एमपी में 24 जिलों के आउटसोर्स कर्मचारी बाहर, एक अगस्त से बंद हुई सेवाएं

Sandeep Kumar | Aug 01, 2026, 17:11 IST
एमपी में 24 जिलों के आउटसोर्स कर्मचारी बाहर
मध्य प्रदेश वित्त विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। पेंशन, भविष्यनिधि एवं बीमा संचालनालय ने 24 जिलों के आउटसोर्स डेटा एंट्री ऑपरेटरों को हटा दिया है। एक अगस्त से इन कर्मचारियों की सेवाएं बंद हो गई हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश वित्त विभाग ने बड़ा आदेश जारी किया।
  • 24 जिलों के आउटसोर्स ऑपरेटर हटाए गए हैं।
  • कर्मचारियों की सेवाएं एक अगस्त से बंद हुईं।
  • आदेश 30 जुलाई को जारी किया गया था।
  • सरकार 2027 तक आउटसोर्स व्यवस्था खत्म करेगी।

कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया तेज

एमपी सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। वित्त विभाग के पेंशन, भविष्यनिधि एवं बीमा संचालनालय ने प्रदेश के 24 जिलों में तैनात आउटसोर्स डेटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इन कर्मचारियों की सेवाएं 31 जुलाई तक ही मान्य रहीं। एक अगस्त से वे विभाग में काम नहीं कर सकेंगे।



आदेश में क्या है ?

30 जुलाई को यह आदेश जारी हुआ था। संचालनालय के संयुक्त संचालक ने उद्यमिता विकास केंद्र यानी सेडमैप को निर्देश दिए हैं। इसमें कहा गया है कि 24 डेटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवाएं 31 जुलाई से वापस ली जा रही हैं। ये सभी संविदा सहायक ग्रेड-3 पद पर कार्यरत थे।



आदेश में यह भी कहा गया है कि जुलाई महीने का वेतन बिल जल्द तैयार किया जाए। इन कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे साफ है कि सेवा समाप्ति के साथ ही वेतन भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जा रही है।



जिन जिलों में यह कार्रवाई हुई है, उनमें शिवपुरी, पन्ना, टीकमगढ़ और छतरपुर शामिल हैं। इसके अलावा सागर, नीमच, मंदसौर और शाजापुर भी इस सूची में हैं। सिंगरौली, अनूपपुर, रायसेन और सीहोर के कर्मचारी भी प्रभावित हुए हैं।



राजगढ़, बैतूल, हरदा और खरगौन में भी सेवाएं समाप्त की गई हैं। इसके साथ ही बड़वानी, बुरहानपुर, दतिया और अशोकनगर भी सूची में शामिल हैं। श्योपुर, सतना और शहडोल जिले भी इस फैसले से प्रभावित हुए हैं।



वहीं विभाग ने यह भी साफ किया है कि फिलहाल 22 आउटसोर्स डेटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवाएं जारी रहेंगी। यानी सभी कर्मचारियों को एक साथ नहीं हटाया गया है। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चल रही है।



2027 तक होगी पूरी छुट्टी

यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। अक्टूबर 2025 में वित्त विभाग ने सभी विभागों को एक अहम निर्देश दिया था। इसमें कहा गया था कि 31 मार्च 2027 तक आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं पूरी तरह समाप्त कर दी जाएं।



साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया था कि इनकी जगह नई आउटसोर्स भर्ती नहीं की जाएगी। ताजा कार्रवाई को इसी नीति के तहत उठाया गया अगला कदम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में और भी जिलों से आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाया जा सकता है।



इस फैसले से पेंशन और भविष्यनिधि से जुड़े कामकाज पर भी असर पड़ सकता है। खासकर उन जिलों में जहां डेटा एंट्री का काम इन्हीं कर्मचारियों के भरोसे चल रहा था। विभाग ने अभी यह साफ नहीं किया है कि इनकी जगह नया स्टाफ कैसे तैनात किया जाएगा।



FAQ

  1. एमपी में किन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं?
    मध्य प्रदेश के 24 जिलों में तैनात आउटसोर्स डेटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। ये कर्मचारी पेंशन, भविष्यनिधि एवं बीमा संचालनालय में काम करते थे। इनकी सेवाएं 31 जुलाई तक ही मान्य रहीं।
  2. आउटसोर्स व्यवस्था कब खत्म होगी?
    वित्त विभाग की नीति के अनुसार 31 मार्च 2027 तक सभी विभागों में आउटसोर्स व्यवस्था खत्म होगी। यह नीति अक्टूबर 2025 में जारी की गई थी। इसके तहत नई आउटसोर्स भर्ती भी नहीं होगी।


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