पटवारी 30 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा
समझें क्या है पूरा मामला
- पटवारी संदीप यादव रिश्वत लेते गिरफ्तार।
- लोकायुक्त भोपाल ने ट्रैप कार्रवाई की।
- 30 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया।
- जमीन बंटवारे और नामांतरण का मामला।
- भ्रष्टाचार अधिनियम में केस दर्ज।
लोकायुक्त भोपाल ने बड़ी कार्रवाई
विदिशा जिले के नटेरन में लोकायुक्त भोपाल ने बड़ी कार्रवाई की है। पटवारी संदीप यादव को 30 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। पटवारी पर जमीन बंटवारे, नामांतरण और फौती प्रकरण में घूस मांगने का आरोप है।
रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार
विदिशा पटवारी रिश्वत केस में लोकायुक्त भोपाल ने कार्रवाई की है। नटेरन तहसील में पदस्थ पटवारी संदीप यादव को गिरफ्तार किया गया है। लोकायुक्त टीम ने उसे 30 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। आरोप है कि पटवारी ने किसान से भूमि संबंधी काम के लिए रिश्वत मांगी थी। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
किसान ने की शिकायत
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार प्रमेन्द्र धाकड़ ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने 6 जुलाई को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय भोपाल में आवेदन दिया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि पटवारी जमीन संबंधी काम रोक रहा था। पारिवारिक भूमि बंटवारे के लिए रिश्वत मांगी गई थी। इसके अलावा नामांतरण और फौती प्रकरण भी शामिल थे। शिकायत के बाद लोकायुक्त ने मामले की जांच शुरू की।
शिकायत का सत्यापन
लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। इसके बाद टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। गुरुवार को लोकायुक्त अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू की। शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देकर पटवारी के पास भेजा गया। जैसे ही पटवारी ने रुपए लिए, टीम ने उसे पकड़ लिया।
निजी कार्यालय में कार्रवाई
लोकायुक्त की कार्रवाई तहसील कार्यालय के पीछे हुई। पटवारी के निजी कार्यालय में रिश्वत लेते समय गिरफ्तारी की गई। टीम ने मौके से रिश्वत की रकम बरामद की। इसके बाद आरोपी पटवारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
मामले की जांच अभी जारी है।
भ्रष्टाचार केस दर्ज
पटवारी संदीप यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उस पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित 2018 की धारा 7 लगाई गई है। लोकायुक्त पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
जांच के दौरान अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जाएगी।
लोकायुक्त टीम की कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल के मार्गदर्शन में हुई। निरीक्षक घनश्याम सिंह मर्सकोले की निगरानी में टीम ने कार्रवाई की। ट्रैप दल का नेतृत्व निरीक्षक कविन्द्र सिंह चौहान ने किया। टीम में निरीक्षक रजनी तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
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