गांव-गांव दौड़ेगा ‘न्याय सारथी’, अब कोर्ट के चक्कर नहीं, न्याय खुद पहुंचेगा आपके दरवाजे

Neel Tiwari | Apr 01, 2026, 16:46 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश में ‘न्याय सारथी’ के जरिए न्याय व्यवस्था अब घर-घर पहुंचेगी। यह मोबाइल वैन कानूनी मदद, सरकारी योजनाओं की जानकारी और विवादों के समाधान के लिए गांव-गांव जाएगी।

News in short

  • राज्य के सभी 51 जिलों में शुरू हुई ‘न्याय सारथी’ सेवा
  • जस्टिस संजीव सचदेवा और विवेक रूसिया ने दिखाई हरी झंडी
  • गांव और दूरदराज क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर मिलेगी कानूनी मदद
  • 632 सरकारी योजनाओं की जानकारी और फॉर्म भरने में भी सहायता
  • वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को मिलेगी प्राथमिकता

Intro

मध्य प्रदेश में न्याय व्यवस्था को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। अब कानूनी मदद के लिए शहर या कोर्ट जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ‘न्याय सारथी’ मोबाइल वैन सीधे गांव-गांव जाकर मौके पर ही मदद देगी।



News in Detail

‘न्याय सारथी’ एक मोबाइल लीगल एड क्लिनिक है, जिसे मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शुरू किया गया है। यह एक ऐसी चलती-फिरती सेवा है, जो सीधे गांव और मोहल्लों में पहुंचकर लोगों को कानूनी सलाह, सहायता और मार्गदर्शन देगी। इसका उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति सिर्फ जानकारी या दूरी के कारण न्याय से वंचित न रहे।



अब कोर्ट के चक्कर नहीं, न्याय खुद आएगा घर

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यही है कि अब लोगों को जिला मुख्यालय या कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ‘न्याय सारथी’ खुद उनके पास पहुंचेगा और मौके पर ही उनकी समस्याओं को सुनेगा और समाधान बताएगा। खासतौर पर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत साबित होने वाला है।



632 सरकारी योजनाओं का भी मिलेगा फायदा

सिर्फ कानूनी सलाह ही नहीं, बल्कि इस वैन के जरिए सरकार की करीब 632 जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। विशेषज्ञ मौके पर ही लोगों को बताएंगे कि वे किन योजनाओं के पात्र हैं और कैसे आवेदन करें। जरूरत पड़ने पर फॉर्म भरने में भी मदद की जाएगी, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे।



दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधा

‘न्याय सारथी’ सेवा में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को प्राथमिकता दी गई है। जो लोग शारीरिक रूप से कोर्ट या कार्यालय तक नहीं जा सकते, उनके घर तक टीम पहुंचकर उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगी। यह पहल “डोरस्टेप जस्टिस” यानी घर बैठे न्याय की अवधारणा को मजबूत करती है।



कानूनी जागरूकता और विवादों का आसान समाधान

इस अभियान के जरिए लोगों में कानूनी जागरूकता भी बढ़ेगी। साथ ही लोक अदालत और मध्यस्थता जैसे विकल्पों के बारे में जानकारी दी जाएगी, जिससे छोटे-छोटे विवादों को आपसी सहमति से जल्दी सुलझाया जा सके। इससे कोर्ट का बोझ भी कम होगा और लोगों को त्वरित राहत मिलेगी।



समाज के हर वर्ग तक कानूनी सहायता पहुंचाने का उद्देश्य

मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की मेम्बर सेक्रेटरी सुमन श्रीवास्तव के मुताबिक, ‘न्याय सारथी’ का मुख्य उद्देश्य है कि समाज के हर वर्ग तक विधिक सहायता पहुंचे। उन्होंने बताया कि यह मोबाइल क्लिनिक उन लोगों के लिए खासतौर पर मददगार है, जिन्हें तत्काल कानूनी सहायता की जरूरत होती है या जो किसी कारणवश खुद कार्यालय तक नहीं पहुंच सकते।



विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल मध्य प्रदेश को देश में एक नई पहचान दिला सकती है। अगर यह मॉडल सफल रहा, तो अन्य राज्यों में भी इसे लागू किया जा सकता है। ‘न्याय सारथी’ के जरिए न्याय व्यवस्था को मोबाइल और सुलभ बनाना एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।



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