दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा में बच्चों से नारे लगवाने के आरोप, NHRC सख्त, मुख्य सचिव और DGP से मांगी रिपोर्ट

Aman Vaishnav | Oct 23, 2026, 10:13 IST
दिग्विजय सिंह की स्वाभिमान यात्रा में बच्चों से राजनीतिक नारे लगवाने के आरोपों पर NHRC सख्त, MP के मुख्य सचिव व DGP को जांच कर 2 हफ्ते में रिपोर्ट देने का निर्देश।
NHRC Issues Notice to MP Chief Secretary & DGP Over Alleged Use of Children for Political Slogging in Digvijaya Singh Yatra 
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा में बच्चों को शामिल करने और उनसे राजनीतिक नारे लगवाने का आरोप लगा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले को बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और DGP को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।

क्या है पूरा विवाद और NHRC ने क्या कहा?

आयोग को मिली शिकायत के मुताबिक, दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा में बच्चों को शामिल किया गया। साथ ही उनसे राजनीतिक नारे लगवाए गए। इतना ही नहीं शिकायतकर्ता ने यह आशंका भी जताई है कि बच्चों को यात्रा में लाने के लिए पैसे दिए गए होंगे। इस कथित घटना के कुछ वीडियो और फोटो 22 अक्टूबर को फेसबुक पर शेयर किए गए थे। इनका जिक्र शिकायत में किया गया है।



इस शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 (Human Rights Protection Act, 1993) के तहत संज्ञान लिया है। आयोग का मानना है कि पहली नजर में यह मामला बाल अधिकारों के उल्लंघन (Child Rights Violation) का लगता है।




अधिकारियों और केंद्रीय मंत्रालय को सख्त निर्देश

NHRC ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जांच में यह साफ किया जाएगा कि क्या बच्चों को सच में पैसे देकर बुलाया गया था या उनका किसी भी तरह से गलत इस्तेमाल हुआ है। इसके अलावा बाल संरक्षण कानूनों (Child Protection Laws) के उल्लंघन की भी जांच की जाएगी।



केवल राज्य सरकार ही नहीं, बल्कि आयोग ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) के सचिव को भी नोटिस भेजा है। मंत्रालय से कहा गया है कि वह बच्चों से जुड़े इन वीडियो और तस्वीरों के इस्तेमाल के मामले की जांच करे और अपनी रिपोर्ट जमा करे। फिलहाल आयोग ने आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं अभी किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है।



दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा में बच्चों से लगवाए नारे

20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू हुई थी यह यात्रा

बता दें कि दिग्विजय सिंह की यात्रा कुल 950 किलोमीटर लंबी है, जिसे सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा (Satya Sanatan Swabhiman Yatra) नाम दिया गया है। इसकी शुरुआत 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन उज्जैन से हुई थी। यह यात्रा उज्जैन से शुरू होकर ओरछा के रामराजा सरकार मंदिर होते हुए श्रीराम मंदिर अयोध्या तक जाएगी।



इस यात्रा का मुख्य मकसद धार्मिक स्थलों के चंदे और चढ़ावे में पारदर्शिता लाना और गड़बड़ियों की जांच करना है। साथ ही वोट चोरी के आरोपों पर जवाब तय करना है। यात्रा शुरू करने से पहले उज्जैन में चिंतामण गणेश और महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की गई थी। इसके बाद पार्थिव शिवलिंग पूजन, कन्या भोज और भंडारे के साथ पदयात्रा आगे बढ़ी थी। 21 अक्टूबर को यह यात्रा देवास के सिंदुरिया गांव पहुंची। 22 अक्टूबर को 15 किलोमीटर पैदल चलकर तराना पहुंची, जहां रात्रि विश्राम रखा गया था।



FAQ



1. दिग्विजय सिंह की यात्रा का क्या नाम है?



इस यात्रा का नाम सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा है। यह 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू हुई है और ओरछा स्थित रामराजा सरकार मंदिर होते हुए अयोध्या के श्रीराम मंदिर तक पहुंचेगी।



2. NHRC ने किस मामले में मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस भेजा है?



पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की यात्रा में बच्चों को शामिल करने, उनसे राजनीतिक नारे लगवाने और कथित तौर पर पैसे देकर बुलाने के आरोपों की जांच के लिए NHRC ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और DGP को नोटिस भेजा है।

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