गेमिंग कंपनी पर 300 करोड़ की GST चोरी का आरोप, CGST टीम ने किया खुलासा
समझें क्या है पूरा मामला...
- सतना में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी तीन फर्मों पर जीएसटी की टीम ने छापा मारा है।
- यह कार्रवाई शनिवार 20 जून की देर रात की गई है।
- टीम जबलपुर से आई थी और इसकी जानकारी स्थानीय अधिकारियों को भी नहीं थी।
- जांच में लगभग 300 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी का अनुमान लगाया गया है।
- फर्म संचालकों से प्राथमिक तौर पर एक करोड़ रुपए जमा भी कराए गए हैं।
सतना शहर में पुष्करणी पार्क के पास एक कॉलोनी में यह कार्रवाई हुई। यहीं से गायजेक प्राइवेट लिमिटेड नाम की फर्म काम कर रही थी। इस फर्म के जरिए ऑनलाइन गेमिंग की गतिविधियां चलाई जा रही थीं। मामला उस वक्त और बड़ा हो गया जब जांच में दो और फर्मों के नाम सामने आए।
किन फर्मों पर शिकंजा
जानकारी के अनुसार जिस पते पर गायजेक प्राइवेट लिमिटेड संचालित हो रही थी, वहीं खेलब्रो प्राइवेट लिमिटेड और स्किलब्रो प्राइवेट लिमिटेड नाम की दो अन्य फर्में भी मिलीं। तीनों फर्मों के निदेशक एक ही व्यक्ति हैं। तीनों एक ही पते से काम कर रही थीं।
इससे जांच टीम को शक हुआ कि एक ही कारोबार को अलग-अलग कंपनियों में बांटकर चलाया जा रहा था। ऐसा अक्सर टैक्स का बोझ कम दिखाने के लिए किया जाता है। हालांकि यह सिर्फ शुरुआती अनुमान है। पूरी सच्चाई आगे की जांच में सामने आएगी।
कैसे चली गोपनीय जांच
यह कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि सेंट्रल जीएसटी के सतना स्थित स्थानीय कार्यालय को भी भनक नहीं लगी। पूरी टीम जबलपुर से सीधे सतना पहुंची थी। टीम में आधा दर्जन से ज्यादा अधिकारी शामिल थे।
यह टीम जबलपुर की सेंट्रल जीएसटी एंटी एवेजन इकाई से जुड़ी है। इस इकाई का काम बड़े स्तर पर होने वाली कर चोरी की जांच करना है। जीएसटी अधिनियम के तहत टीम ने कारोबार से जुड़े सभी दस्तावेज जब्त किए। जांच पूरी होने के बाद टीम सारे दस्तावेज अपने साथ जबलपुर ले गई।
कितनी है कर चोरी
सूत्रों के मुताबिक गायजेक प्राइवेट लिमिटेड के जरिए बड़े पैमाने पर ऑनलाइन गेमिंग का कारोबार चलाया जा रहा था। इस प्लेटफॉर्म से जुड़े वित्तीय लेन-देन भी बहुत बड़े स्तर पर हुए हैं। शुरुआती जांच में टीम ने लगबग 300 करोड़ रुपए के कर अपवंचन का अनुमान लगाया है।
यह आंकड़ा शुरुआती जांच पर आधारित है। जब्त किए गए दस्तावेजों की गहन जांच अभी जारी है।
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