NTA की CUET UG में अब छात्र हुए परेशान, एक्सपर्ट कमेटी पहले ही इसे लेकर चेता चुकी थी
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए ली जाने वाली क्यूट (CUET) यूजी प्रवेश परीक्षा में अव्यवस्था हो गई। शनिवार को देश भर के कई परीक्षा केंद्रों पर बवाल मच गया। समय पर परीक्षा ही नहीं हो सकी।
इसके बाद एनटीए ने इसका स्पष्टीकरण जारी किया और कहा कि टीसीएस के सिस्टम में तकनीकी समस्या आ गई थी। इसलिए यह परीक्षा दोपहर की पाली में अब तीन बजे की जगह चार बजे से होगी। वहीं एक बार फिर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा।
एनटीए ने यह दी सफाई
एनटीए ने क्यूटयूजी में आई समस्या को लेकर लगातार टिव्ट किए। पहले कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा और तकनीकी समस्या के कारण परेशानी हुई। फिर बताया कि कुछ केंद्रों पर तकनीकी समस्या आई। शिफ्ट वन में यह हुआ।
यह तनावपूर्ण था और इसके लिए हमे खेद है। टीसीएस को इसका कारण पता करने के लिए कहा गया है। हालांकि अधिकांश छात्र 95 फीसदी यह परीक्षा देने में सफल रहे। एनटीए प्रभावित हुए 3765 छात्रों के लिए फिर से परीक्षा कराएगा। इसका रिशेड्यूल जारी करेंगे।
राहुल गांधी ने यह कसा तंज
वहीं राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि NEET/CBSE/SSC और अज CUET. चार परीक्षाएं, एक करोड़ बच्चे, एक भी ईमानदारी से नहीं हो पाई। दावे विश्वगुरु के मगर देश में एक बी परीक्षा नहीं करवा सकते।
मोदीजी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी। जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी।
एनटीए प्रमुख प्रदीप जोशी दागदार
मप्र के पूर्व सीएम दिग्वजिय सिंह ने पहले ही कहा था कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और एनटीए प्रमुख प्रदीप जोशी को बर्खास्त किया जाना चाहिए। साल 2024 में भी नीट यूजी में पेपर लीक के आरोप लगे थे।
प्रोफेसर जोशी का लंबा दागदार वाला कार्यकाल रहा है। पीएससी मप्र के चेयरमैन से लेकर यूपीएससी चेयरमैन में भी उन पर उंगलियां उठती रही हैं।
संसद की कमेटी और विशेषज्ञ कमेटी पहले चेता चुकी
उल्लेखनीय है कि एनटीए के कामों में सुधार के लिए पहले ही एक्सपर्ट कमेटी (डॉ. डीके राधाकृष्णन) का गठन हुआ था और उन्होंने अपनी अनुशंसा दी थी। इसी के साथ ही राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसद की उच्च स्तरीय कमेटी ने भी इन अनुशंसाओं पर मुहर लगाते हुए सुझाव दिए थे। इसमें खासतौर क्यूट को लेकर भी लिखा था।
कमेटी ने कहा था कि देखने में आया है कि कई सालों से एनटीए द्वारा सीयूईटी का रिजल्ट समय पर घोषित नहीं किया जाता है। इसमें देरी होती है। इससे पूरी प्रवेश प्रक्रिया में दे्री होती है।
जिससे एकेडमिक सत्र भी देरी से शुरू होता है। इससे अनावश्यक तौर पर छात्रों को परेशानी होती है और तनाव बढ़ता है। एनटीए को ना केवल समय पर यह परीक्षा कराना चाहिए बल्कि रिजल्ट भी समय पर घोषित करना चाहिए।
एनटीए की 14 में 5 परीक्षाओं में समस्या
कमेटी की रिपोर्ट में साफ तौर पर आया था कि एनटीए की कार्य़शैली सही नहीं है। कमेटी ने कहा था कि साल 2024 में इसकी 14 में से पांच अहम परीक्षाओं में समस्या है। यूजीसी नेट, सीएसआईआर-नेट परीक्षा और नीट पीजी को स्थगित करना पड़ा था।
नीट यूजी में प्रश्नपत्र लीक हुआ और सीयूईटी यूजी व पीजी के रिजल्ट स्थगित करने पड़े। एनटीए लगातार छात्रों का भरोसा कम कर रही है। इससे छात्रों का सिस्टम पर भरोसा कम होता है। उन्हें अपनी कार्यशैली में सुधार करना चाहिए।
FAQ
- CUET (UG) 2026 परीक्षा में देरी क्यों हुई?
कुछ केंद्रों पर तकनीकी समस्या (TCS iON सिस्टम) की वजह से शिफ्ट 1 की परीक्षा देर से शुरू हुई। - क्या प्रभावित छात्रों के लिए फिर से परीक्षा होगी?
हाँ, 3765 छात्रों के लिए परीक्षा का रिसेड्यूल किया जाएगा। - एनटीए ने परीक्षा में हुई परेशानी के लिए क्या कहा?
एनटीए ने खेद जताया और कहा कि तकनीकी समस्या दुर्भाग्यपूर्ण थी, कारण पता करने के लिए TCS को कहा गया।
नीट यूजी पेपर लीक केस
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