ओंकारेश्वर में VIP को 15 मिनिट में मिलेंगे भोलेनाथ के दर्शन, सामान्य को एक घंटा

Aman Vaishnav | Aug 02, 2026, 10:45 IST
ओंकारेश्वर में दर्शन के बदले नियम
सावन सोमवार में ओंकारेश्वर मंदिर में नई प्रवेश और निकास व्यवस्था शुरू हो गई है। अब वीआईपी भक्तों को 10-15 मिनट में और सामान्य श्रद्धालुओं को 1 से सवा घंटे में दर्शन मिल रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • ओंकारेश्वर मंदिर में शनिवार से नई प्रवेश-निकास व्यवस्था लागू कर दी गई है।
  • वीआईपी भक्तों के लिए नंदी गेट से प्रवेश और लकड़ी द्वार से निकास की व्यवस्था बनाई गई है।
  • नई व्यवस्था के तहत वीआईपी भक्तों को मात्र 10 से 15 मिनट में दर्शन मिल रहे हैं।
  • सामान्य श्रद्धालुओं को 1 से सवा घंटे में दर्शन मिल रहे हैं।
  • प्रति मिनट दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या अब 100 से भी अधिक हो गई है।

बता दें कि मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह नर्मदा नदी के किनारे बसा है।



यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। खासकर सावन के महीने और वीकेंड पर भीड़ काफी बढ़ जाती है। लंबी लाइनों के चलते कई बार श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ता है।



मंदिर प्रशासन के अनुसार अब इस भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए दो अलग रास्ते बनाए जाएंगे। एक रास्ता सामान्य श्रद्धालुओं के लिए होगा। दूसरा रास्ता वीआईपी दर्शन के लिए तय किया गया है।



सामान्य दर्शन में लगेगा एक घंटा

सामान्य श्रद्धालुओं को पहले की तरह ही कतार में लगकर दर्शन करने होंगे। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस प्रक्रिया में करीब 1 घंटे का समय लगेगा। भीड़ ज्यादा होने पर यह समय बढ़ भी सकता है। सामान्य दर्शन पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।



omkareshwar-temple-new-entry-exit-system


वीआईपी दर्शन सिर्फ 15 मिनट में

जो श्रद्धालु 100 रुपए का शुल्क देंगे, उन्हें अलग कतार से दर्शन कराया जाएगा। मंदिर प्रशासन के मुताबिक इस व्यवस्था में 10 से 15 मिनट के भीतर दर्शन पूरे हो जाएंगे।



उज्जैन सिंहस्थ 2028 से जुड़ी तैयारी

मंदिर प्रशासन ने यह भी बताया कि यह बदलाव सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का हिस्सा है। सिंहस्थ के दौरान मध्यप्रदेश के उज्जैन और आसपास के धार्मिक स्थलों पर करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं।



ओंकारेश्वर भी इस दौरान प्रमुख केंद्रों में गिना जाता है। भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए मंदिर प्रशासन अभी से व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटा है।



आने वाले महीनों में मंदिर परिसर में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। प्रशासन का फोकस फिलहाल भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर है।



omkareshwar-temple-new-entry-exit-system


स्थानीय प्रशासन की भूमिका

स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति मिलकर इस नई व्यवस्था को लागू करने की योजना बना रहे हैं। शुरुआत में इसे परखा जाएगा। इसके बाद जरूरत अनुसार नियमों में बदलाव भी किया जा सकता है।



शहर में लागू होगा वन-वे ट्रैफिक

सावन के दौरान ओंकारेश्वर नगर में गाड़ियों का भारी दबाव देखने को मिलता है। इसे संभालने के लिए पूरे शहर में वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। बाहरी वाहनों का शहर के मुख्य रास्तों में प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। पुराने बस स्टैंड और दंडी आश्रम की तरफ से गाड़ियां नहीं जा सकेंगी।



सभी बाहरी गाड़ियों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़ा करना अनिवार्य होगा। ट्रेचिंग ग्राउंड और ताम्रकार पार्किंग का उपयोग गाड़ियों के लिए किया जाएगा। स्थानीय निवासियों और अधिकृत वीआईपी वाहनों को ही विशेष छूट दी जाएगी।



