ओंकारेश्वर मंदिर में एंट्री को लेकर बवाल, श्रद्धालुओं और स्टाफ में जमकर चले लात घूंसे
मुश्ताक मंसूरी @खंडवा
समझें क्या है पूरा मामला
- ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में रविवार शाम दर्शन व्यवस्था को लेकर भारी विवाद हुआ।
- झूला पुल रास्ते से अंदर जाने की बात पर दोनों पक्षों में बहस हुई।
- दक्षिण भारत के तीर्थयात्रियों और मंदिर कर्मचारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।
- देखते ही देखते यह पूरा विवाद मारपीट और हंगामे में बदल गया।
- इस पूरी घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है।
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक हैरान करने वाली खबर आई है। प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में रविवार 24 मई शाम को बड़ा बवाल हो गया। पवित्र मंदिर परिसर में दर्शन की व्यवस्था को लेकर भारी विवाद देखने को मिला।
झूला पुल से मंदिर में प्रवेश करने की बात पर लोग आपस में भिड़ गए। दक्षिण भारत से आए श्रद्धालुओं और मंदिर स्टाफ के बीच तीखी बहस हुई। इसके बाद वहां जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई।
वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है?
इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो को देखकर लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कुछ लोग आपस में बुरी तरह उलझ रहे हैं।
घटना के दौरान मंदिर परिसर में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद दूसरे श्रद्धालुओं ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। यह वीडियो इंटरनेट पर खूब शेयर किया जा रहा है।
दरअसल मंदिर के पास अभी एक खास निर्माण कार्य चल रहा है। सुखदेव मुनि द्वार को चौड़ा करने का काम तेजी से जारी है। इस काम की वजह से झूला पुल मार्ग को आम लोगों के लिए बंद किया गया है।
फिलहाल इस रास्ते से केवल वीआईपी लोगों को जाने की इजाजत है। रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे कुछ श्रद्धालु इसी रास्ते से जाना चाहते थे। तभी वहां तैनात लाल टी-शर्ट पहने कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया।
विवाद की शुरुआत किस बात से हुई?
कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं को रोककर दूसरे चालू रास्ते से जाने की सलाह दी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान धक्का-मुक्की इतनी बढ़ी कि एक कर्मचारी काउंटर पर गिर गया।
इसके बाद वहां मौजूद अन्य कर्मचारी भी मौके पर आ गए। देखते ही देखते दोनों तरफ के लोग आपस में मारपीट करने लगे। मंदिर प्रशासन का कहना है कि भीड़ को संभालने के लिए नियम बनाए गए हैं।
मंदिर प्रशासन का इस पर क्या कहना है?
ओंकारेश्वर मंदिर का गर्भगृह छोटा होने के कारण भीड़ को रोकना जरूरी होता है। इसके लिए अंदर आने और बाहर जाने के अलग रास्ते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए ही जगह-जगह स्टाफ को तैनात किया गया है।
रास्ते बंद होने की जानकारी बोर्ड लगाकर भी दी गई है। प्रबंधक ट्रस्टी राव पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि कुछ लोग जबरन अंदर घुस रहे थे। रोकने पर उन्होंने कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया।
पुलिस और प्रशासन ने क्या कदम उठाया?
ट्रस्ट के अनुसार कर्मचारियों को हमेशा यात्रियों से प्यार से पेश आने को कहा जाता है। इस घटना के बाद उन्हें फिर से कड़ी हिदायत दी गई है। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि वे मंदिर की व्यवस्थाओं का पालन करें। निर्माण कार्य पूरा होते ही सभी बंद रास्ते दोबारा खोल दिए जाएंगे।
फिलहाल स्थानीय पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही झूला पुल इलाके में सुरक्षा बल बढ़ा दिया गया है।
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