लग्जरी लाइफ देख दोस्त को किया किडनैप, कट्टे से धमकाकर मांगे 10 लाख
समझें क्या है पूरा मामला...
- पन्ना में सोशल मीडिया पर लग्जरी रील्स देखकर बदमाशों ने युवक को करोड़पति समझ लिया।
- उन्होंने कपड़ा व्यापारी के 19 वर्षीय बेटे अंशुल का किडनैपकर लिया।
- परिवार से 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई।
- पुलिस ने कुछ ही घंटों में युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया।
- बाद में तीनों आरोपी भी गिरफ्तार कर लिए गए।
आईफोन बेचने का स्टेटस बना वजह
दरअसल 27 जून की रात पवई के कपड़ा व्यापारी राजेश डेंगरे का बेटा अचानक गायब हो गया था। इसके कुछ देर बाद परिवार के मोबाइल पर कॉल आया। फोन करने वाले ने 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। इससे घबराए परिवार ने तुरंत पवई थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद एसपी निवेदिता नायडू के निर्देश पर पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम बनाई। तकनीकी निगरानी की मदद से टीम ने लोकेशन ट्रेस करना शुरू किया। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी वहां से भाग निकले थे।
दोस्त निकला पूरी साजिश का मास्टरमाइंड
जांच करने पर सामने आया कि मुख्य आरोपी राजकमल रजक अंशुल का पुराना स्कूली दोस्त था। दोनों साथ पढ़ चुके थे और एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे। इसी नजदीकी का फायदा उठाकर राजकमल ने पूरी साजिश रची थी।
घटना से करीब 10 दिन पहले अंशुल ने सोशल मीडिया पर अपना आईफोन बेचने का स्टेटस लगाया था। यही पोस्ट राजकमल और उसके साथियों के लिए मौका बन गया। उन्होंने फोन खरीदने के बहाने अंशुल को बुलाया। इसके बाद बाइक पर बैठाकर उसे जंगल की ओर ले गए।
एक हफ्ते से रखी जा रही थी नजर
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी करीब एक सप्ताह से अंशुल के सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर रख रहे थे। उसकी रोजमर्रा की गतिविधियां और लाइफस्टाइल देखकर उन्होंने योजना बनाई थी। महंगे मोबाइल और गाड़ियों के साथ ली गई रील्स ने उन्हें यकीन दिला दिया कि युवक बहुत अमीर परिवार से है।
जंगल में कट्टे की नोक पर बनाया बंधक
जानकारी के अनुसार 27 जून की रात करीब 8 बजे आरोपियों ने अंशुल को बहला-फुसलाकर बाइक पर बैठाया। इसके बाद उसे हथकुरी के जंगल में ले गए। वहां कट्टे की नोक पर उसे बंधक बना लिया गया। इसके तुरंत बाद परिवार से मोबाइल पर फिरौती मांगी जाने लगी।
थाना प्रभारी सुशील कुमार अहिरवार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर सर्चिंग शुरू की। टीम ने जंगल में कई किलोमीटर पैदल तलाश की। 28 जून तड़के पुलिस ने अंशुल को सुरक्षित बरामद कर लिया।
डर के मारे परिवार ने ट्रांसफर किए डेढ़ लाख
अपहरण के दौरान दबाव में आकर परिवार ने राजकमल के बैंक खाते में एक लाख 48 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए थे। सूचना मिलते ही पुलिस और साइबर सेल हरकत में आए।
टीम ने तुरंत बैंक से संपर्क कर खाता फ्रीज करवा दिया था। इस वजह से आरोपी रकम नहीं निकाल पाए।
हथियार और बाइक बरामद, तीनों गिरफ्तार
वहीं शनिवार को पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से एक देसी पिस्टल, दो कट्टे और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम राजकमल रजक, राजकुमार पाल और शिवेंद्र सिंह हैं।
वारदात में इस्तेमाल हुई दो बाइक भी जब्त की गई हैं। कोर्ट में पेशी के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नगर में उनका जुलूस भी निकाला था।
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