने जारी की मेरी यह जानकारी
रंजीत ने कहा कि राहुलजी के मंच पर पीएससी और ईएसबी छात्रों के मुद्दे रखने का मौका मिला। इसलिए वहां गया ताकि इतने बड़े मंच से बात रखने पर सरकार तक जाएगी। लेकिन कार्यक्रम के बाद बीजेपी द्वारा अपने सोशल मीडिया हैंडल पर मेरी पहचान जारी की जा रही है। बीजेपी द्वारा जारी पोस्ट में राहुल गांधी जी के साथ मेरी एक पुरानी तस्वीर लगाकर मेरी पहचान नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के सदस्य के रूप में बताई गई है। मैं इन दोनों बिंदुओं पर स्पष्ट रूप से अपनी बात रखना चाहता हूं।
मैं तो सीएम मोहन यादव और चौहानजी से मिल चुका
रंजीत ने कहा कि छात्र मुद्दों को लेकर तो मैं दिसंबर 2024 के आंदोलन के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव से भी मिल चुका हूं और उनके साथ भी फोटो है। इसी तरह मैं तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान, तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष बीजेपी वीडी शर्मा जी से छात्र मुद्दों को लेकर मिल चुका हूं। छात्र मुद्दों के लिए जिनसे मिलना होगा, मिलेंगे, मुद्दे जरूरी है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल जी पहले भी भर्ती घोटालों को लेकर बात रख चुका हूं।
एनईवाययू गैर राजनीतिक संगठन है
रंजीत ने आगे कहा कि भाजपा की पोस्ट में यह भी बताया गया है कि मैं नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) का सदस्य हूं। इसमें आपत्ति किस बात की है, यह मेरी समझ से परे है।
नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन युवाओं एवं विद्यार्थियों के मुद्दों पर काम करने वाला स्वतंत्र संगठन है। यह किसी राजनीतिक दल का संगठन नहीं है। मैं इसका सदस्य हूं और विद्यार्थियों एवं युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखना मेरा लोकतांत्रिक अधिकार है।
जो मुद्दे उठाए हैं सरकार उनका जवाब दे
रंजीत ने आगे कहा कि मैंने जो छात्र मुद्दे् उठाए हैं उस पर सरकार को जवाब देना चाहिए, बजाय मेरी पहचान के। सरकार बताए क्या मैंने उनसे मिलकर छात्रों के यही मुद्दे नहीं उठाए। चार दिन तक पीएससी के बाहर हमने धरना नहीं दिया। जनवरी में भी आयोग के बाहर धऱना दिया। सरकार पटवारी भर्ती परीक्षा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है। मेंस की कापियां क्यों नहीं दिखा रही है। पद क्यों होल्ड किए हुए हैं। इन सभी का जवाब क्यों नहीं दे रही है।
इन छात्रों के भी मंच पर जाने पर बीजेपी ने घेरा
केवल रंजीत नहीं अन्य छात्रों के भी मंच पर जाने पर बीजेपी ने आयोजन को घेरा था। तनय शर्मा- इन्होंने माखनलाल यूनिवर्सिटी की आलोचना की थी। तन्मय छिंदवाड़ा से आते हैं और पूर्व सीएम कमलनाथ के करीबी है। जुन्नारदेव विधानसभा में एनएसयूआई के अध्यक्ष है।
राधा मालवीय- यह उज्जैन की है। इन्होंने मंच पर आवास भत्ते की कमी की शिकायत की थी। यह उज्जैन जिला पंचायत सदस्यव एमपी एनएसयूआई की जनरल सेक्रेट्री है। वह कार्यक्रम की वालेंटियर भी थी और छात्रों का पंजीयन कराया था।
रवि वास्कले- यह मूल रूप से खरगोन के हैं। इन्होंने पट्टे का मामला उठाया था। यह भगवानपुरा युवक कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष है। साथ ही खरगोन से आयोजन में छात्र भी लेकर आए थे।
सूरज ठाकुर- इन्होंने सिविल जज परीक्षा में 122 आदिवासी सीट पर एक का भी चयन नहीं होने का मुद्दा उठाया था। यह भी इस आयोजन के लिए भोपाल, रायसेन, सीहोर व विदिशि जिले की कमान संभाल रहे थे। कांग्रेस से जुड़े हैं।
रजत गंगारेकर- भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी की बदहाली का मुद्दा उठाया था। यह खरगोन के हैं। यह भी एनएसयूआई व कांग्रेस की विचारधारा वाले छात्र नेता के रूप में काम करते हैं।
ये भी पढ़ें...
वर्ग 2-3 के वेटिंग शिक्षकों का आंदोलन: राहुल गांधी को भेजा न्योता, क्या आएंगे भोपाल
गजेंद्र सिंह शेखावत का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- सरनेम से विरासत और जिम्मेदारी नहीं मिलती
राहुल गांधी के छात्रों की गूंज के बाद दिग्विजय सिंह ने बीजेपी का क्यों किया धन्यवाद?
राहुल गांधी के छात्रों की गूंज को बीजेपी, निगम, प्रशासन, पुलिस ने ही बनाया महाआयोजन