NSSO Survey: किसानों की आय-कर्ज के जुडेंगे आंकड़े, अधिकारियों को मिलेगी ट्रेनिंग
समझें क्या है पूरा मामाला
- केंद्र सरकार जुलाई 2026 से एक साल का बड़ा राष्ट्रीय सर्वे शुरू करेगी।
- यह सर्वे राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
- इसमें मुख्य रूप से किसानों की आय, कर्ज और प्रवासन के आंकड़े जुटेंगे।
- मध्यप्रदेश के ग्वालियर, रतलाम, उज्जैन और शिवपुरी में अधिकारियों को ट्रेनिंग मिली है।
- सर्वे से मिलने वाले आंकड़े भविष्य की सरकारी कल्याणकारी योजनाएं तय करेंगे।
केंद्र सरकार जुलाई 2026 से एक बड़ा राष्ट्रीय सर्वे शुरू करने जा रही है। इसमें देशभर में प्रवासन की स्थिति और किसान परिवारों की आय, कर्ज और निवेश की जानकारी जुटाई जाएगी। यह सर्वे जून 2027 तक चलेगा। मध्यप्रदेश के ग्वालियर, रतलाम, उज्जैन और शिवपुरी के अधिकारियों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सर्वे के आंकड़ों से सरकारी योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी।
क्या है यह राष्ट्रीय सर्वे
केंद्र सरकार का राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय यानी NSO (National Statistics Office) हर कुछ सालों में देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति मापने के लिए NSO की रिपोर्ट पेश करताहै। इसे राष्ट्रीय सैंपल सर्वे यानी NSS (National Sample Survey) कहते हैं।
अब इसका 81वां दौर शुरू होने जा रहा है। यह सर्वे जुलाई 2026 से जून 2027 तक चलेगा। इसमें दो बड़े विषयों पर आंकड़े जुटाए जाएंगे।
सर्वे में क्या-क्या मापा जाएगा
पहला विषय है प्रवासन यानी Migration Particulars। इसमें यह जाना जाएगा कि देश में कितने लोग रोजगार या अन्य कारणों से अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जा रहे हैं।
दूसरा विषय है Situation Assessment Survey और AIDIS (All India Debt and Investment Survey)। इसमें कृषि परिवारों की आय, उन पर कर्ज की स्थिति, निवेश और जीवन-यापन के हालात की जानकारी जुटाई जाएगी। यह आंकड़े किसानों के लिए बनने वाली सरकारी योजनाओं का आधार बनते हैं।
MP के चार शहरों से होगी भागीदारी
NSO के ग्वालियर क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक गजेन्द्र सोनी के नेतृत्व में 9 से 12 जून 2026 तक ग्वालियर में चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर हुआ। इसमें ग्वालियर के साथ-साथ रतलाम, उज्जैन और शिवपुरी के सांख्यिकीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
राज्य स्तर के अधिकारी भी इस प्रशिक्षण में शामिल हुए। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश के इन चार शहरों से सर्वे टीमें मैदान में उतरेंगी।
चार दिन में क्या-क्या हुई ट्रेनिंग
पहले दिन प्रवासन सर्वे की अवधारणाओं और प्रश्नावली पर विस्तार से जानकारी दी गई। दूसरे और तीसरे दिन कृषि स्थिति सर्वे और AIDIS की कार्यप्रणाली समझाई गई।
चौथे और आखिरी दिन ग्वालियर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जाकर असली फील्ड ट्रेनिंग का अभ्यास किया गया। इसके बाद अधिकारियों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।
आपके लिए क्यों जरूरी है यह सर्वे
जुलाई से सरकारी सर्वेयर गांवों और शहरों में घर-घर जाकर जानकारी मांग सकते हैं। यदि कोई सरकारी अधिकारी सर्वे के लिए आए तो उन्हें सही जानकारी देना जरूरी है।
इस सर्वे के आंकड़ों से ही तय होता है कि किसानों के लिए कर्जमाफी या सब्सिडी जैसी योजनाओं की जरूरत कितनी है। साथ ही प्रवासन के आंकड़ों से रोजगार नीतियां बनती हैं। यानी आपकी दी गई जानकारी सीधे सरकारी फैसलों को प्रभावित करती है।
FAQ
- NSS का 81वां दौर क्या है?
यह केंद्र सरकार का एक बड़ा राष्ट्रीय सर्वे है जो जुलाई 2026 से जून 2027 तक चलेगा। इसमें प्रवासन और कृषि परिवारों की आर्थिक स्थिति के आंकड़े जुटाए जाएंगे। यह सर्वे नीति निर्माण का आधार बनता है। - AIDIS सर्वे में क्या जाना जाता है?
AIDIS यानी All India Debt and Investment Survey में कृषि परिवारों पर कर्ज की स्थिति, उनकी आय और निवेश की जानकारी जुटाई जाती है। इन आंकड़ों से किसानों के लिए सरकारी योजनाएं बनाई जाती हैं। यह सर्वे कुछ सालों के अंतराल पर होता है। - सर्वेयर घर आएं तो क्या करें?
सरकारी सर्वेयर अपना पहचान पत्र दिखाएंगे। उन्हें सही और पूरी जानकारी देना जरूरी है। आपकी जानकारी गोपनीय रहती है और केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए उपयोग होती है।
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