पन्ना में एक ही परिवार को दूसरी बार मिला जेम-क्वालिटी का हीरा, कीमत करीब 40 लाख
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में आदिवासी मजदूर राकेश गौड़ को खुदाई के दौरान 11.19 कैरेट का जेम-क्वालिटी हीरा मिला। हीरे की अनुमानित कीमत 35 से 40 लाख रुपए है। यह हीरा शासकीय नीलामी में रखा जाएगा। करीब दो साल पहले राकेश के पिता चुनुवादा गौड़ को भी 93 लाख का हीरा मिला था। एक ही परिवार को दूसरी बार हीरा मिलने की यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है।
पन्ना की खदान में चमकी किस्मत
सोमवार की सुबह राकेश गौड़ अहिरगुवा कैंप की उथली खदान में हमेशा की तरह खुदाई कर रहे थे। तभी मिट्टी के बीच कुछ चमकता हुआ दिखा। राकेश ने मिट्टी हटाई तो हाथ में एक बेशकीमती पत्थर था।
राकेश तुरंत पन्ना हीरा कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने जांच कर बताया कि यह 11.19 कैरेट का जेम-क्वालिटी हीरा है। इसकी कीमत 35 से 40 लाख रुपए के बीच आंकी गई है।
हीरे को कार्यालय में जमा कर लिया गया है। अब इसे आगामी सरकारी नीलामी में रखा जाएगा।
दो साल की मेहनत का फल
राकेश पिछले दो साल से हीरे की तलाश में रोज खदान में उतरते थे। इस साल अप्रैल में उन्होंने अपने नाम पट्टा बनवाया। भाइयों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर खदान शुरू की।
सिर्फ दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद यह बड़ी कामयाबी हाथ लगी। राकेश का परिवार इस क्षेत्र में खदान लगाने का पुराना अनुभव रखता है।
पिता को भी मिला था एक करोड़ का हीरा
राकेश को हीरा मिलने के बाद उनके परिवार से जुड़ी एक और बात सामने आई। जुलाई 2024 में राकेश के पिता चुनुवादा गौड़ को कृष्णा कल्याणपुर पटी बजरिया की खदान में 19.22 कैरेट का हीरा मिला था।
उस हीरे की कीमत उस समय 95 लाख से एक करोड़ रुपए के बीच आंकी गई थी। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद भी इस परिवार ने खदान में काम जारी रखा।
अगली खदान की तैयारी में जुटे राकेश
राकेश का कहना है कि इस बार जो पैसे मिलेंगे उनसे वे नई खदान लगाएंगे। उनका इरादा है कि आगे भी इसी तरह काम करते रहेंगे। पन्ना जिला हीरे की खदानों के लिए पूरे देश में मशहूर है।
पट्टा प्रणाली के तहत सरकार आम लोगों को खदान लगाने की अनुमति देती है। इसी के जरिए गरीब परिवार भी हीरे की खोज में उतर सकते हैं।
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