Omkareshwar Shravan 2025:ओंकारेश्वर में बदली दर्शन व्यवस्था, Vip दर्शन सिर्फ प्रोटोकॉल से, जानिए और


जूते-चप्पल जमा करने का नया सिस्टम

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जूते-चप्पल जमा करने का स्थान तय किया गया है। सभी भक्तों को निर्वाणी अखाड़ा स्थित स्टैंड पर ही अपने जूते उतारने होंगे। इसके बाद वे सुखदेव मुनि द्वार से होकर मंदिर में दर्शन करने जाएंगे।



दर्शन करने के बाद भक्त झूला पुल और स्काई ब्रिज से वापस आएंगे। वे स्काई ब्रिज के रास्ते चलकर दोबारा निर्वाणी अखाड़ा स्टैंड तक पहुंचेंगे। वहां से वे अपने जमा किए जूते-चप्पल आसानी से वापस ले सकेंगे। इस पूरी व्यवस्था से रास्तों पर बेवजह की भीड़ एकत्र नहीं होगी।



पार्किंग और रास्तों की नई व्यवस्था

शहर को जाम से बचाने के लिए पार्किंग स्थलों को एक्टिव कर दिया गया है। श्रद्धालु अपनी गाड़ियां शहर के बाहर बनी पार्किंग में ही पार्क कर सकेंगे। कुबेर भंडारी से ब्रह्मपुरी तक केवल पास वाले वाहनों को जाने की अनुमति होगी।



स्थानीय लोग अपनी गाड़ियों से तय रास्ते पर आवाजाही कर सकेंगे। पुलिस बल की तैनाती पूरे शहर में प्रमुख चौराहों पर की जा रही है। जगह-जगह दिशा निर्देश देने वाले साइन बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं। कंट्रोल रूम से पूरे शहर की सुरक्षा पर नजर रखी जाएगी।



सुगम दर्शन के लिए उठाए गए कदम

प्रशासन (Omkareshwar Jyotirlinga Temple) ने सड़क चौड़ीकरण का काम समय रहते पूरा कर लिया था। मार्ग चौड़ा होने से अब पैदल श्रद्धालुओं को चलने में आसानी होगी। गर्मी और बारिश से बचने के लिए शेड की व्यवस्था भी की गई है। पीने के पानी के लिए जगह-जगह वाटर स्टैंड बनाए गए हैं।



स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें भी जगह-जगह तैनात की गई हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था तैयार रहेगी। सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।



ओंकारेश्वर मंदिर में पूरे श्रावण माह में सुबह नौ बजे के बाद नहीं चढ़ेगा जल, फूल और बेलपत्र


शिवभक्तों से प्रशासन की खास अपील

मध्यप्रदेश में ओंकारेश्वर मंदिर केजिला प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं से सहयोग मांगा है। भक्तों से अपील है कि वे तय नियमों का पालन सख्ती से करें। अनावश्यक भीड़ लगाने से बचें और अपनी बारी का शांति से इंतजार करें।



साइन बोर्ड पर दिए गए निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। सफाई व्यवस्था बनाए रखने में मंदिर ट्रस्ट की मदद जरूर करें। कूड़ा-कचरा केवल डस्टबिन में ही डालें और प्लास्टिक का उपयोग न करें। सभी के सहयोग से ही सावन यात्रा सुरक्षित और सुखद बन सकेगी।



ये खबरें भी पढ़िए।

राम मंदिर चंदा विवाद के बाद आई सामने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की दान व्यवस्था



एमपी के मंदिरों की खुली पोल: महाकाल में हिसाब नहीं, ओंकारेश्वर में कमाई पर पर्दा!



ज्ञानेश कुमार के ओंकारेश्वर दर्शन पर दिग्विजय सिंह की नसीहत, कथनी-करनी में अंतर न हो



सावन में जा रहे ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने, तो पहले पढ़ें ये गाइडलाइन





Tags:
  • उज्जैन
  • ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर
  • सिंहस्थ 2028
  • ओंकारेश्वर मंदिर
  • उज्जैन सिंहस्थ 2028