ओरछा में BJP का बड़ा मंथन, संगठन से लेकर 2028 तक बनेगी रणनीति
ओरछा से संगठन की नई दिशा
मध्य प्रदेश बीजेपी ने अपनी प्रदेश कार्यसमिति के लिए इस बार धार्मिक और राजनीतिक रूप से अहम नगरी ओरछा को चुना है। राजा राम (भगवान राम) की नगरी में होने वाली दो दिवसीय बैठक को सिर्फ संगठन की औपचारिक बैठक के तौर पर नहीं देखा जा रहा।
यहां पार्टी के सामने जमीनी संगठन को और मजबूत करने से लेकर आने वाले बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों की तैयारी तक कई मुद्दे हैं।
बैठक में प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेता, राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारी तथा कार्यसमिति के सदस्य शामिल होंगे। पार्टी के भीतर संगठन को ज्यादा सक्रिय और प्रभावी बनाने पर चर्चा होगी।
बूथ से लेकर संगठन विस्तार तक
बीजेपी की चुनावी राजनीति में बूथ सबसे अहम कड़ी माना जाता है। ऐसे में बैठक में बूथ सशक्तिकरण का मुद्दा प्रमुख रहने वाला है। पार्टी की कोशिश है कि संगठन का संपर्क केवल चुनाव के समय नहीं बल्कि लगातार जमीन पर दिखाई दे।
इसके साथ ही संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण को लेकर भी आगे की दिशा तय की जाएगी। अलग-अलग स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर मंथन संभव है।
राजनीतिक कार्यक्रमों पर भी नजर
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में आने वाले संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा होगी। पार्टी किस मुद्दे को किस स्तर तक ले जाएगी और कार्यकर्ताओं को किस तरह सक्रिय किया जाएगा, इस पर रणनीति बनाई जा सकती है।
यानी बैठक का फोकस सिर्फ समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। आगे क्या करना है और संगठन को किस दिशा में ले जाना है इस पर भी रोडमैप तैयार करने की कोशिश होगी।
समरसता और विकसित भारत का एजेंडा
बीजेपी की ओर से सामाजिक समरसता और विकसित भारत के संकल्प को भी बैठक के प्रमुख विषयों में रखा गया है। संगठन के जरिए इन मुद्दों को आम लोगों तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा होगी।
पार्टी के लिए यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि संगठनात्मक फैसलों का असर सीधे जिलों, मंडलों और बूथ स्तर तक दिखाई देता है।
बैठक से क्या निकल सकता है?
ओरछा की बैठक में सबसे ज्यादा नजर इस बात पर रहेगी कि प्रदेश बीजेपी संगठन को जमीनी स्तर पर कितना सक्रिय करने की योजना बनाती है।
बूथ सशक्तिकरण, प्रशिक्षण, विस्तार और आगामी कार्यक्रमों को लेकर अगर ठोस कार्ययोजना सामने आती है, तो उसका असर आने वाले महीनों में पार्टी की गतिविधियों पर दिखाई दे सकता है।
कुल मिलाकर ओरछा में भारतीय जनता पार्टीका यह जुटान सिर्फ बैठक नहीं, बल्कि संगठन की अगली चाल तय करने का मंच बनता नजर आ रहा है।
ये खबरें भी पढ़िए...
मंत्री विजय शाह मामले पर SC में सुनवाई आज, कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिया था विवादित बयान
ओरछा में BJP का बड़ा मंथन, संगठन से लेकर 2028 तक बनेगी रणनीति
2028 का विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए चुनौती, संगठन को अभी से कसने की तैयारी
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में नया क्या? पुराने मुद्दे, नई पैकेजिंग