पतंजलि का Cow's Ghee लैब जांच में फेल, एक बैच की बिक्री पर रोक, बाजार से वापस मंगाने के निर्देश
इसलिए दिए गए आदेश
खाद्य सुरक्षा आयुक्त के आदेश में बताया गया है कि छिंदवाड़ा में 10 अगस्त को इस बैच के घी का एक नमूना अनिल किराना, देलाखारी, तहसील तामिया से लिया गया था। यह भोपाल लैब की जांच में अनसेफ (असुरक्षित) पाया गया है। इस बैच का निर्माण अप्रैल 2026 में हुआ था और इसकी एक्सपायरी डेट दिसंबर 2026 है।
पतंजलि के घी में मिला सीसा, जांच रिपोर्ट में खुलासा
द सूत्र को मिली पतंजलि फूड्स के Cow's Ghee की जांच रिपोर्ट में सीसा (Lead) पाए जाने की जानकारी सामने आई है। सीसा एक जहरीली भारी धातु है। यह शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकती है। आमतौर पर घी में सीसे की मौजूदगी की अपेक्षा नहीं की जाती। हालांकि इस बैच के घी में सीसा किस वजह से पहुंचा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
आखिर घी में सीसा कैसे पहुंच सकता है?
पतंजलि घी में सीसा पहुंचने की कई वजहें हो सकती हैं। दूध देने वाले पशुओं के चारे, पानी या आसपास के प्रदूषित वातावरण से सीसा दूध तक पहुंच सकता है। इसके अलावा घी बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और बर्तनों से भी सीसा मिलने की आशंका रहती है। पैकेजिंग और भंडारण के दौरान भी ऐसा हो सकता है। हालांकि पतंजलि के इस बैच में सीसा कहां से आया, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
सेहत के लिए कितना खतरनाक है सीसा?
सीसा शरीर के लिए नुकसानदेह भारी धातु है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से दिमाग, किडनी और नर्वस सिस्टम पर असर पड़ सकता है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए इसका खतरा ज्यादा होता है। सीसे के संपर्क का कोई सुरक्षित स्तर स्थापित नहीं है। हालांकि किसी खाद्य पदार्थ से कितना खतरा है, यह उसमें मौजूद सीसे की मात्रा और उसके सेवन पर निर्भर करता है।
घी की बिक्री भी बंद, सभी जगह से हटाना होगा
आदेश में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा का हवाला देते हुए कहा गया है कि खाद्य उत्पाद असुरक्षित पाए जाने पर उसे बाजार से हटाने का प्रावधान है। इसके तहत खाद्य सुरक्षा आयुक्त निर्देश जारी कर सकते हैं। इसी आधार पर ये आदेश दिए गए हैं।
अनिल किराना को तत्काल इसकी आपूर्ति बंद करनी होगी। वहीं, इस बैच का घी जिसके पास भी हो, चाहे वह थोक विक्रेता हो, डिस्ट्रीब्यूटर हो या रिटेल विक्रेता, वह इसकी बिक्री नहीं करेगा। साथ ही जहां भी यह घी बिक्री के लिए रखा होगा, उसे चिह्नित कर उस पर 'नॉट फॉर सेल' (Not For Sale) लिखना होगा।
कंपनी इस घी को वापस बुलाएगी
इसके साथ ही पतंजलि फूड्स, अहमदनगर, महाराष्ट्र को इस बैच का घी सभी जगहों से वापस मंगाना होगा। सभी विक्रेताओं को ग्राहकों और अन्य जगहों पर बेचे गए इस बैच के घी को भी वापस लेना होगा।
कंपनी को बैच नंबर एफएडब्ल्यूवाईबी 260017 के सभी घी पैकेट बाजार से हटाने होंगे और उनकी बिक्री रोकनी होगी। खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने इन सभी कार्रवाइयों की जानकारी संबंधित अधिकारियों से मांगी है।
आपके घर में भी पतंजलि का घी है? ऐसे करें पहचान
अगर आपने पतंजलि का Cow's Ghee खरीदा है, तो उसके पैकेट पर लिखा बैच नंबर जरूर देखें। जिस घी को बाजार से वापस मंगाने के आदेश दिए गए हैं, वह 200 एमएल पैक का है। इसका बैच नंबर एफएडब्ल्यूवाईबी 260017 है। निर्माण का महीना अप्रैल 2026 और एक्सपायरी दिसंबर 2026 है।
अगर आपके पास इसी बैच का पैकेट है, तो फिलहाल इसका इस्तेमाल न करें। पैकेट पर दर्ज जानकारी का मिलान करें। ध्यान रखें कि आदेश केवल एक खास बैच के लिए है। पतंजलि के सभी घी उत्पादों की बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई है।
घी को लेकर पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से हुआ था विवाद
पतंजलि के घी को लेकर बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि गाय-भैंस पालोगे, तभी शुद्ध घी मिलेगा, नहीं तो रामदेव का नकली घी खाना पड़ेगा।
इस बयान के बाद बाबा रामदेव ने इंदौर में सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपए का मानहानि का केस भी दायर किया था। हालांकि, बाद में दोनों के बीच सुलह हो गई। इंदौर हाईकोर्ट से केस भी वापस ले लिया गया।
वहीं, बाबा रामदेव ने कहा था कि पतंजलि का कुछ भी नकली और मिलावटी नहीं है।