हम सब हिंदू भाई-भाई, जात-पात की करो विदाई : पंडित धीरेंद्र शास्त्री

Sanjay Gupta | Nov 30, 2024, 20:35 IST
Dhirendra Shastri Pandit
पंडित शास्त्री ने कहा कि हिंदुओं एक बात पते की सुन लो, हम केंद्र धरा के बिंदु है हम हिंदू है। हिंदू का मतलब कोई धर्म नहीं मजहब नहीं बल्कि जीवन शैली का नाम है। हिंदू का मतलब है हिंद महासागर के पास रहने वाले जितने लोग है। सभी हिंदू है।

INDORE. इंदौर के लालबाग में पहुंचे बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने खराब स्वास्थ्य के बाद भी रग-रग मेरा हिंदू विषय पर पूरे जोश से अपनी बात रखी। उन्होंने मूल बात कही कि हम सब हिंदू भाई-भाई और जात-पात की करो विदाई। उन्होंने मंच से एआई के साथ एचआई ( हिंदुत्व इंटेलीजेंसी ) की बात कही और इसके लिए तीन अहम बात कही। साथ ही कहा कि हिदूं भाई, हिंदु से ही व्यापार करें। उन्होंने इस दौरान मप्र के सबसे अमीर व्यक्ति विनोद अग्रवाल से कहा कि वह अपने यहां हिंदुओं को ही प्राथमिकता से रोजगार देने पर काम करें और इसे लागू करें भले ही गोपनीय तौर पर ही लागू कर दें।



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यहां रहने वाला मुसलमान-ईसाई भी हिंदू

पंडित शास्त्री ने कहा कि हिंदुओं एक बात पते की सुन लो, हम केंद्र धरा के बिंदु है हम हिंदू है। हिंदू का मतलब कोई धर्म नहीं मजहब नहीं बल्कि जीवन शैली का नाम है। हिंदू का मतलब है हिंद महासागर के पास रहने वाले जितने लोग है। सभी हिंदू है। यहां रहने वाला मुसलमान, ईसाई भी हिंदू है। वह अपने आप को भूल गए हैं। हिंदुस्तान के नजदीक तो हिंदू ही रहेगा। मुसलमान को तो अरब, ईराक में रहेगा। यहां रहने वाले मुसलमान के दादा भी श्यामलाल मिलेंगे। हम किसी के धर्म के खिलाफ नहीं है।



हम लव जिहाद, लैंड जिहाद से बचाना चाहते हैं

बंट गए तो कम हो गए

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदू को हर हाल में एक होना होगा, हम बंट गए तो कम हो गए। भेदभाव में बंट गए तो कम हो गए। हिंदूओं की चिंता है, पाकिस्तान में हिंदू 22 फीसदी थे 2 फीसदी हो गए। इंडोनेशिया में बचा ही नहीं, देश में केरल, मिजोरम, पश्चिम बंगाल में हिंदू अल्पसंख्यक हो रहे। आशा जब आयशा, शुभम जब साहिल हो जाएगा तब बात समझ आएगी।



एचआई के लिए यह करना होगा

एआई ने तहलका मचाया है लेकिन अब एचआई से तहलका मचाना है। इसकी लांचिंग करना है। क्योंकि हिंदू बहुत बुजदिल होता है, जब पालाघर में संतो को पीटा गया, राम के देश में राम होने के सबूत मांगे गए, बेटी श्रृद्धा के 34 टुकड़े किए, हम चुप रहे। यदि चुप रहे तो इंदौर भी इस्लामिक हो जाएगा और देश गजवा ए हिंद हो जाएगा। एचआई के लिए हमे इंटेंलीजेंट हिंदू चाहिए जो पढ़ा लिखा हो। मोबाइल, रील की जगह रियल लाइफ जिए। मैदान में उतरे। यूनिटी आफ हिंदू होना चाहिए, बंटना नहीं है और तीसरा बिजनेसमैन हिंदू, ताकि हिंदू संपन्न हो, उसे रोजगार मिले, छोटे हितों के लिए वह कन्वर्ट हो जाता है। जिसका पेट भरा होगा वह दूसरी ओर नहीं देखेगा।



नई लाइन खींचो, हिंदू, हिंदू को काम दें

बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर ने कहा कि नई लाइन खींचें प्रदेश के सबसे अमीर विनोद अग्रवाल जी, हिंदू को ही प्राथमिकता से रोजगार दें। हिंदू, हिंदू के साथ ही बिजनेस करें, उन्हें काम दें। लोग कहते हैं कि हम हिंदू-मुसलमान करते हैं, गलत हम केवर हिंदू-हिंदू करते हैं।



हमे नेता नहीं बनना, बने तो वोट मत देना

पंडित शास्त्री ने कहा कि हमे नेता नहीं बनना और कभी बने तो बाप की कसम हमे वोट मत देना। हम केवल हिंदू को एकजुट करना चाहते हैं हमारा किसी पार्टी, दल से लेना-देना नहीं है। हमे केवल बच्चियों की और पीढ़ियों की चिंता है। जात-पात सबसे बड़ी दीवार है। मुसलमान शुक्रवार की नमाज करता है, ईसाई रविवार को प्रार्थना करता है लेकिन हिंदू मंदिर नहीं जाता, उसे शनिवार, मंगलवार को मंदिर जाना चाहिए।



कायदे में रहोंगे तो फायदे में रहोंगे

हमने अब हिंदुत्व के लिए कमर कस ली है। यहां रहने वाले सभी हिंदू है। हम किसी धर्म के खिलाफ नहीं लेकिन सीधी बात कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे। होली, दीवाली पर ज्ञान पेला जाता है तो फिर बकरीद पर चुप क्यों होते हो। यह हिंदुस्तान है।



हम तो खुद पैसे लेकर प्रवचन देते हैं

बाबा ने कहा कि माया छोड़ने के लिए हम नहीं कहते क्योंकि हम तो खुद रुपए लेकर प्रवचन देते हैं। माया में क्यों नहीं पड़ना चाहिए, हम 11 लाख लेकर प्रवचन दे रहे हैं और आपको बोले कि माया में मत पडो। हम तो चाहते है कि हिंदू संपन्न हो, रोजगार पाए, हिंदुस्तान आर्थिक संपन्न होगा। मां, बहन जिस तरह से खुद के ऋंगार के लिए समय देती है।



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