NTA ने अब पीएससी राज्य सेवा मेंस 2026 वालों को उलझाया, यूजीसी नेट बनी वजह
नीट फिर से कराने के बाद से ही घिरी एनटीए की अब यूजीसी नेट परीक्षा में लापरवाही सामने आई है। यह लापरवाही अब मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (पीएससी) की राज्य सेवा परीक्षा मेंस 2026 के उम्मीदवारों पर भारी पड़ रही है।
यूजीसी नेट का क्या हुआ
बता दें कि यूजीसी नेट 22 से 30 जून तक हुई थी। वहीं एनटीए ने रविवार रात को सूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि यूजीसी नेट के अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषय के प्रश्नपत्र फिर से होंगे। वजह बताई गई है कि इन पेपर में गलतियों को लेकर शिकायत मिली थी। इसकी जांच के लिए कमेटी बनाई है। फिर से परीक्षा कराएंगे ताकि परीक्षा निष्पक्ष हो सके।
क्या है अब नया शेड्यूल
यूजीसी नेट में अब अंग्रेजी का पेपर 9 सितंबर को शिफ्ट वन में, कॉमर्स का भी 9 सितंबर को शिफ्ट टू में और सोशियोलॉजी का 10 सितंबर को शिफ्ट वन में होगा। इनके लिए उम्मीदवारों से फिर शुल्क नहीं लिया जाएगा।
राज्य सेवा मेंस 7 से 12 सितंबर को
उधर समस्या यह है कि यूजीसी नेट दोबारा होने के चलते मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा मेंस की तारीखें उलझ गई हैं। मेंस पहले से ही 7 से 12 सितंबर तक तय है और इसमें लगभग चार हजार उम्मीदवार बैठेंगे। ऐसे में उम्मीदवारों को अब यूजीसी नेट या पीएससी मेंस दोनों में से एक को छोड़ना होगा। दोनों का ही अब आगे-पीछे होना मुश्किल है। एनटीए केंद्रीय एजेंसी है तो वह करेगा नहीं और उधर पीएससी काफी पहले से ही तय है और इसकी तैयारी हो चुकी है।
क्या बोल रहे उम्मीदवार
वहीं इस संबंध में एक उम्मीदवार ने कहा कि घोटाले यह करें और भुगतना हमें पड़ता है। इसी दिन मेरा मेंस है, पूरे सिस्टम का बंटाधार कर दिया है। वहीं एक अन्य ने कहा कि मेरा 10 को यूजीसी नेट रख दिया है और इसी दौरान मुझे मेंस भी देना है।
भड़का जेन जी, बोले फीस और खर्चा लौटाओ
उधर एक बार फिर एनटीए की कार्यशैली से जेन-जी बेहद नाराज है। एनटीए के परीक्षा फिर से कराने पर तीखी टिप्पणियां आई है।
इस तरह की टिप्पणी की गई...
- आप लोग कामचोर है या जानबूझकर देश को खोखला कर रहे हैं।
- गलती किसकी और भुगतेगा कौन।
- प्रह्लाद जोशी को अब इस्तीफा दे देना चाहिए।
- आप कुछ करने योग्य नहीं है। क्या समझते हैं कि कितनी मानसिक पीड़ा होती है। क्योंकि आप असक्षम है। क्या कोई जिम्मेदारी भी है।
- क्या मेरी फीस और जो ट्रेवल खर्च हुआ वह लौटा पाएंगे, क्योंकि अब मैं दोबारा नहीं देना चाहता
सरकार क्या कर रही है। - एनटीए यदि आप परीक्षा मैनेज नहीं कर सकते हैं तो इसे फिर से सेंट्रल यूनिवर्सिटी को दे दो। जब हम 45 दिन से आंसर की इंतजार कर रहे हैं और आप पेपर लीक को इंकार कर रहे थे , अब आप सूचना जारी कर रह हैं।
- एनटीए का नया नाम- नो ट्रांसपेरेंसी एजेंसी।
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