त्योहार से पहले नहीं हटेंगी स्ट्रीट वेंडर्स की दुकानें, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग बनेगा ढाल, जानें कैसे
समझें क्या है पूरा मामला
- एनएचआरसी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए हैं।
- नवरात्रि, दिवाली, छठ वेंडर को बेवजह नहीं हटाया जाना चाहिए।
- सुरक्षा के कारण जगह खाली करानी हो, तो वैकल्पिक जगह देनी होगी।
- वेंडरों का सामान मनमाने ढंग से जब्त नहीं किया जाएगा।
- लंबित मामलों में कार्रवाई रिपोर्ट 18 अक्टूबर 2026 तक जमा करनी है।
एनएचआरसी ने राज्यों को क्या निर्देश दिए?
मानवाधिकार आयोग यानी NHRC ने त्योहारों के दौरान रेहड़ी-पटरी वालों की सुरक्षा पर जोर दिया है। आयोग ने कहा है कि वेंडरों को बिना वजह हटाया न जाए और उनकी रोजी-रोटी में बेवजह रुकावट न डाली जाए।
आयोग ने यह भी साफ किया है कि अगर आग या सार्वजनिक सुरक्षा के कारण किसी जगह को खाली कराना जरूरी हो, तो वेंडरों को वहां से हटाने से पहले उचित वैकल्पिक जगह दी जानी चाहिए।
सामान जब्त करने पर क्या कहा?
कमीशन ने कहा है कि वेंडरों का सामान मनमाने तरीके से जब्त न किया जाए। उन पर बिना वजह कार्रवाई भी न हो। उत्पीड़न, जबरन वसूली या बेवजह दखलंदाजी की शिकायतें मिलें, तो कानून के अनुसार कार्रवाई करनी होगी।
वोकल फॉर लोकल वेंडर: आयोग ने क्या अपील की?
आयोग ने स्थानीय प्रशासन से कहा है कि Vocal for Local की भावना के तहत स्थानीय वेंडरों को बढ़ावा दिया जाए। इसमें पारंपरिक कारोबार करने वाले और स्थानीय स्तर पर बने उत्पाद बेचने वाले वेंडर भी शामिल हैं। यानी आयोग ने सिर्फ वेंडरों की सुरक्षा की बात नहीं की, बल्कि उन्हें आगे बढ़ाने और प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया है।
यह मामला अलग-अलग शहरों से मिली शिकायतों से जुड़ा है। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि स्थानीय वेंडरों और फेरीवालों को बिना वजह हटाया गया, उनका सामान जब्त किया गया, जुर्माना लगाया गया और उन्हें परेशान किया गया।
पिछले साल क्या हुआ था?
पिछले साल त्योहारों के मौसम में एनएचआरसी ने इस मामले पर संज्ञान लिया था। एनएचआरसी सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्यों और स्थानीय अधिकारियों से आरोपों की जांच करने और जरूरी कार्रवाई करने को कहा था।
इस साल दोबारा निर्देश क्यों?
आयोग ने माना कि त्योहारों के दौरान वेंडरों की रोजी-रोटी और मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए फिर से दखल देना जरूरी है। इसी वजह से आयोग ने इस साल नए निर्देश जारी किए हैं।
किन्हें होगा फायदा?
आयोग के निर्देश में कई तरह के छोटे कारोबारी शामिल हैं। इनमें स्थानीय वेंडर, सड़क किनारे सामान बेचने वाले और फेरीवाले आते हैं। कुम्हार और छोटे व्यापारी भी इसके दायरे में हैं। नवरात्रि और दिवाली के दौरान दीये, पूजा सामग्री और सजावट के सामान की बिक्री बढ़ जाती है। छठ के समय भी पूजा सामग्री की मांग ज्यादा रहती है।
मुख्य सचिवों को क्या करना होगा?
आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिए हैं। उनसे कहा गया है कि ये निर्देश जिला मजिस्ट्रेटों, नगर निगम अधिकारियों, पुलिस और दूसरे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाए जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इन निर्देशों पर सही तरीके से अमल हो।
आगे क्या होगा?
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लंबित मामलों में अतिरिक्त या पूरी कार्रवाई रिपोर्ट 18 अक्टूबर 2026 तक देनी है। इसके बाद साफ होगा कि स्थानीय स्तर पर इन निर्देशों पर कितना अमल हुआ।
फिलहाल त्योहारों से पहले इसे एक तरह की चेतावनी माना जा सकता है। असली परीक्षा बाजारों में होगी, जहां वेंडर अपनी दुकानें लगाएंगे।
वेंडर और ग्राहक क्या ध्यान रखें?
अगर किसी वेंडर को बेवजह हटाया जाए या सामान जब्त हो, तो वह शिकायत कर सकता है। आयोग के निर्देश के मुताबिक उत्पीड़न और जबरन वसूली की शिकायतों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। शिकायत की प्रक्रिया के लिए एनएचआरसी की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
त्योहारों के मौसम में बाजार में खरीदारी करने वाले लोग भी स्थानीय वेंडरों से सामान खरीदकर उन्हें सहारा दे सकते हैं।
FAQ
- एनएचआरसी ने राज्यों को किस प्रकार के निर्देश दिए हैं?
एनएचआरसी ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि त्योहारों के दौरान वेंडरों को बेवजह हटाया नहीं जाना चाहिए, और यदि किसी जगह को खाली कराने की आवश्यकता हो, तो उन्हें वैकल्पिक स्थान प्रदान किया जाना चाहिए। - वेंडरों का सामान बिना वजह जब्त करने को लेकर आयोग ने क्या कहा है?
आयोग ने कहा है कि वेंडरों का सामान मनमाने तरीके से जब्त नहीं किया जाएगा और उन पर बिना वजह कार्रवाई नहीं होगी। उत्पीड़न और जबरन वसूली की शिकायतों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - एनएचआरसी के नए निर्देशों का फायदा किसे होगा और उन्हें कैसे लागू किया जाएगा?
एनएचआरसी के निर्देशों का फायदा स्थानीय वेंडरों, सड़क किनारे सामान बेचने वालों और फेरीवालों को होगा। मुख्य सचिवों को ये निर्देश संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि इनका सही ढंग से पालन किया जाए।